Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Author: admin
जशपुरनगर । नारायणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रणपुर के पास स्थित बेलसुनेगा डेम में एक आश्चर्यजनक मामला सामने आया है। मनसा देवी सती समाज के अनुयायियों को हैरतअंगेज कृत्यों के लिए जाना जाता है, जो जीभ में तलवार, नुकीली धारदार हथियार चुभोते हैं, गाल में चुबोकर नृत्य करते हैं।
गुरुवार सुबह 11:30 बजे अचानक डेम के पास एक पिकअप में भरे अनुयाई यहां पहुंचे। बड़ी संख्या में महिलाओं ने डेम से एक महिला को निकाला और उसका जमकर स्वागत किया गया। अनुयायियों का दावा है कि महिला नवरात्रि के दिन से डैम में जल समाधि ली हुई थी, जिसका आज निकलना तय हुआ था।
करीब 11 दिन के बाद वह पानी से भरे डेम से बाहर निकली। डेम के पानी से निकलते हुए देखने का दावा सैकड़ों ग्रामीण कर रहे हैं, लेकिन निकलने के दौरान किसी के पास मोबाइल कैमरा नहीं था। जल समाधि लेने वाली महिला का नाम विमला बाई है, जो बगीचा ब्लॉक के ग्राम कोरवा बहरी की निवासी है। घटना पूरे ग्रामीण क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
महासमुंद । छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक बार फिर जंगली भालू का हमला हुआ है। मिली जानकारी के मुताबिक यहां पिथौरा वनपरिक्षेत्र के ग्राम चैनडीपा में खेत में काम कर रहे एक युवक पर जंगली भालू ने हमला कर दिया।
खेत में काम कर रहा युवक केशव 23 साल का है और उसे घायल हालत में पिथौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वन विभाग ने राहत के रूप में घायल केशव को एक हजार रुपए की सहायता राशि दी है।
गरियाबंद । छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव में हुए भारी मतदान से नक्सली नाराज हैं और बौखलाहट मिटाने के लिए बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश कर रहे थे, लेकिन गरियाबंद पुलिस ने यहां इनकी साजिश को नाकाम कर दिया है। पुलिस और सुरक्षा बलों की 24 अप्रैल को यहां नक्सलियों से मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने एक नक्सली को पकड़ा था । पकड़े गए नक्सली ने इस बड़ी साजिश का खुलासा किया है। इसी के साथ पुलिस ने पकड़े गए नक्सली की निशानदेही पर बड़ी तादात में बम बनाने का सामान और अन्य हथियार जब्त किए हैं।
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक एम आर अहिरे ने गुस्र्वार को एक प्रेस वार्ता के दौरान इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 24 अप्रैल को सूचना प्राप्त हुई थी कि कोदोमाली के मध्य मुख्य सड़क मार्ग के किनारे नक्सलियों ने बैनर पोस्टर लगाए हैं।
इस सूचना के आधार पर थाना जुगाड़ से उपनिरीक्षक कैलाश केशरवानी के नेतृत्व जिला बल व सीआरपीएफ 211 बीएन ई कंपनी के असिस्टेंट कमांडेंट श्रीराम शर्मा के नेतृत्व में संयुक्त पार्टी को तस्दीक के लिए वहां रवाना किया गया।
टीम को ग्राम तौरेंगा और कोदोमाली के मध्य मुख्य सड़क के किनारे पेड़ में लाल रंग के कपड़े का बैनर-पोस्टर लगा मिला। जिसमें मैनपुर नुआपाड़ा डिविजन कमेटी के नक्सलियों द्वारा राजनीतिक प्रत्याशियों और पुलिस के विरूद्ध व नक्सली नारे लिखे हुए थे।
पुलिस पार्टी द्वारा बैनर पोस्टर को निकाला जा रहा था इसी बीच नक्सलियों ने पेड़ों पर लगे बैनर के पास आइईडी विस्फोट कर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस पार्टी ने जवाबी फायरिंग की की। पुलिस पार्टी को हावी होता देख 20-22 बंदूकधारी नक्सल सदस्य जंगल की ओर भाग गए। जिनका पुलिस पार्टी द्वारा पीछा किया गया तो एक नक्सली जंगल के भीतर पकड़ा। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अर्जुन उर्फ पायकू पिता आयतु कुंजाम निवासी लेंड्रा-पालनार थाना गंगालूर जिला बीजापुर बताया, जो सीपीआई माओवादी मैनपुर नुआपाड़ा डिविजन कमेटी अंतर्गत टेक्नीकल टीम का डिप्टी कमांडर है, जिस पर तीन लाख स्र्पये का इनाम घोषित है।
घटना में एसजेडसी जयराम उर्फ गुड्डू, गुड्डू का गार्ड मंजूला और शर्मिला, संगीता, सीनापाली एरिया कमेटी के राजीव, विद्या, जनीला, पूजा, नंदिनी, गीता, अंजली, एसडीके एरिया कमेटी के बलदेव, पार्वती, दिलीप, उमेश, शंकर, रिंकी, रूपेश, उदंती एलओएस के आकाश, रामजी, रामे, सुरती, सुमित्रा, नंदू उर्फ नंदलाल को शामिल होना बताया।
शेष नक्सलियों की पतासाजी के लिए घटना स्थल के आसपास दिनभर सर्चिंग की गई तो मौके से 50 मीटर लगभग लंबा इलेक्ट्रिक वायर, विस्फोट से टूटा हुआ प्रेशर कुकर का टुकड़ा, नक्सल बैनर-पाम्पलेट बरामद किया गया। इसके अलावा गिरफ्तार नक्सली की निशानदेही पर 6 नग जिलेटिन स्टीक, 4 नग डेटोनेटर, 8 नग बैटरी सेल भी वहां बरामद हुए।
पूछताछ में गिरफ्तार नक्सली ने बताया कि लोकसभा चुनाव में जिला गरियाबंद में हुए भारी मतदान से माओवादी अत्यधिक बौखलाए हुए हैं। मतदान केन्द्र ग्राम ओंढ़, आमामोरा, साहेबिनकछार व नागेश में तैनात सुरक्षा बलों व मतदान पार्टी को नुकसान पहुंचाने की योजना माओवादियों द्वारा बनाई गई थी, लेकिन यह योजना सुरक्षा बलों की सटीक रणनीति की वजह से नाकाम हो गई।
इसी बौखलाहट में नक्सली अब यहां बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। गिरफ्तार नक्सली से पूछताछ में नक्सली डेरे, आश्रय स्थल व नक्सलियों के भविष्य की रणनीतियों से जुड़ी अन्य कई गोपनीय सूचनाएं मिली हैं जो नक्सल विरोधी अभियान में प्रभावी कार्यवाही के लिए उपयोगी साबित होंगी।
रायगढ़ । रायगढ़ नेशनल हाईवे क्रमांक-49 में सड़क दुर्घटना में बोरवेल की गाड़ी पलट गई, जिसमें एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम कुनकुनी के पास निर्माणाधीन रोड के अनियंत्रित होकर पलटने से एक मजदूर की बोर वेल्स की पाइप में दबकर घटनास्थल में दर्दनाक मौत हो गई, इसके अलावा 2 अन्य मजदूर घायल हो गए है।
बताया जा रहा है कि मजदूर बोर खनन वाली गाड़ी के ऊपर पाइप में बैठकर गन्तव्य जा रहे थे। इस बीच वाहन खराब रोड के कारण निर्माणधीन पुल के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। सड़क हादसे में मजदूर की मौत के बाद घटनास्थल में लोगो का जमावड़ा लग गया। सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार एवं नेशनल हाईवे की अधिकारियों के प्रति लोग अपना गुस्सा जता रहे हैं।
कोरबा । सीतामढ़ी के पास स्थित वैष्णो दरबार मंदिर के पास एक बच्चे की लाश मिली थी. बच्चे के चेहरे और सिर पर चोट के निशान थे. परिजनों ने घटना को साजिश बताया था. पुलिस ने मामले को संदिग्ध मान जांच शुरू की. पुलिस ने घंटेभर में ही हत्या का खुलासा कर दिया ।
पुलिस टीम मौके पर पहुंच बारीकी से जांच करते पूछताछ शुरू की. कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना पर मौका मुआयना किया गया. मामला संदिग्ध मान मामले की जांच की गई तो छोटे लाल का नबालिग बेटा ही उत्तम का हत्यारा निकला ।
छोटे लाल का नाबालिक बेटा दुकान पर बैठा हुआ था. उत्तम अपनी मौसी के साथ छोटे लाल के दुकान पर पहुंचा. उत्तम की मौसी दुकान पर अपने काम में लग गई. उत्तम और छोटे लाल का नाबालिग बेटा एक साथ दुकान पर बैठे हुए थे. दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और हाथपाई हो गई ।
इस दौरान छोटेलाल के नबालिग बेटे ने गमछी से उत्तम के गले को घोट दिया और उसकी मौत हो गई. दोपहर के वक्त सूनापन का फायदा उठाकर अपचारी बालक ने लाश को दुकान से कुछ दूरी पर सड़क किनारे फेंक कर दुकान बंद कर घर चले गया ।
घटना की सूचना के बाद कोतवाली पुलिस सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे तो अपचारी बालक भी मौजूद था और वो घटना को अंजान समझकर साथ ही घूम रहा था. पुलिस जब जांच कार्यवाही शुरू किया तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के साथ प्रदेश की सभी 11 सीटों पर चुनाव हो चुका है. इसके साथ ही चुनावी सभाओं और प्रचार-प्रसार का सफर पूरी तरह थम चुका है. अब प्रदेश के दिग्गज नेता दूसरे प्रदेशों में आम सभाओं को संबोधित करने पहुंच रहे हैं ।
इसी क्रम में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल आज मध्यप्रदेश में सभाआएं करने वाले हैं. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार करने के लिए निकल चुके हैं सीएम जबलपुर में सबसे पहले दो चुनावी सभाओं क सम्बोधित करेंगे.इसके बाद जबलपुर से सटे पाटन विधानसभा में आमसभा में हिस्सा लेंगे. तीसरी सभा दोपहर 1.00 बजे जबलपुर के कुंडम में होगी. इसके बाद भूपेश बघेल 4 बजे रायपुर वापस लौट आएंगे. जानकारी के मुताबिक रात्रि 8.30 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे ।
रायपुर । ईस्ट कोस्ट रेलवे के खुर्दा रेल मंडल के कपिलास रोड और सालगांव रेलवे स्टेशनों के बीच 25 अप्रैल से 8 मई तक ( 14 दिनों तक) दोहरीकरण परियोजना का कार्य किया जा रहा है. इस वजह से कपिलास रोड एवं सालगांव रेलवे स्टेशनों के बीच नॉन-इंटरलॉकिंग का कार्य के चलते कुछ गाड़ियों का परिचालन परिवर्तित मार्ग से किया जायेगा. कुछ गाड़ियों का परिचालन नाराज मारथापुर परिवर्तित मार्ग से चलेगी ।
इन गाड़ियों का रूट रहेगा परिवर्तन
29 अप्रैल, 2 एवं 6 मई को भुवनेश्वर से चलने वाली 12880 भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस 1 एवं 4 मई को कुर्ला से चलने वाली 12879 कुर्ला-भुवनेश्वर एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
30 अप्रैल एवं7 मई को पूरी से चलने वाली 22866 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस 25 अप्रैल एवं 2 मई को कुर्ला से चलने वाली 22865 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
28 अप्रैल एवं 5 मई को कुर्ला से चलने वाली 12145 कुर्ला-पूरी एक्सप्रेस 30 अप्रैल एवं 7 मई को पूरी से चलने वाली 12146 पूरी-कुर्ला एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
25 अप्रैल एवं 8 मई को पूरी से चलने वाली 18425 पूरी-दुर्ग एक्सप्रेस 25 अप्रैल एवं 8 मई को दुर्ग से चलने वाली 18426 दुर्ग-पूरी एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग नाराज मारथापुर रेलवे स्टेशन में ठहराव देते रवाना होगी ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता विकास तिवारी ने छत्तीसगढ़ भाजपा के मीडिया विभाग प्रभारी नलिनीश ठोकने द्वारा समस्त मीडिया चैनलों के प्रबंधको को पत्र लिखकर उन्हें प्रतिबंधित करने की मांग को राजनैतिक विद्ववेष की भावना से प्रेरित बताया है. पूर्व में भी प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता द्वारा ऐसे ही टीवी चैनल के डिबेट में कही गई बातों को लेकर उन्हें वर्ष 2017 में आईपीसी की धारा 499/500 के तहत नोटिस भेज कर माफी मांगने या 50 लाख रूपए के मानहानी का मुकदमा दर्ज करने का पत्र भाजपा के विधी प्रकोष्ठ के वकील मनोज छाबड़ा के मार्फत भेजवाया गया था ।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा के मीडिया विभाग के द्वारा 23 अप्रैल के जिस परिचर्चा (डिबेट) में उन पर अशोभनीय भाषा का प्रयोग करने का झूठा आरोप लगाकर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रही है. उस परिचर्चा में ऐसी किसी भी भाषा का प्रयोग ही नहीं किया गया है. पूरे तथ्यात्मक एवं दस्तावेजी प्रमाण के आधार पर जवाब दिया गया. सच्चाई के उजागर होने पर भाजपा के प्रवक्ता तिलमिला गए और बौखलाकर भाजपा के मीडिया प्रभारी से विभिन्न चैनलों में कांग्रेस प्रवक्ता को प्रतिबंधित करने का लिखवाया गया है ।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि भाजपा को सबसे पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखना चाहिए, जो अपने प्रवक्ताओं द्वारा लगातार यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ अपशब्दो एवं अर्नगल भाषा का प्रयोग टीवी न्यूज चैनल के परिचर्चा के दौरान करती है. किस हक से भाजपा टीवी चैनलो के प्रंबधको को पत्र लिखकर प्रतिबंधित करने की मांग की है प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा है कि जिस टीवी डिबेट पर अशोभनीय भाषा कहने पर आरोप लगा रही है. उसके फुटेज की जांच की जाये तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा ।
प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि उनके द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता द्वारा डीकेएस अस्पताल में करोड़ो रूपये के अनियमितताओं के जांच मांग की शिकायत एवं पूर्व ओएसडी अरूण बिसेन की पत्नि को दिये जा रहे लाखों रूपये के वेतन के जांच हेतु लिखे गये पत्र से तिलमिला कर भाजपा द्वारा मुझ पर अर्नगल तथ्यहीन एवं मनगढ़ंत आरोप लगाकर प्रदेश के प्रतिष्ठित न्यूज चैनलो के प्रतिबंध लगाने की मांग सुनियोजित साजिश के तहत की गयी है. इस प्रकार का प्रतिबंध भाजपा की हताशा को प्रदर्शित करती है. विकास तिवारी ने कहा कि मैं ऐसी साजिशो से में घबराता नहीं हूं और भविष्य में भी मेरे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह एवं उनके सरकार के घोटालो को उजागर करने का काम अनवरत किया जायेगा. भाजपा के द्वारा लगाये गये प्रतिबंध से मैं भयभीत होने वाला नहीं हूं ।
रायपुर । लोकसभा के तीसरे चरण का चुनाव संपन्न होने के साथ ही अब सारा फोकस ईवीएम पर आ टिका है. निर्वाचन आयोग ने सेजबाहर स्थित गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में स्ट्रांग रुम बनाकर ईवीएम को 23 मई तक के लिए सील पैक कर दिया है ।
रायपुर के एसएसपी आरिफ शेख ने बताया कि चुनाव के बाद ईवीएम को जमा करने के साथ गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज में तमाम जिम्मेदार अधिकारियों और राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं के सामने स्ट्रांग रुम को सील किया गया. स्ट्रांग रुम के साथ संस्थान को छावनी में तब्दील कर दिया है. सुरक्षा में 400 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है. इसके अलावा सीसीटीवी के जरिए स्ट्रांग रुम में नजर रखी जा रही है. वहीं अंदर की तस्वीर बाहर प्रोजेक्टर के जरिए दिखाई जा रही है. रायपुर लोकसभा की नौ विधानसभा क्षेत्र में से सात क्षेत्रों की ईवीएम को जीईसी में रखा गया है ।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में चुनाव के साथ मतदान की प्रकिया समाप्त हो गई है. अब सभी को इंतजार नतीजे को लेकर है. लेकिन सभी 11 सीटों का विश्लेषण करे तो पता चलता है कि परिणाम विधानसभा चुनाव की तरह ही रह सकता है. लेकिन ये बात भी सच है कि राष्ट्रवाद के मुद्दे के बीच मोदी लहर से इंकार नहीं किया जा सकता है. खास तौर पर शहरी मतदाताओं में मोदी प्रभाव का असर दिखा है. लेकिन बीजेपी के लिए फिर भी राह आसान नहीं है. खुद भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बड़े नेता भी यह मानते हैं कि छत्तीसगढ़ में इस बार परिस्थितियां 2014 की तरह अनुकूल नहीं है. लेकिन भाजपा के नेता फिर भी कह रहे हैं विधानसभा के परिणाम के उलट लोकसभा में हम अच्छी स्थिति में है. दूसरी ओर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता इस चुनाव को भी विधानसभा की तरह ही मानकर चल रहे हैं. मतलब कांग्रेसियों का आंकलन है कि जनता इस चुनाव में पूरी तरह से कांग्रेस के साथ हैं ।
छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने के बाद अगर बीते तीन चुनावों की बात करे तो राज्य में भाजपा की सत्ता रहते हुए 2004, 2009 और 2014 में बीजेपी 11 में से 10 सीटों पर काबिज होती रही है. उस स्थिति में भी जब 2004 और 2009 में केन्द्र में कांग्रेस की सरकार बनी. लेकिन इस बार भाजपा के सामने चुनौती यह रही है कि राज्य में सत्ता कांग्रेस के पास है. लिहाजा परिस्थितियां बीते तीन चुनावों की तरह नहीं रही. लेकिन बीजेपी के लिए अच्छी बात ये भी रही कि 2014 की तरह मोदी लहर पूरी तरह तो नहीं शहर में जरूर दिखा है. ऐसे में भाजपा ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के बीच कड़ी टक्कर दी है इससे इंकार नहीं किया जा सकता ।
लेकिन भाजपा के लिए मुश्किल और कांग्रेस के लिए फायदेमंद जो बात है वह शहरी और ग्रमीण मतदाताओं के बीच एक बड़ा अंतर है . माना यह जाता है कि शहरी मतदाताओं में भाजपा की पकड़ मजबूत रहती है जबकि ग्रामीण मतदाताओं में कांग्रेस की. वैसे देश के अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में मोदी का जादू यहां के शहरी मतदाताओं में भी चला इसकी चर्चा भी खूब है. लिहाजा बीजेपी इसी आसरे मतदान के बाद गदगद है. तो कांग्रेस के लिए खुश होने वाली बात ये है कि शहर में मतदान प्रतिशत ग्रमीण क्षेत्रों के मुकाबले कम रहा है ।
जिन 7 सीटों पर 23 अप्रेल को मतदान हुआ है वहां विधानसभावार मतदान प्रतिशत के आंकड़े देखें तो भाजपा और कांग्रेस के लिए जो आंकड़ा बैठेगा वह यह हो सकता है ।
रायपुर लोकसभा सीट-
रायपुर लोकसभा सीट पर 9 विधानसभा सीटें हैं. इसमें शहरी क्षेत्र रायपुर के 4 विधानसभा सीटें है, जबकि 5 विधानसभा सीटें ग्रामीण क्षेत्र की है. रायपुर में मतदान का औसत प्रतिशत 64.60 रहा है.
रायपुर दक्षिण में 53.41
रायपुर उत्तर में 54.93
रायपुर पश्चिम में 53. 26
रायपुर ग्रामीण में 59.69
बलौदाबाजार में 60.30
भाटापारा में 61.60
आरंग में 68.73
धरसींवा में 69.78
अभनपुर में 74.12 प्रतिशत मतदान हुआ है ।
इसी तरह से अगर दुर्ग लोकसभा सीट में देखें तो यहां औसत मतदान 66.95 प्रतिशत रहा. लेकिन शहरी क्षेत्र दुर्ग शहर में 58, भिलाई नगर में 64.40, वैशाली नगर में 55.98 प्रतिशत मतदान हुआ. बाकी 6 ग्रामीण क्षेत्र वाली विधानसभा सीटों में औसत मतदान प्रतिशत 67 से ऊपर रहा है ।
इसी तरह से आप चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए इस सारिणी में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत का विश्लेषण कर सकते हैं. अगर लोगों के बीच चर्चाओं और मतदान प्रतिशत के आंकड़ों का विश्लेषण करे तो शहरी मतदाताओं की संख्या ग्रामीण मतदाताओं के आगे कम है. ऐसे में मोदी लहर के बावजूद शहरी मतदाता उतनी तदात में मतदान केन्द्र पहुँचे जितनी तादाद में ग्रामीणजन पहुँचे ।
फिर इसके मायने निकाले क्या जाएं क्या इसका मतलब है कि भाजपा को छत्तीसगढ़ में मोदी लहर के बावजूद नुकसान हो रहा है. अगर नुकसान हो रहा है तो फिर कांग्रेस की बढ़त 2014 के मुकाबले कितनी हो सकती है ? भाजपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं, क्षेत्रवार पत्रकारों और आम मतदाताओं से मिले फीडबैक के मुताबिक और मतदान प्रतिशत तो यही बता रहे हैं कि इस बार छत्तीसगढ़ में आंकड़ा 9+2 = 11 का रह सकता है ! मतलब ग्रमीण मतदाताओं ने कांग्रेस का साथ दिया है तो यह साफ है कि कांग्रेस को 2014 के मुकाबले 8 सीटों का फायदा तो भाजपा को 2014 के मुकाबले 8 सीटों का नुकसान हो रहा है।
बीजेपी अगर अपनी सीट बचाने की स्थिति में नजर आ रही है तो वो बिलासपुर और जांजगीर. मतलब यही वो दो सीट है जहां से बीजेपी जीत रही है. जबकि कांग्रेस के खाते में शेष सभी सीट जा रही है. हालांकि इसमें दुर्ग और कांकेर की सीट पर कांटे की टक्कर है. फिलहाल आंकड़ें कितनी सटीक बैठती है, इसमें कितनी सच्चाई है इसका पता 23 मई को आने वाले परिणाम से चलेगा ।