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panchayattantra24.com,बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अध्यक्ष किरणमयी नायक के बयान पर आयोग की पूर्व अध्यक्ष हर्षिता पांडेय ने पलटवार करते हुए इसे महिला विरोधी और गैर जिम्मेदाराना बताया है. उन्होंने कहा कि राज्य का वुमन कमीशन एंटी वुमन कमीशन की तरह काम कर रहा है । 
हर्षिता पांडेय ने कहा कि वर्तमान अध्यक्ष का यह बयान कि अधिकांश महिलाएं अपनी सहमति से संबंध बनाती हैं, और बाद में बलात्कार का आरोप लगाती है, कतई स्वीकार्य नहीं है. छग राज्य महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्ष के अनुसार अधिकांश मामलों में महिलाएं गलत होती हैं । 
उन्होंने कहा कि ऐसा कहते समय शायद महिला आयोग अध्यक्ष यह भूल गयीं कि किसी से भी छलपूर्वक या ग़लत जानकारी के आधार पर प्राप्त सहमति को सहमति नहीं माना जा सकता. एक या कुछ घटनाओं के आधार पर एक सामान्यीकृत निष्कर्ष निकालकर उसे सारी महिलाओं पर लागू नहीं किया जा सकता. ऐसा करने की बजाय हर मामले को एक-दूसरे से स्वतंत्र और बिना किसी पूर्वाग्रह के देखा जाना चाहिए । 
पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि एक ऐसी संस्था जो महिलाओं के हितों के संरक्षण और संवर्धन के लिए है, के सर्वोच्च पद पर बैठे पदाधिकारी द्वारा अधिकांश महिलाओं के प्रति ऐसा पूर्वाग्रह रखना दुर्भाग्यपूर्ण है. महिला वर्ग को, उसके हितों को यहाँ तक कुछ मामलों में उनके अस्तित्व को भी विधिक संरक्षण की आवश्यकता है, तभी तो महिला आयोग है. जिनके कंधों पर संरक्षण का दायित्व है, जब वो ही ऐसी सोच रखने लगें तो ऐसे में राज्य में महिला आयोग को वुमन कमीशन कहने की बजाय एंटी वुमन कमीशन कहना ज़्यादा उचित होगा । 
हर्षिता पांडेय ने कहा कि प्रदेश में जब सत्ता में बैठे लोग कोंडागांव, बलरामपुर, कवर्धा और जशपुर जैसे मामलों में महिलाओं के साथ हुए अत्याचार में न्याय दिलाते नही दिखते तब महिला आयोग और इस सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार होने के नाते वे प्रदेश की सारी महिलाओं के साथ हर स्थिति में उनके हितों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग के माध्यम से हर कदम पर साथ खड़ी हैं । 
 

 
panchayattantra24.com,बिलासपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की एकल खंडपीठ मे न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी ने याचिकाकर्ता रायसेन पाल की रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए इन्दिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर मे पीएचडी की एक सीट रिक्त रखने का अन्तरिम आदेश दिया है।
आपको बता दें इंदिरा गाँधी कृषि विश्व विद्यालय रायपुर द्वारा विभिन्न विषय पर पीएचडी के लिए आवेदन आमंत्रित किये गए थे। यचिकाकर्ता ने भी आवेदन किया था। विश्व विद्यालय द्वारा जारी मेरिट सूची में उसे प्रथम रैंक प्राप्त हुआ था। इसके बाद जब ऑनलाइन फीस का पेमेंट करने यचिकाकर्ता ने विश्व विद्यालय की वेबसाइट पर प्रयास किया तो उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया।
जिससे व्यथित होकर याचिकाकर्ता ने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से उच्च न्यायालय मे रिट याचिका प्रस्तुत की। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायामूर्ति गौतम भादुड़ी ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय को नोटिस जारी करते हुए आगामी तिथि तक पीएचडी की एक सीट रिक्त रखने का निर्देश दिया है।

बिलासपुर जिले में इस तरह का मामला एक नजीर के रुप में देखा जाएगा, भ्रष्ट अधिकारी संभल जाएं- जयसिंह अग्रवाल
 
 
panchayattantra24.com,बिलासपुर। राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आज बिल्हा तहसीलदार सत्यपाल राय को जमीन की अफरा-तफरी मामले में निलंबित कर दिया. इसकी जानकारी उन्होंने बिलासपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी. उन्होंने बताया कि 8 दिसम्बर को शाम खबरों के के माध्यम से उन्हें खबर मिली थी कि 26 एकड़ सरकारी जमीन को बिल्हा तहसीलदार ने कुछ व्यापारी और अन्य लोगों के नाम कर दिया है. इस जमीन का नामांतरण करके मुआवजा भी ले लिया गया है. जिस जमीन की अफरा-तफरी की गई है, उस पर से नेशनल हाईवे गुजरता है ।  
प्रात्रकारो को सम्बोधित करते हुए राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बताया कि 26 एकड़ सरकारी जमीन की अफरा-तफरी के मामले में उन्होंने कल शाम ही एसडीएम, तहसीलदार से चर्चा की ।  
पहली नजर में पाया गया कि बिल्हा तहसीलदार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर जमीन का न केवल नामांतरण- हस्तांतरण किया है, बल्कि उसने करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार भी किया है. इस मामले में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने बिलासपुर कलेक्टर को जांच का निर्देश दिया है ।  
जांच पूरी होते ही जल्द ही इस मामले का सच सामने आ जाएगा. जयसिंह अग्रवाल ने यह भी बताया कि बिलासपुर जिले में इस तरह का मामला एक नजीर के रूप में देखा जाएगा. इस नजीर को देखते हुए प्रदेश स्तर पर कार्यवाही की जाएगी. हो सकता है अन्य स्थानों पर भी इस तरह की गड़बड़ी की गई हो ।  
विभाग द्वारा सरकारी जमीन पर नजर रखी जा रही है. ऐसे मामले में जो भी जिम्मेदार होगा उसे बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने आगे कहा हमारी सरकार जमीन के मामले में गंभीर है. किसी भी प्रकार की अनियमित्ता पाए जाने पर उसकी जांच और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है ।  
 

 
panchayattantra24.com,बिलासपुर। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत बिलासपुर में पायलट आधार पर महिलाओं के लिए विशेष दाई- दीदी क्लिनिक योजना शुरू की गयी है। यह योजना गरीब महिलाओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है। डाॅक्टर और अस्पताल की सुविधा अपने घर के पास पाकर महिलाएं खुश हैं।
शहर के ईमलीभाठा स्लम एरिया में दाई- दीदी क्लिनिक में ईलाज कराने आयी 55 वर्षीय शांति साहू विगत कई दिनों से दांत दर्द से परेशान थी। आज वे यहां इसका ईलाज करवाने आयी थी। साथ ही उन्होंने बी.पी एवं शुगर की भी जांच करवा ली। उन्होंने बताया कि सब जांच जल्दी- जल्दी हो गया और उन्हें दवाई भी मिल गयी। वे कहती हैं कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक दिन ऐसा भी आएगाा कि डाॅक्टर और अस्पताल खुद चलकर उनके घर तक आएंगे। इस योजना के लिए वे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि हम गरीबों के लिए महंगे अस्पताल में ईलाज करवाना आसान नहीं है। हमारे लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
35 वर्षीय सुमित्रा फातोड़े यहां ब्लड टेस्ट करवाने आयी थी। उन्होंने बताया कि जांच के साथ ही रिपोर्ट भी तुरंत मिल गया। वे कहती हैं कि इस मोबाईल क्लिनिक में सभी स्टाॅफ महिलाएं हैं इसलिए हम बिना किसी झिझक के अपनी स्वास्थ्यगत समस्या इन्हें बता सकते हैं। ललिता बंजारे भी अपना ईलाज करवाने आयी थी। वे कहती हैं कि अब हमें अस्पतालों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। अब हमें घर बैठे अस्पताल की सुविधा निःशुल्क मिल रही है।
स्तन कैंसर के अलावा गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच की सुविधा
दाई दीदी क्लिनिक में महिलाओं के प्राथमिक उपचार के साथ-साथ महिला चिकित्सक द्वारा स्तन कैंसर की जांच, हितग्राहियों को स्व स्तन जांच का प्रशिक्षण, गर्भवती महिलाओं को नियमित एवं विशेष जांच की अतिरिक्त सुविधा दी जा रही है। इस मोबाईल क्लिनिक में 4 महिला मेडिकल स्टाॅफ है जिनमें 1 डाॅक्टर, 1 फार्मासिस्ट, 1 नर्स एवं 1 लेब टेक्निशियन शामिल है।

 
panchayattantra24.com,बिलासपुर। न्यायाधानी बिलासपुर के तोरवा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने तीन दिन में तीन लापता नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद किया है, जिन्हें उनको परिजनों के सुपुर्द किया गया हैं. इसमें से एक अपरहण का मामला था, जिसमें पुलिस ने एक आरोपी युवक को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस की यह सतर्कता और तत्परता बताती है कि अपराधों को लेकर कितनी सजग है ।
17 साल की लड़की का अपहरण
पुलिस के मुताबिक तोरवा पुलिस को 6 दिसंबर को सूचना मिली थी कि पुराना पावर हाउस चौक निवासी 17 वर्षीय नाबालिग घर से लापता है. शिकायत के बाद पुलिस तत्काल हरकत में आई और नाबालिग की तलाश शुरु की, तो पुलिस ने कुछ ही घंटों में ना केवल आरोपी बल्कि लड़की को भी सकुशल बरामद कर लिया. आरोपी को रायपुर के रामनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है. मामले में धारा 363, 366, 376 भादवि के तहत कार्रवाई की गई ।
परिजनों से नाराज बच्ची घर से भागी
दूसरा मामला भी तोरवा पुलिस थाने से ही था. जांजगीर जिले के पामगढ़ निवासी 12 वर्षीय नाबालिग बच्ची 4 दिसंबर को माता-पिता से नाराज होकर ऑटो में बैठकर बिलासपुर आ गई थी. रात को गश्त के दौरान पुलिस ने बच्ची को अकेले देखा और थाना लेकर आ गई. जिसके बाद पुलिस ने बच्ची को बालिका संरक्षण गृह भेज दिया. फिर दूसरे दिन परिजनों को सकुशल सौंप दिया गया है. इस तरह तोरवा पुलिस ने एक नाबालिग के साथ किसी भी अप्रिय घटना होने से रोक लिया ।
रिश्तेदार के यहां मिली 17 वर्षीय नाबालिग
तीसरा मामला भी कुछ इसी तरह का है, मुंगेली निवासी 17 वर्षीय नाबालिग लड़की 3 दिसंबर को घर से बिना बताए कहीं चली गई थी. मजदूर माता-पिता ने तोरवा थाने में आकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी लड़की लापता है. पुलिस ने टीम गठित कर लड़की की तलाश शुरु की गई, तो शाम के समय फोन पर एक मिस्ड कॉल मिला, जिस पर किसी लड़के ने फोन किया था, लेकिन उसके द्वारा कोई भी बातचीत नहीं की गई थी. वह नंबर तोरवा पुलिस को संदेहास्पद लगा. उस पर कॉल करने पर वह नंबर रायपुर, दुर्ग में किसी मेला में फेरी दुकान लगाने वाले दुकानदार का था. जिसे दूरभाष पर ही कड़ाई से पूछताछ की गई और नाबालिग के संबंध में तत्काल जानकारी देने के लिए हिदायत दिया गया. लेकिन बाद में वह लड़की जांजगीर के अकलतरा में अपने दूर के रिश्तेदार के घर मिली. फिर उसे समझा-बुझाकर सकुशल परिजनों को सौंप दिया गया ।
 

 
 panchayattantra24.com, बिलासपुर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण और प्रदेश के विभिन्न जेलों में कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए हाई कोर्ट ने जेलों में बंद कैदियों की पैरोल अवधि और बढ़ा दी है । 
हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक आज दिनांक 1 दिसंबर 2020 से अगले दो हफ्ते तक के लिए सभी कैदियों की पैरोल बढ़ाई गई है. हाई कोर्ट ने ये भी स्पष्ट कर दिया है कि इसके बाद किसी भी प्रकार की पैरोल अवधि नहीं बढ़ाई जाएगी। 
जाने क्या होता है पैरोल ?
पैरोल का सीधा साधा अर्थ है की , जब कोई भी व्यक्ति अपराध करता है, तो  उस व्यक्ति को पुलिस गिरफ्तार करती है , गिरफ़्तार किये गए  उस आरोपी व्यक्ति को पुलिस द्वारा  magistrate  या  court  के सामने 24 घंटे के भीतर हाजिर करना होता है , कोर्ट में उस व्यक्ति के अपराध के अनुसार न्यायाधीश के द्वारा सजा सुनाई जाती है, जिसके बाद उस व्यक्ति को जेल में भेज दिया जाता है। 
अब मान लीजिये उस दोषी व्यक्ति को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है, ऐसे में उस बंदी व्यक्ति को उसकी सजा की अवधि पूरी न हुयी हो या सजा की अवधि समाप्त होने से पहले उस व्यक्ति अस्थाई रूप (temporary) से जेल से रिहा कर देने को ही पैरोल कहते है.    यह पैरोल बंदी व्यक्ति के अच्छे आचरण (Good Behavior) को नजर में रखते हुए दी जाती है। 
 

 पंचायत तंत्र 24.com,बिलासपुर। महिला डॉक्टर को बैंक मैनेजर होने का झांसा देकर मोबाइल के जरिए एटीपी और ओटीपी नंबर पूछकर 87,996 रुपए का चूना लगाने वाले आरोपी को बिलासपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपी को साइबर सेल की मदद से ऑनलाइन ठगी के लिए प्रसिद्ध झारखंड के जामताड़ा जिले से धर दबोचा गया है ।
जानकारी के अनुसार, नर्मदा नगर, सिविल लाइन थाना निवासी 48 वर्षीय डॉ. बीना सिंह पति तीर्थेश्वर सिंह ने 15 सितंबर 2018 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी. इसमें अज्ञात आरोपी ने मोबाइल फोन में अपने को बैंक ऑफ बड़ौदा का मैनेजर बताते हुए वेरिफिकेशन के नाम पर एटीएम कार्ड का एटीपी नंबर पूछने के बाद ओटीपी नंबर पूछा. इस पर शक होने पर महिला ने तत्काल बैंक शाखा में जाकर जानकारी ली तो खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा 87996 रुपए ट्रांसफर करने की जानकारी मिली, जिस पर महिला ने सिविल लाइन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई ।
पुलिस अधीक्षक प्रशांत ने पदभार ग्रहण करने के बाद पूर्व में घटित अपराधों में आरोपियों की गिरफ्तारी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने दिए गए निर्देश पर साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक कलीम खान और थाना प्रभारी कोनी शीतल सिदार ने संयुक्त टीम का गठन किया. संयुक्त टीम साइबर सेल के उप निरीक्षक मनोज नायक के नेतृत्व में उप निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक धर्मेंद्र वैष्णव, सहा उप निरीक्षक शैलेन्द्र सिंह के नेतृत्व में अन्य स्टाफ के साथ झारखंड के जामताड़ा जिले रवाना किया गया ।
संयुक्त टीम ने लगातार 72 घंटे रेकी करने के बाद करमाटांड (जामताडा) में आरोपी को झारखंड पुलिस के साथ संयुक्त रूप से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया. मामले के गवाहों के समक्ष कड़ाई से पूछताछ में ग्राम कुरवा, थाना करमाटांड, जिला जामताड़ा, झारखंड निवासी आरोपी शिबु कुमार मंडल पिता विनोद मंडल (18 वर्ष 04 माह) ने अपराध करना स्वीकार किया. आरोपी के पास से ठगी के करने में प्रयुक्त दो मोबाइल कीपैड और स्मार्टफोन को जब्त किया गया. ठगी की गई रकम को आरोपी द्वारा शराब खोरी, घूमने-फिरने और अन्य फिजुल खर्ची में खर्च करना बताया ।
 

 
पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। आपराधिक प्रकरणों की विवेचना में लापरवाही पाये जाने पर बिलासपुर पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने विवेचकों को दंडित किया है. दंड भी ऐसा दिया है कि सेवानिवृत्त होने तक विवेचक इस सजा को याद रखेगा । 
इस कड़ी में थाना तखतपुर के धारा 363, 366 भादंवि के प्रकरण में अपहृता की पतासाजी में लापरवाही बरतने पर प्रधान आरक्षक 95 बी. केरकेट्टा को बुलाकर उसका पक्ष सुना गया. जवाब संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर प्रधान आरक्षक के वेतन में वेतनवृद्धि एक वर्ष के लिए रोकी गई । 
वहीं थाना रतनपुर की पदस्थापना के दौरान प्रधान आरक्षक 582 अजय चौरसिया के मर्ग प्रकरणों की जांच में लापरवाही बरतने पर वेतन में एक वार्षिक वेतन वृद्धि एक वर्ष के लिए रोकी गई है । 
इसके अलावा थाना तोरवा के दर्ज मर्ग में विवेचक पूर्व प्रधान आरक्षक 424 अंतराम विंध्यराज व पश्चातवर्ती विवेचक प्रधान आरक्षक 738 रोहित भारद्वाज के जांच को अकारण लंबित रखकर कर्तव्य के प्रति लापरवाही ल उदासीनता बरतने पर दोनों विवेचक प्रधान आरक्षक अंतराम विंध्यराज एवं रोहित भारद्वाज की एक वार्षिक वेतन वृद्धि एक वर्ष के लिए रोकने के दंड से दंडित किया गया है । 
 

 
पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। दीपावली के अवसर पर शहीद परिवारों के घर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का दीपावली का संदेश लेकर एसपी प्रशांत अग्रवाल पहुंचे. एसपी ने शहीद कांस्टेबल राजेश पटेल के परिजनों से तिफरा सिरगिट्टी आवास में भेंट कर मुख्यमंत्री का संदेश देते हुए उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनााएं दी. 2nd बटालियन छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में पदस्थ कांस्टेबल राजेश पटेल 2011 में भोपालपट्टनम शहीद हुए थे ।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार एसपी प्रशांत अग्रवाल के नेतृत्व में बिलासपुर पुलिस की अलग-अलग टीम जिले के 24 शहीद परिवारों के घर पहुंचे और मुख्यमंत्री का संदेश देते हुए उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए उपहार भेंट किया ।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दीपावली पर्व पर शहीद जवानों के परिजनों को शुभकानाएं प्रेषित की हैं. इस संदेश को पुलिस महानिदेशक और संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के भी माध्यम से शहीदों के परिजनों को भेंट किया जा रहा है ।
सीएम बघेल ने अपने संदेश में शहीदों की शहादत को नमन करते हुए कहा है कि राज्य बनने के बाद अब तक छत्तीसगढ़ पुलिस के 517 वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर राज्य और देश के लिए बलिदान दिया है. हमारे जवानों के शौर्य और पराक्रम को कभी नहीं भुलाया जा सकता है ।
उन्होंने कहा कि छतीसगढ़ शासन द्वारा शहीदों के परिजनों के कल्याण हेतु तत्परता से कार्यवाही की जा रही है. विगत दो वर्षों में 47 शहीदों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गयी है. इसके साथ ही शहीदों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है, विगत दो वर्षों में शहीदों के परिजनों को लगभग 21 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान की गई है ।
 

कोविड-19 के दौर में आयुर्वेद पद्धति कारगर-प्रभारी कुलपति डॉ. अलंग
 
 
पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। कोविड 19 के दौर में आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति कार्यरत और उपयोगी है। कई बिमारियों मंे इस पद्धति से ही ईलाज संभव है और इसका कोई विकल्प नहीं है। आज आयुर्वेद लोगों का लाईफस्टाइल बन चुका है। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर में धनवंतरी जयंती के अवसर पर संभागायुक्त एवं विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ. संजय अलंग ने उक्त बातें कही।
    विश्वविद्यालय में आज धनवंतरी जयंती पर आयुर्वेद दिवस मनाया गया। जिसमें विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारियों कर्मचारियों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जागरूक किया गया और उन्हें कोविड-19 से बचाव के लिए काढ़ा एवं आयुर्वेद के अन्य चिकित्सा लाभों से परिचित कराया गया। प्रभारी कुलपति डॉ. अलंग ने कहा कि इस पारम्परिक विद्या को आयुर्वेद दिवस के माध्यम से लोगों तक पहँुचाया जा रहा है। आयुर्वेद, युनानी एवं हौम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति को लोकप्रिय बनाने के लिए शासन प्रयासरत् है। इसमें उपचार में समय लगता है लेकिन इसके बेहतर चिकित्सकीय परिणाम मिल रहें है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के तहत् आधुनिक चिकित्सा पंचक्रम के लिए लोगों को केरल जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा बिलासपुर मेडिकल कॉलेज में भी उपलब्ध कराई जा रहीं है जिसके लिए श्रीधारियम संस्थान से टाईअप किया गया है। डॉ. अलंग ने कहा कि छोटी-मोटी बिमारियों के लिए आयुर्वेद में बेहतर चिकित्सा उपलब्ध है और इसके कोई साईड इफेक्ट नहीं होते।
    इस अवसर पर स्वागत उद्बोधन करते हुए शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डॉ. रक्षपाल गुप्ता ने कहा कोविड-19 के विरूद्ध लड़ाई में आयुर्वेद चिकित्सक कंधे से कंधा मिलाकर अपना योगदान दे रहें है। काढ़ा के साथ अन्य चिकित्सा व्यवस्था  भी लोगों को उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय अस्पताल के ओपीडी मंे प्रतिदिन 200 मरीजों का ईलाज किया जा रहा है। कोविड के दौर मंे 08 गर्भवती महिलाओें का प्रसव भी यहां कराया गया।
    कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुधीर शर्मा ने किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर हरि होता सहित आयुर्वेद महाविधालय के डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र, डॉ. सचिन कुमार बघेल, डॉ. मंयक कुलश्रेष्ठ, डॉ. नोमिता दीवान एवं अन्य चिकित्सक, इन्टर्स कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर उपस्थित सभी को काढ़ा का सेवन कराया गया।