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पंचायत तंत्र 24.com,बिलासपुर । साल 2014 में जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) आलोक अग्रवाल के ठिकानों पर पड़े एसीबी के छापे से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है. ईई के भाई पवन अग्रवाल द्वारा सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत परिवाद पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. कोर्ट के आदेश के बाद बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की धारा 120 बी, 166, 167, 213, 218, 380, 382,409, 420, 467, 468, 471, 472 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ अपराध कायम किया है ।
दरअसल मामला जल संसाधन विभाग के ईई रहे आलोक अग्रवाल और उनके भाई पवन अग्रवाल के विरूद्ध एसीबी की कार्रवाई से जुड़ा है. एसीबी ने 30 दिसंबर 2014 को अग्रवाल बंधुओं के घर पर छापा मारा था. इस छापे में करोड़ों रूपए की बेनामी संपत्ति का खुलासा किया गया था. साल 2010 से लेकर 2013 के बीच हुए भ्रष्टाचार की शिकायत को आधार मानकर एसीबी ने अपराध दर्ज किया था. पवन अग्रवाल ने इस मामले में एसीबी/ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के विरूद्ध अपराध दर्ज करने 156 (3) के तहत सीजेएम कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया था. परिवाद में यह दलील दी गई थी कि सर्च वारंट में अपराध नंबर दर्ज नहीं था, जबकि सर्च वारंट में आलोक अग्रवाल के विरूद्ध एसीबी में अपराध दर्ज होने की बात कही गई थी ।
प्रस्तुत परिवाद में पवन अग्रवाल ने बताया कि उनके भाई आलोक अग्रवाल जल संसाधन विभाग में ईई के पद पर कार्यरत रहे, लेकिन उनके द्वारा संबंधित कार्य क्षेत्र में किसी तरह का काम नहीं किया गया. दोनों का कार्य क्षेत्र अलग था. दोनों भाई कभी साथ नहीं रहे. न ही एक-दूसरे पर आश्रित रहे. बावजूद इसके एसीबी की टीम ने छापे के दौरान न केवल उनके घर दबिश दी, बल्कि उनके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति के दस्तावेज, सोना-चांदी, नगदी रकम, इंश्योरेंस के दस्तावेज जप्त किए गए. सीजेएम कोर्ट ने पुलिस को दिए आदेश में कहा है कि एफआईआर दर्ज कर इस प्रकरण में संपूर्ण विवेचना की जाए. विवेचना उपरांत अंतिम प्रतिवेदन/खात्मा/खारिजी जो भी हो, कोर्ट में प्रस्तुत किया जाए ।
इस मामले में बिलासपुर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कोर्ट के आदेश पर प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है, जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी ।
निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता थे एसीबी चीफ
जिस वक्त जल संसाधन विभाग के ईई आलोक अग्रवाल के ठिकानों पर छापे डाले गए थे, तब निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता एसीबी चीफ थे, लिहाजा बिलासपुर पुलिस की जांच का दायरा मुकेश गुप्ता तक जा सकता है. परिवाद पत्र में एसीबी के अधिकारी विजय कटरे के हवाले का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यह पूरी कार्रवाई तत्कालीन एडीजी और एसीबी चीफ रहे मुकेश गुप्ता और तत्कालीन एसपी रजनीश सिंह के मौखिक निर्देश के बाद की गई थी. ऐसे में जाहिर है पहले से ही निलंबित मुकेश गुप्ता और रजनीश सिंह की मुश्किलें इस मामले में और बढ़ सकती है. राज्य पुलिस के आला अधिकारी इस बात के संकेत दे रहे हैं ।

पंचायत तंत्र 24.com,बिलासपुर। ज्यादा पैसे मिलने की लालच में किन्नर ने ब्रजराजनगर से परिजनों को चकमा देकर एक साल के बच्चे को उठाकर भाग निकला। जांच के दौरान आरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी ने ट्रेन में सफर कर रहे आरोपी किन्नर को मासूम के साथ पकड़ा है। बीते दिन किन्नर को सुबह वेनगंगा एक्सप्रेस में चांपा स्टेशन के पास पकड़ा है। इस ट्रेन में बिलासपुर से कोरबा तक आरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी जांच कर रही थी। प्रधान आरक्षक संजीव राय व आरक्षक डीपी रत्नायक को एक कोच में एक किन्नर देखा, उसकी गोद में एक साल का बच्चा था। पेट्रोलिंग पार्टी ने संदेह के आधार पर पूछताछ की।
उसने अपना नाम नंदनी पाल ग्राम जोगीकुंडा ओडिशा का बताया। पूछताछ में उसने बताया कि सप्ताहभर पहले एक नवंबर को ब्रजराजनगर मुंडापारा गांधी चौक निवासी प्रमोद सिंह के घर गया था। प्रमोद से उसकी जान पहचान है। किन्नर ने उनके घर में भोजन किया। इसके बाद जैसे ही स्वजन इधर-उधर हुए तो किन्नर बच्चे को उठाकर भाग निकला। ट्रेन के कोरबा पहुंचने पर पेट्रोलिंग पार्टी ने बच्चे समेत किन्नर को आरपीएफ पोस्ट के सुपुर्द कर दिया। दरअसल किन्नर ने अधिक पैसे की चाह में बच्चे को लेकर भागा था। आरपीएफ किन्नर को लेकर बिलासपुर जीआरपी थाने पहुंची। घटना ब्रजराजनगर की होने के कारण जीआरपी ने शून्य में धारा 363 के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है। केस डायरी ब्रजराजनगर जीआरपी थाने को भेजी जाएगी।

पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। तखतपुर के पूर्व विधायक और संसदीय सचिव रहे राजू सिंह क्षत्रिय के खिलाफ हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दायर की गई है। राजू सिंह क्षत्रिय पर विधानसभा चुनाव 2018 में टिकट दिलाने के नाम पर 33 लाख रुपये वसूली करने का आरोप है।
रमन सरकार में संसदीय सचिव रहे राजू सिंह क्षत्रिय के खिलाफ हाईकोर्ट में यह याचिका सीपत क्षेत्र के खैरा निवासी ज्ञानचंद पाठक ने दायर की है। अपनी याचिका में पाठक ने बताया है कि पूर्व विधायक के खिलाफ पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षक से शिकायत की थी।
उन्होंने आरोप लगाया है कि राजू सिंह क्षत्रिय विधानसभा चुनाव 2018 में बेलतरा क्षेत्र से टिकट दिलाने का दावा किया था। इसके एवज में उनसे 33 लाख रुपये लिए थे। बाद में उन्हें न तो टिकट मिला और न ही पूर्व विधायक क्षत्रिय ने उनकी रकम वापस की। याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में पूर्व विधायक और संसदीय सचिव के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की है।
खैरा निवासी ज्ञानचंद पाठक के मुताबिक उनका पूर्व विधायक राजू सिंह क्षत्रिय के विधायक प्रतिनिधि देवीलाल साहू से परिचय था। जिसके जरिये वे राजू सिंह से मिले और उनसे उनकी घनिष्टता बढ़ी, तो उन्होंने पार्टी के बड़े नेताओं से भी मिलाया। फिर विधानसभा चुनाव 2018 के पहले बेलतरा से भाजपा का टिकट दिलाने पूर्व विधायक और उनके प्रतिनिधि ने भरोसा दिलाया था। टिकट दिलाने के एवज में 1 करोड़ की मांग की गई लेकिन बात 50 लाख में तय हुई। जिसमें से आधा पैसा उन्हें देने की बात हुई थी। उन्होंने जमीन का एग्रीमेंट कर 33 लाख दे दिया। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला और पैसे वापस मांगने पर उन्हें घुमाया जाने लगा। ज्ञानचन्द का कहना है कि एसपी, आईजी से इसकी शिकायत की, लेकिन संतोषजनक कार्रवाई न होने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। दुर्गा विसर्जन के दौरान डीजे बंद करने को लेकर पुलिस और दुर्गा समिति के बीच जमकर विवाद हो गया. इसी बीच विसर्जन में शामिल लोगों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. पथराव में महिला आरक्षक समेत 4 पुलिस कर्मी को चोट आई है. इसके पर पुलिस ने भीड़ भगाने के लिए लाठी भांज दी. माहौल को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. पूरा मामला कोतवाली थाना इलाके का है ।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार की शाम शहर की दुर्गा समितियों द्वारा शांतिपूर्वक शासन की गाइडलाइन के मुताबिक मां दुर्गा की प्रतिमा का पचरी हाट में विसर्जन किया जा रहा था. इसी दौरान एक समिति के सदस्य डीजे लेकर विसर्जन के लिए पहुंचे. कोतवाली थाने के पास पुलिस ने समिति के सदस्यों को डीजे की अनुमति नहीं होने की बात कहते हुए आवाज कम करने के लिए कहा. समिति के सदस्य आवाज कम करने के लिए राजी हो गए ।
इसी बीच 50-60 लोगों की भीड़ कोतवाली थाने में आई, समिति लोगों की बात नहीं सुन रही थी. कुछ लड़के नशे में थे. कुछ ने पुलिस पर पथराव कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही एएसपी उमेश कश्यप, सीएसपी निमेंष बरैया निरीक्षक सनिप रात्रे मौके पर पहुंच गए. वहीं, लाइन से भी बल बुला लिया गया. इसके बाद पुलिस ने थाने के सामने हंगामा कर रहे लोगों को थाना परिसर से खदेड़ दिया ।
परिसर को खाली करने के लिए पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया. विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न हुआ. घटना के बाद 6 युवकों को थाने लाया गया. उनमें से ज्यादातर नशे में थे. सभी का एमएलसी किया गया. सभी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गई ।
इसी बीच कुछ लोगों ने पुलिस कर्मियों से बहस शुरू कर दी. साथ ही पथराव कर दिया. इससे कुछ पुलिस कर्मियों को चोटे आई है. इसके बाद पुलिस ने वहां मौजूद भीड़ को खदेड़ा. साथ ही डीजे को थाने में खड़ा करा दिया गया ।

पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। लोक निर्माण विभाग बस्तर में पदस्थ मुख्य अभियंता पीडी साय को विभागीय पद्दोन्नति समिति द्वारा योग्य पाए गए जाने के बाद भी श्रेणी से अपग्रेड नहीं करते हुए पदोन्नति नहीं दिए जाने पर उच्च न्यायालय में याचिका लगाई है. मामले की 20 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय के जस्टिस गौतम भादुरी ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए 3 हफ्ते का समय दिया है ।
जानकारी के अनुसार, विभागीय पद्दोन्नति समिति द्वारा योग्य पाए जाने के बाद भी मुख्य अभियंता पीडी साय की श्रेणी को अपग्रेड नहीं किया गया तो उन्होंने उच्च न्यायालय में याचिका लगाई. उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद भी जब सरकार ने आदेश नहीं दिया तो उन्होंने न्यायालय अवमानना का प्रकरण उच्च न्यायालय में दायर किया. मामले की सुनवाई के बाद जुलाई में उच्च न्यायालय ने अवमानना नोटिस लोक निर्माण विभाग को जारी किया,और 3 सप्ताह में जवाब देने को कहा था, लेकिन 4 माह से जवाब पेश नहीं किया, और फिर से उन्हें प्रमोशन नहीं देते हुए पीएससी को पुनः डीपीसी आयोजित करने लेटर भेजा.,पीएससी ने पुनः साय को उपयुक्त पाया, फिर भी प्रमोशन नहीं दिया गया ।
मुख्य अभियंता पीडी साय ने फिर उच्च न्यायालय में अपने अधिवक्ता संदीप दुबे ,शांतम अवस्थी के माध्यम से याचिका लगाई और राज्य और पीएससी को कोरिट की कॉपी दी, उसके पश्चात फिर एक उच्च अधिकारियों ने पुनः डीपीसी 19 अक्टूबर को जल्दबाजी में फिर आयोजित करवाई. इसके बाद फिर से पीएससी ने पीडी साय को पदोन्नति के उपयुक्त पाया है. उच्च न्यायालय ने पीडी साय की याचिका पर 20 अक्टूबर को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को 3 हफ्ते में जवाब देने का निर्देश दिया है ।
पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। जिले में आईपीएल क्रिकेट मैच में सट्टा खिलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बिलासपुर के सरकंडा थाने के सूर्या चौक चिंगराज पारा में क्रिकेट मैच में सट्टा खिलाते 4 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. कलकत्ता और हैदराबाद के बीच होने वाले मैच में दाव लगा था ।पुलिस के मुताबिक सरकंडा पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि सूर्या चौक चिंगराज पारा सरकंडा में जीवन शाह अपने घर में अन्य साथियों को एकत्र कर क्रिकेट सट्टा खेला रहा है. सूचना मिलने के बाद घर पर छापेमार कार्रवाई की गई. पुलिस ने आरोपियों के घर से एलईडी टीवी, सेट-अप बाक्स, 3 नग मोबाइल और 10 हजार 700 रूपए नगदी बरामद किया है ।
गिरफ्तार आरोपियों में मोनू उर्फ मनेन्द्र सिंह (32 वर्ष), जीवन शाह (49 वर्ष), गणेश यादव उर्फ बड़कू (55 वर्ष), रवि प्रधान (28 वर्ष) शामिल है. सभी आरोपी बिलासपुर जिले के ही रहने वाले है ।

पंचायत तंत्र 24.com, बिलासपुर। आरपीएफ की सतर्कता से अपहरणकर्ता, अपहृत बच्चे के साथ पेंड्रा रोड स्टेशन में पकड़ लिया गया जो भिंड भागने की फिराक में अमरकंटक एक्सप्रेस की प्रतीक्षा कर रहा था। भिंड शेरपुर का रहने वाला कल्लू उर्फ कालीचरण कुशवाहा 2 वर्ष के आर्यन को उसलापुर से किडनैप कर ग्वालियर ले जाने की फिराक में था, जिसकी तलाश में तोरवा पुलिस ने रेलवे पुलिस से मदद मांगी थी। पुलिस से सूचना मिलने के बाद आरपीएफ लगभग सभी स्टेशनों में संदिग्ध की तलाश कर रही थी। इसी बीच पेंड्रा रोड प्लेटफार्म पर एक संदिग्ध व्यक्ति आरपीएफ को देखकर भागने लगा, जिसके बाद आरपीएफ ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा, जिसके पास एक 2 साल का बच्चा भी था।
पूछताछ में उस व्यक्ति ने कहा कि यह बच्चा उसकी गर्लफ्रेंड का है। उसने यह भी बताया कि वह इस बच्चे को लेकर उसलापुर से पैदल चलते हुए पेंड्रा रोड स्टेशन तक पहुंचा है, जहां वह अमरकंटक एक्सप्रेस की प्रतीक्षा कर रहा था। उसके पास मौजूद रेलवे टिकट से पता चला कि वह बच्चे को लेकर ग्वालियर जाने की फिराक में था। जब रेलवे पुलिस ने संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि तोरवा पुलिस जिस अपहरणकर्ता को खोज रही थी वह यही था। सूचना मिलने के बाद तोरवा थाने से एक टीम पेंड्रारोड पहुंची, जिन्हें आरोपी कालीचरण कुशवाह को सौंप दिया गया। वहीं पुलिस ने अपहृत बच्चे आर्यन को भी उससे सुरक्षित बचा लिया। पता चला कि किडनैपर कालू, आर्यन के ही घर में घरेलू नौकर था, जिसने मौका पाकर बच्चे का अपहरण कर लिया था और उसकी मंशा फिरौती में बड़ी रकम हासिल करने की थी, लेकिन आरपीएफ की सतर्कता की वजह से वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाया।

पंचायत तंत्र-बिलासपुर। लापता व्यक्ति की हत्या कर शव को बाड़ी में दफना दिया गया था। लापता पिता को बेटे ने खोज निकाला। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है और जल्द ही खुलासा कर सकती है। मिली जानकारी के अनुसार सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम टेकर में रहने वाला क्षतु वर्मा 7 माह पहले लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके पुत्र लालू वर्मा ने थाने में दर्ज कराई थी। उसकी तलाश पुलिस कर रही थी। वही परिजन भी उनकी तलाश में थे, जिन्हें पता चला कि क्षतु वर्मा जिस दिन लापता हुआ था, उस दिन उसका विवाद रतनपुर थाना क्षेत्र के धौरामुड़ा निवासी अईतराम गोंड़ से हुआ था। इसके बाद से क्षतु वर्मा गायब है। अपने पिता की तलाश में जुटे पुत्र को पिता की सायकल एक ग्रामीण के पास मिली जिससे पूछताछ करने पर उसने नाले के पास सायकल मिलने की बात बताई। वहाँ जाकर देखने पर एक बोरा और लाठी मिली जिसमें खून लगा था। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, वही इस मामले में और भी साक्ष्य अईतराम गोंड़ के खिलाफ सामने आए जिसके बाद रतनपुर और सीपत पुलिस ने मिलकर संदेही को हिरासत में लेकर जब पूछताछ की तो उसने कबूल किया कि क्षतु वर्मा के पास उसका घर गिरवी रखा था, जिसके पैसे वह मांग रहा था। इस बात पर ही विवाद हुआ और उसकी हत्या कर शव को जला कर बाड़ी में दफन कर दिया। पुलिस मामले में शव को कब्र से निकालने की तैयारी में है, जिसके कार्रवाई की जाएगी।

पंचायत तंत्र- बिलासपुर। कपड़ों पर अंकित एमआरपी पर स्कीम के अनुसार छूट राशि घटाने के बाद इसमें टैक्स की राशि जोड़कर उपभोक्ता से वसूलने को जिला उपभोक्ता फोरम ने विधिविरुद्ध माना है. फोरम ने प्रतिवादियों को 45 दिन के भीतर अतिरिक्त वसूली गई जीएसटी की रकम देने के साथ आवेदक को मानसिक क्षति के 8000 और परिवाद व्यय 2000 रुपए देने का आदेश दिया है ।
मिली जानकारी के अनुसार, परिवादी राजेश मंगल ने लिंक रोड स्थित ट्रैफिक जाम शॉप से बीईंग ह्यूमेन तथा रामा मैग्नेटो माल स्थित पेंटालून शॉप से कपड़ों की खरीदारी की थी. इसमें कपड़ों के खुदरा मूल्य पर छूट का लाभ बताते हुए खरीदारी के समय जीएसटी जोड़कर अतिरिक्त राशि ली थी. इस पर परिवादी राजेश मंगल ने उपभोक्ता फोरम में आवेदन देते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 12 के अंतर्गत शॉप के मुम्बई स्थित मुख्य संचालक द सलमान खान फाउंडेशन और मंधाना रिटेल बेन्चर्स लिमिटेड तथा पेंटालून शॉप के मामले में आदित्य बिड़ला फाउंडेशन एंड रिटेल लिमिटेड, मुम्बई को प्रतिवादी बनाया था ।
उपभोक्ता फोरम के समक्ष दोनों मामलों में उभय पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद फोरम अध्यक्ष उत्तरा कुमार कश्यप और सदस्य रीता बरसैंया ने पाया कि प्रतिवादियों ने एमआरपी पर स्कीम के अनुसार छूट राशि घटाकर इस राशि में टैक्स की राशि जोड़कर उपभोक्ता से प्राप्त की है, जो विधि के अनुसार अनुचित है. उपभोक्ता फोरम ने प्रतिवादियों को निर्देशित करते हुए यह आदेश पारित किया है कि दोनों मामलों में अलग-अलग, प्रतिवादीगण आदेश तिथि के 45 दिन की अवधि के भीतर अतिरिक्त रूप से वसूली गई जीएसटी की रकम आवेदक को अदा करेंगे तथा आवेदक को मानसिक क्षति और परिवाद व्यय भी प्रदान करेंगे ।
समझिए कर चोरी के गणित तो…
प्रकरण में उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल करने वाले सीए राजेश मंगल ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि वस्तु क्रय करने के साथ हम कर को छोटी रकम मानकर अनदेखा कर देते हैं, इसका दुकानदार फायदा उठाते हैं. उन्होंने बताया कि दुकानदात अगर 2000 रुपए अधिकमत खुदरा मूल्य वाली वस्तु में 50 प्रतिशत की छूट दे रहा है तो उसे मय कर 1000 रुपए लेना चाहिए, लेकिन दुकानदार इस 1000 रुपए में कर को जोड़कर उपभोक्ता से रकम की वसूली करते हैं, जो गलत है, जिसके लिए उपभोक्ता फोरम में दाखिल परिवाद में न्याय मिला है ।

पंचायत तंत्र- बिलासपुर। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने धान खरीदी के तारीख के सवाल पर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि धान खरीदी की तारीख मंत्री मंडल उप समिति की बैठक में तय होगी. इस बार कोरोना के कारण बारदाने की समस्या है. जुट मिले बंद है, इसके लिए मिलर और किसानों से बात की जा रही है ।
बोनस को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर कई आरोप लगाए हैं. इसका जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसानों का पूरा धान खरीदेगी और बोनस भी देगी ।
बीजेपी के प्रदेश में अपराध बढ़ने के आरोप पर मंत्री भगत बोले कि जिनके काल में झीरम जैसी घटना हुई उनको बोलने का अधिकार नहीं है ।
ऋचा जोगी के जाति प्रमाणपत्र बनाये जाने पर मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि नियम में होगा तो लाभ मिलेगा ।