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Browsing: बिलासपुर

panchayattantra24.-बिलासपुर। आंधी-तूफान से अनिरुद्धाचार्य का पंडाल तहस-नहस हो गया। आज (19 अप्रैल) से अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा सीपत में होनी थी। ऐसे में बड़ा हादसा टल गया। तेज आंधी-तूफान में पंडाल के साथ ही साउंड, कूलर, टेंट सब भीगकर खराब हो गए। सुरक्षा में चूक पर आयोजकों को नोटिस जारी किया गया है। वहीं कथा को स्थगित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में आज भी बारिश का अलर्ट है। पूरे प्रदेश में तेज गर्मी और बारिश दोनों ही लोगों को झेलना पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में तापमान लगातार 2-3 डिग्री तक बढ़ सकता है। वहीं दूसरी ओर बिजली चमकने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का भी अलर्ट है। एक तरफ लू जैसी गर्मी परेशान करेगी, तो दूसरी तरफ बादल गरजेंगे और कहीं-कहीं बारिश भी होगी। शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में तापमान में इजाफा दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा तापमान बिलासपुर और रायपुर में 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

publicuwatch24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक निर्णय में रिटायर्ड कर्मचारी से की जा रही वेतन की वसूली को गैरकानूनी करार देते हुए विभागीय आदेश को रद्द कर दिया है। यह फैसला न्यायमूर्ति बिभु दत्ता गुरु की एकलपीठ ने सुनाया। कोरबा निवासी 63 वर्षीय अहमद हुसैन स्वास्थ्य विभाग में हेड क्लर्क के पद से रिटायर हुए हैं। उन्हें 1 जून 2023 को एक पत्र प्राप्त हुआ। इसमें कहा गया कि 1 जनवरी 1986 से 28 फरवरी 2023 तक उन्हें गलती से अधिक वेतन दिया गया, जिसकी वसूली की जाएगी।
अहमद हुसैन के वकील डॉ. सुदीप अग्रवाल ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह वसूली सुप्रीम कोर्ट के 2015 के रफीक मसीह फैसले के खिलाफ है। हुसैन क्लास-तीन कर्मचारी हैं और उन्हें इस अतिरिक्त राशि के भुगतान की जानकारी नहीं थी। यह वसूली उनके लिए वित्तीय संकट और मानसिक पीड़ा का कारण बन सकती है। राज्य की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि विभाग ने जब त्रुटिपूर्ण भुगतान की पहचान की, तो नियम अनुसार वसूली का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि अहमद हुसैन क्लास-तीन कर्मचारी हैं और रिटायर हो चुके हैं। उन्होंने जानबूझकर कोई धोखाधड़ी नहीं की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने रफीक मसीह व जोगेश्वर साहू जैसे मामलों में ऐसे वसूली आदेशों को असंवेदनशील और अनुचित ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि यह वसूली न सिर्फ नियमों के खिलाफ है बल्कि कर्मचारी की गरिमा व सम्मान के खिलाफ भी। न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए वसूली आदेश को रद्द कर दिया है।

panchayattantra24.-अकलतरा। थाना अकलतरा पुलिस ने ट्रैक्टर शोरूम से नगदी चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। 13 अप्रैल 2025 की शाम 6 बजे से लेकर 14 अप्रैल की सुबह 9:30 बजे के बीच अकलतरा स्थित जसमन ट्रैक्टर शोरूम में चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। अज्ञात आरोपी ने शोरूम की अलमारी का लॉकर तोड़कर उसमें रखे ₹95,000 नगद पर हाथ साफ कर दिया था।
इस घटना की रिपोर्ट शोरूम के संचालक नरेंद्र कश्यप, निवासी बलौदा द्वारा अकलतरा थाना में दर्ज कराई गई थी। जिस पर थाना अकलतरा में मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विवेक शुक्ला (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप
तथा SDOP प्रदीप सोरी के मार्गदर्शन में पुलिस टीम द्वारा तत्परता से कार्रवाई की गई। लगातार सघन पूछताछ व तकनीकी सहायता के आधार पर विजय कुमार साहू, निवासी अंधियारीपाठ (अकलतरा) को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया और बताया कि उसी ने शोरूम की अलमारी से नगदी रकम चुराई थी।
पुलिस ने आरोपी के पास से पूरी चोरी गई रकम ₹95,000 बरामद कर ली है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस सफलता में थाना प्रभारी अकलतरा सहित पुलिस टीम की तत्परता व कुशल कार्यप्रणाली सराहनीय रही।

panchayattantra24.-कोरबा. तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी. हादसे के बाद कार में आग लगने से गाड़ी जलकर खाक हो गई. वाहन चालक भी कार में जिंदा जल गया और उसकी मौत हो गई. यह घटना आधी रात को पसान थाना क्षेत्र के पेंड्रा कटघोरा मुख्य मार्ग पर स्थित कारीमाठी के पास घटी. राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है.
पसान थाना प्रभारी एसके विश्कर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. हादसे में कार पूरी तरह से जल गई है. नंबर प्लेट भी दिखाई नहीं दे रहा है. कार चालक भी जलकर खाक हो गया है, मृतक की पहचान नहीं हो पाई है. पुलिस युवक की शिनाख्ती में जुटी है. आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई की जा रही है.

panchayattantra24.-बिलासपुर। हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप केस में बड़ा फैसला सुनाया है. करीब 6 साल से जेल में सजा काट रहे दुष्कर्म के आरोपी को हाईकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है. अभियोजन पक्ष यह साबित करने में असफल रहा, कि घटना के वक्त पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी. वहीं सुनवाई के दौरान पीड़िता ने स्वीकार किया कि दोनों के बीट आपसी सहमति से शारिरीक संबंध बने थे. दोनों पक्षों के दलीलों के सुनने के बाद कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है. साथ ही जेल से तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए हैं.
दरअसल, तरुण सेन पर आरोप था कि 8 जुलाई 2018 को एक लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया और कई दिन तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. लड़की के पिता ने 12 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने 18 जुलाई को लड़की को दुर्ग से बरामद किया. विशेष न्यायाधीश रायपुर की अदालत ने 27 सितंबर 2019 को आरोपी को आइपीसी की धारा 376(2)(एन) और पाक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10-10 साल की सजा और जुर्माने की सजा सुनाई. दोनों सजाएं साथ चलने के आदेश दिए गए थे.
पिछले करीब 6 साल से जेल में बंद आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील की थी. मामले सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने पाया कि स्कूल के दाखिल-खारिज रजिस्टर में पीड़िता की जन्मतिथि 10 अप्रैल 2001 दर्ज है, लेकिन उसने गवाही दी थी कि 10 अप्रैल 2000 को उसका जन्म हुआ था. अभियोजन पक्ष कोई ठोस दस्तावेज, जैसे जन्म प्रमाणपत्र या ऑसिफिकेशन टेस्ट पेश करने में नाकाम रहा, जिससे पीड़िता की सही उम्र साबित हो सके. पीड़िता ने कोर्ट में यह स्वीकार किया कि वह आरोपी के साथ अपनी मर्जी से गई थी और उनके बीच प्रेम संबंध थे. मेडिकल रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की चोट या जबरदस्ती के निशान नहीं मिले.

panchayattantra24.- कोरबा। रामसागर पारा क्षेत्र में रविवार दोपहर एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान 30 वर्षीय दुर्गा देवी राजपूत के रूप में हुई है, जो अपने पति राजकुमार राजपूत और दो छोटे बच्चों के साथ वहीं निवास करती थी। घटना के समय पति मौके से गायब था और उसका दो वर्षीय बेटा भी साथ नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि दुर्गा और उसके पति के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे। रविवार को भी दोनों के बीच तीखी कहासुनी हुई थी। कुछ देर बाद घर से बच्चे के रोने की आवाज आई, जिससे आशंका होने पर पड़ोसियों ने घर का दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। दरवाजा बाहर से बंद था। जब ताला तोड़कर अंदर पहुंचे, तो दुर्गा जमीन पर बेसुध पड़ी थी और उसकी छह माह की बेटी बिस्तर पर बिलख रही थी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस को शक है कि हत्या के बाद पति राजकुमार अपने दो साल के बेटे को लेकर फरार हो गया। पड़ोसियों के अनुसार, घटना से कुछ घंटे पहले ही दुर्गा की मां काम पर गई थीं, जो किन्नर समाज से जुड़ी हैं और रोजाना गाने-बजाने के लिए निकलती हैं। दोपहर करीब 2:15 बजे जब वह घर लौटीं, तो ताला बंद मिला। बेटी की चीख सुनकर उन्होंने पड़ोसियों की मदद ली।

panchayattantra24.-कोरबा। होली के दिन एक कोयला व्यापारी की हत्या हुई थी। हाऊसिंग बोर्ड कालोनी खरमोरा निवासी अनिल यादव (50) की मौत के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की है। पुलिस के मुताबिक, 14 मार्च को अनिल यादव की मामूली बात को लेकर अर्पित अग्रवाल (26) और साहिल दास से विवाद हो गया था जिसके बाद दोनों ने मिलकर अनिल को इतना मारा की उसकी मौत हो गई।
अनिल सुबह होली खेलने के लिए घर से निकले थे। वह पहले रजगामार गए और फिर प्रेमनगर चले गए। दोपहर करीब 3 बजे उन्हें सड़क पर बेहोश पड़े देखा गया। उनकी बाइक पास में खड़ी थी और गमछा कुछ दूर पड़ा था। सड़क पर पड़ा देख स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी लक्ष्मण खूंटे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अनिल को मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। जांच में पता चला कि प्रेमनगर रजगामार निवासी अर्पित अग्रवाल (26) और साहिल दास ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारा था। पुलिस ने अर्पित अग्रवाल और साहिल दास को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें घायल अनिल को ले जाते हुए देखा जा सकता है।
panchayattantra24.-बिलासपुर। जिले में सेना का जवान 21 साल की सेवा के बाद रिटायर होकर अपने घर पहुंचा तो लोगों ने दूल्हे की तरह उनका स्वागत किया। रेलवे स्टेशन में ढोल-बाजे और फूल माला लेकर लोग पहुंचे, तब यात्रियों को लगा कि कोई मंत्री या नेता का स्वागत करने के लिए समर्थक पहुंचे हैं। लेकिन, जब रिटायर्ड फौजी ट्रेन से उतरा, तब भीड़ ने उन्हें फूल मालाओं से लाद दिया। इसके बाद रैली के साथ उन्हें अपने गांव लेकर पहुंचे। दरअसल, सकरी क्षेत्र के ग्राम पांड में जन्मे मनोज कौशिक 24 मार्च 2003 को सेना में भर्ती हुए थे। 21 साल देश की सेवा करने के बाद 31 मार्च को उनकी सेवानिवृत्ति हुई। जिसके बाद वो लौटकर बिलासपुर पहुंचे। उनके घर लौटने की खबर मिलते ही गांव के लिए स्वागत करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंच गए।
सशस्त्र सेना में तैनात जवानों के प्रति सम्मान, आदर और क्रेज समाज के हर व्यक्ति के मन में है। जैसे ही सैनिकों की कोई खबर शहर और गांव में पहुंचती है तो हर कोई उनका उत्साह वर्धन करने पहुंच जाता है। उसी तरह रेलवे स्टेशन परिसर में मनोज कौशिक को देखकर लोगों की भीड़ पहुंच गई। विकास वर्मा, शारदा वर्मा, अदिति वर्मा और कौशल कौशिक सहित अन्य युवा साथियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान स्टेशन परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। पांड गांव के दुर्गाप्रसाद कौशिक और माता सरस्वती कौशिक के बेटे मनोज इंडियन आर्मी में इलेक्ट्रॉनिक मेकेनिकल इंजीनियर रेजीमेंट के पद पर पदस्थ थे। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम बिरकोना में की, जिसके बाद अपने मामा गांव तखतपुर क्षेत्र के नगोई में आठवीं से बारहवीं कक्षा तक पढ़ाई की। उन्होंने आठवीं कक्षा में तखतपुर ब्लॉक में प्रथम स्थान हासिल किया था। मनोज बचपन से ही होनहार थे।

panchayattantra24.-बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत मध्य प्रदेश राज्य में रेलवे नेटवर्क को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से अनुपपुर-कटनी तीसरी रेल लाइन परियोजना (165.52 किमी) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह परियोजना यात्री सुविधा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी महत्वपूर्ण शहरों को रेल मार्ग द्वारा उत्तर भारत से जोड़ने वाली बिलासपुर-कटनी मार्ग पर तीसरी लाइन का कार्य क्षमता आवर्धन के दृष्टिगत किया गया था। 31 मार्च 2025 को कमीशन की गई इस परियोजना के अंतिम खंड, बीरसिंहपुर-नौरोजाबाद-करकेली-उमरिया (29.52 किमी) की सीआरएस निरीक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई । वर्तमान में अब इस सेक्शन मे पेंड्रारोड से कटनी तक तीसरी लाइन है।
इस परियोजना के लाभ अधिक ट्रेनों का संचालन: नई रेल लाइन से यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेनों की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे विभिन्न शहरों और कस्बों के बीच यात्रा करना अधिक सुगम होगा । ट्रेनों की संख्या में वृद्धि से भीड़भाड़ कम होगी और यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। बेहतर यात्रा अनुभव: नई लाइन के निर्माण से ट्रेनों की गति में सुधार होगा, जिससे यात्रा का समय कम होगा । परिचालन में गतिशीलता आएगी, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी । साथ ही व्यापारिक व व्यवसायिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
संरक्षा में सुधार: तीन लाइनें होने से ट्रेनों की निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगी। अत्याधुनिक सिग्नलिंग और ट्रैक संरचना से यात्रा अधिक संरक्षित होगी। पर्यटन को बढ़ावा: यह परियोजना बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान और अन्य पर्यटन स्थलों तक पहुंच को और सरल बनाएगी। रेलवे द्वारा नई ट्रेनों के संचालन से पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। परियोजना का संक्षिप्त विवरण • कुल लंबाई: 165.52 किमी
• स्वीकृत लागत: ₹2311.02 करोड़ • कुल स्टेशन: 17 (1 जंक्शन स्टेशन: अनुपपुर) • यात्री हॉल्ट: 2 (सिंहपुर, विलायतकलां) इस परियोजना के अंतर्गत कुल 27 बड़े पुल और 108 छोटे पुल के निर्माण किए गए हैं। इन पुलों के निर्माण से रेलवे लाइन की मजबूती बढ़ी है और ट्रेनों की आवाजाही अधिक संरक्षित व निर्बाध हो गई है। नदी-नालों और पहाड़ी क्षेत्रों से गुजरने वाली इस रेल लाइन में पुलों का विशेष महत्व है, जिससे वर्षा ऋतु में भी यातायात प्रभावित न हो। इसके अतिरिक्त, एक रेलवे ओवर ब्रिज और 16 रेलवे अंडर ब्रिज का निर्माण किया गया है। ओवर ब्रिज के माध्यम से सड़क और रेल यातायात के बीच संरक्षा को और अधिक सुनिश्चित किया गया है। वहीं, रेलवे अंडर ब्रिज से स्थानीय ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन सुगम हुआ है । ये संरचनाएं सड़क और रेल यातायात को अधिक कुशल और प्रभावी बनाती हैं।
महाप्रबंधक तरुण प्रकाश ने इस परियोजना के पूर्ण होने पर निर्माण विभाग सहित अन्य विभागों के कर्मियों को बधाई दी और उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने इस परियोजना को रेलवे के विकास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और भविष्य में भी इसी तरह की उत्कृष्ट कार्यशैली बनाए रखने का आह्वान किया। अनुपपुर-कटनी तीसरी रेल लाइन परियोजना यात्री सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। ट्रेनों की गतिशीलता में वृद्धि, तेज़ और संरक्षित यात्रा, तथा पर्यटन को मिलने वाले प्रोत्साहन से यह परियोजना न केवल रेलवे नेटवर्क बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगी।

panchayattantra24.-बिलासपुर। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने एक पुलिस कांस्टेबल की अनिवार्य सेवानिवृत्ति को खारिज कर दिया है क्योंकि सजा अनुपातहीन थी। कोर्ट ने कहा है कि अनुशासनात्मक अधिकारियों को कांस्टेबलों पर बड़ा दंड लगाने से पहले पुलिस विनियमन के विनियमन 226 के तहत दिए गए कम दंड पर विचार करना चाहिए। न्यायालय ने कहा कि बर्खास्तगी अंतिम उपाय होनी चाहिए और तब तक नहीं की जानी चाहिए जब तक कि अन्य सभी उपाय विफल न हो जाएं।
याचिका के मुताबिक रामसागर सिन्हा बिलासपुर के सकरी में कांस्टेबल थे। 31 अगस्त 2017 को महत्वपूर्ण शिविर सुरक्षा ड्यूटी करने से उन्होंने इंकार कर दिया। अधिकारियों ने लापरवाही बरतने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। इसे सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया। इस फैसले को डीबी में चुनौती दी गई। इसमें तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता 56 वर्ष की आयु में अपने खराब स्वास्थ्य के बावजूद एक कट्टर नक्सल क्षेत्र में तैनात थे, जिसके कारण वे 24 जुलाई 2017 को ड्यूटी पर रिपोर्ट नहीं कर पाए। इसके साथ ही जांच समिति ने स्वास्थ्य संबंधी जांच भी ठीक से नहीं की। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता कांस्टेबल के निम्नतम पद पर कार्यरत थे, इसलिए कथित कदाचार के लिए उचित सजा चेतावनी होती, न कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति ।
शासन की ओर से मामले में जवाब देते हुए एडवोकेट संघर्ष पांडे ने कहा कि विभागीय जांच के दौरान याचिकाकर्ता को पर्याप्त अवसर दिया गया था। उन्होंने तर्क दिया कि सिन्हा ने जानबूझकर अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन किया, जबकि सशस्त्र बलों के सदस्य के रूप में उनसे उच्च अनुशासन की अपेक्षा की जाती थी। शासन ने कहा कि सजा कदाचार के अनुपात में थी, और सिंगल बेंच के फैसला सही थी। एकल न्यायाधीश ने सही ढंग से रिट याचिका को खारिज कर दिया था। सुनवाई के दौरान डीबी ने पहले आरोप-पत्र की जांच की और पाया कि आरक्षक पर आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया गया था, लेकिन उन्होंने शारीरिक अस्वस्थता और अक्षमता को कारण बताया था। हाईकोर्ट की डीबी ने कहा कि बर्खास्तगी अंतिम उपाय होनी चाहिए और तब तक नहीं की जानी चाहिए जब तक कि अन्य सभी उपाय विफल न हो जाएं।