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panchayattantra24.- बिलासपुर। पति ने अपनी पत्नी को मानसिक रूप से अस्वस्थ बता तलाक की मांग करते हुए फैमिली कोर्ट में आवेदन दिया, लेकिन कोई ठोस सबूत प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर फैमिली कोर्ट ने उसका आवेदन खारिज कर दिया। पति ने फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील की, जिसे भी खारिज कर दिया गया। जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास की डिवीजन बेंच ने कहा कि विवाह को शून्य घोषित करने के लिए ठोस प्रमाण आवश्यक हैं। पति ऐसा कोई प्रमाण पेश नहीं कर सका, जिससे यह साबित हो कि पत्नी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। रायगढ़ निवासी एक मुस्लिम व्यक्ति ने फैमिली कोर्ट में अर्जी दायर कर बताया कि उसका और उसकी पत्नी का विवाह 29 दिसंबर 2007 को मुस्लिम रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ था। उसने तर्क दिया कि मुस्लिम कानून के तहत विवाह एक अनुबंध होता है और यह अनुबंध धोखे से कराया गया। 
 पति का आरोप था कि शादी के बाद पत्नी का व्यवहार असामान्य था। वह अचानक गुस्सा हो जाती, मारपीट करती, आत्महत्या की कोशिश करती और धारदार हथियार से हमला करती। इसके बावजूद उसने वैवाहिक जीवन निभाने की कोशिश की। इस दौरान, 13 सितंबर 2008 को उनकी जुड़वां बेटियां हुईं। पति के वकील ने तर्क दिया कि फैमिली कोर्ट ने एकपक्षीय सुनवाई में भी उसके पक्ष में फैसला नहीं दिया, जबकि पत्नी ने कोई सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट ने पति द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नजरअंदाज किया। हालांकि, हाई कोर्ट ने पाया कि पति यह साबित नहीं कर सका कि विवाह के समय पत्नी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और यह तथ्य उसके माता-पिता ने छिपाया। उसने कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया, न ही किसी डॉक्टर की गवाही दर्ज कराई। गवाहों ने भी यह नहीं कहा कि विवाह के समय पत्नी मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। इस आधार पर हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराया और अपील खारिज कर दी।
पति की दलील: पत्नी की मानसिक स्थिति के कारण कारोबार प्रभावित पति ने बताया कि वह कपड़े का व्यवसाय करता है और उसे अक्सर घर से बाहर रहना पड़ता था। हालांकि, पत्नी की मानसिक स्थिति के कारण उसे बच्चों की देखभाल करनी पड़ती, जिससे उसका कारोबार प्रभावित हुआ। अगस्त 2019 में पत्नी की हालत और बिगड़ गई। वह आक्रामक हो गई और पति व बेटियों के लिए खतरा बनने लगी। 31 अगस्त 2019 को पति उसे इलाज के लिए रांची के सेंट्रल मेंटल हॉस्पिटल ले गया, जहां 2 सितंबर 2019 को उसे भर्ती किया गया। 5 नवंबर 2019 तक इलाज चला, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद 6 नवंबर 2019 को वह मायके चली गई। पत्नी ने न नोटिस का जवाब दिया न पेश हुई पति के आवेदन पर फैमिली कोर्ट ने पत्नी को नोटिस जारी किया, लेकिन कोरोना महामारी के कारण वह 16 अगस्त 2021 को उपस्थित नहीं हो सकी। बाद में समाचार पत्र और पंजीकृत डाक से भी नोटिस भेजा गया, लेकिन वह अनुपस्थित रही। इसके बाद कोर्ट ने एकपक्षीय कार्रवाई की। पति ने 23 अक्टूबर 2021 को अपना बयान दर्ज कराया और चार गवाह पेश किए। हालांकि, ठोस सबूत नहीं होने के कारण फैमिली कोर्ट ने 24 दिसंबर 2021 को उसका दावा खारिज कर दिया।
 

 
 
panchayattantra24.-बिलासपुर। भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में निस्तारी तालाबों को भरने के लिए खूंटाघाट जलाशय से आज पानी छोड़ा जाएगा. इससे 107 गांवों के 211 तालाबों को भरा जाएगा. क्षेत्रवासियों की मांग के बाद जल संसाधन विभाग ने डेम से पानी छोड़ने के निर्देश दिए हैं. बता दें कि गर्मी को ध्यान रखते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि नहर किनारे बसे गांवों से प्राप्त आवेदनों, जन प्रतिनिधियों की मांग और ग्रामों में जल की आवश्यकता को देखते हुए निस्तारी के लिए तालाब भर जाएं. इसके लिए खूंटाघाट जलाशय के बांयी तट एवं दांयी तट नहरों से 21 मार्च को सुबह 11 बजे से पानी छोड़ा जाएगा. निस्तारी के लिए 107 ग्रामों के 211 तालाबों को भरा जाना प्रस्तावित है. इसके साथ ग्रामवासियों से अपील की गई है कि नहर के पानी का उपयोग केवल निस्तारी के लिए तालाबों को भरने के लिए हो. वहीं जल संसाधन विभाग के मैदानी अमलों को भी निर्देशित किया गया है कि निस्तारी के अलावा अन्य प्रयोजन के लिए पानी न दिया जाए और न ही पानी का अपव्यय हो.
 

panchayattantra24.- बिलासपुर। वसंत विहार चौक से अपोलो अस्पताल रोड तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से लोग नाराज हैं। बुधवार की रात गुस्साए लोगों ने डिप्टी सीएम अरूण साव के बंगले का घेराव कर दिया। इससे पहले लोग बेलतरा विधायक के ऑफिस भी पहुंचे थे। नाराज लोगों ने एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया। प्रभावितों ने तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद उचित मुआवजा और पुनर्वास के लिए स्थान देने की मांग की। रहवासियों ने बताया कि वे सालों से उसी जगह पर रह रहे हैं, जिनका मकान सड़क की तरफ है, वे छोटा-मोटा व्यवसाय कर अपना जीवनयापन भी कर रहे थे। जिला प्रशासन ने बलपूर्वक तरीके से उनके मकान ढहा दिए। ऐसे में उनके पर रहने और जीवनयापन करने के लिए अब कोई जरिया नहीं है। वहीं, लोगों को बेघर होना पड़ रहा है। इस दौरान महिलाओं के साथ ही नाराज लोगों ने शासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि जिला प्रशासन गरीब परिवारों को बेघर कर दिया है। जिला प्रशासन का यह रवैया तानाशाही है।
 

 panchayattantra24.-कोरबा। प्रदेश में जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी लड़ाई चल रही है, वहीं कोरबा में भाजपाइयों के बीच ही घमासान मचा हुआ है. यहां भाजपा का ही पार्षद मंत्री और स्थानीय विधायक लखन लाल देवांगन के खिलाफ पार्टी के पार्षदों को एकजुट करने में जुटा हुआ है, जिसका ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा पार्षद मंत्री के खिलाफ साजिश रच रहे पार्षद के खिलाफ शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे. मंत्री लखन लाल देवांगन के खिलाफ मुहिम चला रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल और उनके खास सहयोगी बद्री अग्रवाल के बीच बातचीत का कथित ऑडियो वायरल हो रहा है. इसमें मंत्री के साथ दूसरे भाजपा नेता विकास महतो के विरुद्ध बयान देने के लिए कुछ पार्षदों को पैसे देकर तैयार करने की बात कही जा रही है. 
 भाजपा पार्षद चंद्रलोक सिंह ने कहा है कि जिस तरह से हितानंद अग्रवाल और बद्री अग्रवाल ओछी राजनीति कर रहे हैं, सीधे-साधे नेता मंत्री लखनलाल देवांगन को फंसाने के लिए, उनको मंत्री पद से हटाने के लिए साजिश कर रहे हैं. यह कोई बड़ी बात नहीं कि ऐसे लोग मंत्री पर गोली भी चलवा सकते हैं. यही वजह है कि वे भाजपा पार्षद के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
 

 
 panchayattantra24.-बिलासपुर। आज से बिलासपुर और हैदराबाद के बीच ट्रायल फ्लाइट की शुरुआत हो रही है. इस रूट पर फ्लाइट का ट्रायल सफल होने के बाद समर शेड्यूल में इसे नियमित किया जा सकता है. फ्लाइट सुबह 9:40 बजे हैदराबाद से रवाना होगी और 11:30 बजे बिलासपुर पहुंचेगी. वापसी में 16:30 बजे बिलासपुर से उड़ान भरकर 18:20 बजे हैदराबाद पहुंचेगी. इस रूट के लिए हैदराबाद से बिलासपुर का किराया 2999 रुपये और बिलासपुर से हैदराबाद का किराया 3956 रुपये तय किया गया है. ट्रायल के सफल होने के बाद समर शेड्यूल में नियमित उड़ान की संभावना है.
 

 
panchayattantra24.-कोरबा में दर्री थानांतर्गत सिंचाई कॉलोनी के पास एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन हादसे का शिकार हो गई। कोरबा से एनटीपीसी की तरफ जा रही वाहन पुल के उपर अंनियंत्रित हो गई और 20 फिट नीचे गिर गई। इस दुर्घटन में पिकअप में सवार तीन लोग घायल हो गई, जिनमें से एक ही हालत गंभीर बनी हुई है,जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।
हादसा होते ही मौके पर अफरा-तफरी की स्थिती निर्मित हो गई। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम के साथ ही दर्री पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल में जुट गई। हादसे के लिए पिकअप की तेज रफ्तार को बताया जा रहा है।
 

 
 panchayattantra24.-बिलासपुर। चार साल के मासूम की हत्या के दोषी पंचराम उर्फ मन्नू गेंद्रे की फांसी की सजा को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उम्रकैद में तब्दील कर दिया है। यह फैसला चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने सुनाया। रायपुर के 7वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पंचराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 364 और 302 के तहत दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। साथ ही, 5 साल की कैद और 500 रुपये का जुर्माना, 10 साल की कैद और 500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी, जहां कोर्ट ने सुनवाई के बाद यह माना कि मामला “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” की श्रेणी में नहीं आता। 
 घटना 5 अप्रैल 2022 की है, जब रायपुर के उरला थाना क्षेत्र की रहने वाली पुष्पा चेतन ने अपने चार साल के बेटे हर्ष कुमार चेतन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि पड़ोसी पंचराम उसके दोनों बेटों दिव्यांश और हर्ष को घुमाने ले गया था। कुछ देर बाद उसने दिव्यांश को लौटा दिया, लेकिन हर्ष को अपने साथ ले गया। जब देर रात तक हर्ष घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। पुलिस ने पंचराम के मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया, जो नागपुर में मिली। 7 अप्रैल 2022 को पुलिस ने उसे नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने हर्ष की हत्या कर शव को नेवनारा और अकोली खार के पास जला दिया। 8 अप्रैल को पुलिस ने पंचराम की निशानदेही पर बच्चे का अधजला शव बरामद किया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पंचराम का अपराध जघन्य है, लेकिन मृत्युदंड देने से पहले अदालत को आरोपी की उम्र, सुधार की संभावना और परिस्थितियों का संतुलन बनाना होता है। चूंकि दोषी की उम्र 35 वर्ष है और उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, इसलिए अदालत ने मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि सजा में कोई छूट या राहत नहीं दी जाएगी और दोषी को ताउम्र जेल में रहना होगा। यह फैसला मृत्युदंड के मामलों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए सिद्धांतों पर आधारित है, जहां कम उम्र और सुधार की संभावना को ध्यान में रखते हुए फांसी को उम्रकैद में बदला जाता है।
 

panchayattantra24.-बिलासपुर।  SECL’ के चिरमिरी क्षेत्र कोयलांचल नगरी के एक विधवा पेंशन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला दिया जिसमें एक कर्मचारी स्वर्गीय नारायण महाराज जिनकी दो पत्नियों थी दोनों पत्नी उनके साथ रहते थे दोनों पत्नियों से उनके बच्चे भी थे लगभग 25 वर्ष पहले उनकी मृत्यु हो जाती है. जलाराम महाराज की मृत्यु के उपरांत उनकी पत्नी के द्वारा पेंशन की सुविधा लेने के लिए चिरमिरी के मुख्यालय में आवेदन प्रस्तुत करती हैं.
लेकिन हिंदू लॉ के मुताबिक एक पत्नी के रहते दूसरी शादी करना असम वैधानिक माना जाता है तथा पेंशन एवं अन्य सुविधाओं से दोनों पत्नियों को वंचित रहना पड़ता है क्योंकि जनरल महाराज की मृत्यु के उपरांत पहली पत्नी का भी स्वर्गवास 1 वर्ष बाद हो गया कोल इंडिया द्वारा दूसरी पत्नी राधा देवी को पेंशन देने से इनकार कर दिया गया.
पीएफ विभाग द्वारा उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया क्योंकि राधा देवी के बच्चे भी थे उनके लालन-पालन के लिए उनके उनके पास पेंशन के अलावा और कोई विकल्प नहीं था।राधा देवी के द्वारा हाईकोर्ट बिलासपुर छत्तीसगढ़ में एक पिटीशन दायर किया गया जनरल महाराज की विधवा होने के नाते मुझे पेंशन का लाभ दिया जाए लेकिन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के दोनों बैंचों से उनका आवेदन खारिज कर दिया गया.
तदुपरांत राधा देवी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाई जहां सुप्रीम कोर्ट ने राधा देवी के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला देते हुए आदेश दिया की क्योंकि राधा देवी नारायण महाराज के अंतिम समय में सेवा की तथा उनसे बच्चे भी थे इसलिए राधा देवी को पेंशन चालू किया जाए और बकाया राशि का भुगतान मैं एरियस उन्हें दिया जाए जब से कोर्ट का आदेश हुआ है। 23 साल की लंबी लड़ाई के बाद अंततः एरियर एवं पेंशन का भुगतान चालू हो गया

 
 
panchayattantra24.-बिलासपुर। तिफरा फ्लाईओवर पर बुधवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। तेज रफ्तार से जा रही अंडों से भरी पिकअप एसबीआर कॉलेज के सामने अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में पिकअप के ड्राइवर को चोटें आई हैं, जबकि वाहन में भरे सैकड़ों अंडे फूट गए।
बुधवार की रात तिफरा ओवर ब्रिज के पास पिक अप वाहन अचानक पलट गई।जिससे वाहन में रखे अंडे सड़क पर गिर गए।अंडों के फूटने से सड़क पर गंदगी फैल गई। जिससे वहां से गुजरने वाले राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।यही नहीं सड़कों पर अंडों गिरने की वजह से राहगीर सड़क पर फिसल कर गिरते भी नजर आए।सिविल लाइन पुलिस ने मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाने के साथ-साथ यातायात सुचारू करने प्रयास किया गया।
इसके साथ ही घायल ड्राइवर को अस्पताल भिजवाने के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी हुई पिकअप को हटवाया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सके।तिफरा फ्लाईओवर पर हादसे होना कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, एसबीआर कॉलेज के सामने आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अब तक कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ लोगों की जान भी जा चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।बताया जाता है कि इस फ्लाईओवर में तकनीकी खामियां भी हादसों की बड़ी वजह हो सकती हैं। कई वाहन चालक भी इस स्थान को दुर्घटना संभावित क्षेत्र मानते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही यहां जरूरी सुधार कार्य नहीं किए गए तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
 

 

panchayattantra24.-जांजगीर चंम्पा। जिला के मुलमुला थाना क्षेत्र के पामगढ़-अकलतरा मुख्य मार्ग के बनाहिल के पास नहर में एक युवक की लाश तैरती हुई मिली। जिसे आसपास गुजर रहे लोगों ने देखा। इसकी सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैल गई और लोगों की भीड़ मौके पर उमड़ पड़ी। लाश नहर के पुल के पास फांसी हुई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नहर से बाहर निकाला और जांच कर रही है।
नहर में मिला युवक की लाश
मिली जानकारी के अनुसार यह लाश झूलन पकरिया निवासी सत्य प्रकाश सिंह सर्वा उम्र 40 साल की है। बताया जा रहा है कि युवक प्रतिदिन सुबह 4 बजे के आसपास टहलने के लिए निकलता था संभावना यह जताई जा रही है कि दिशा मैदान के लिए नहर में उतर होगा और पैर फिसलने की वजह से वह पानी में डूब गया होगा। फिलहाल मौके पर मुलमुला पुलिस पहुंच कर जांच शुरू कर दी है। सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही होगी।