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panchayattantra24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों में टॉयलेट की बदहाल स्थिति को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने शिक्षा सचिव को इस मामले में 10 फरवरी तक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि करोड़ों का बजट मिलने के बावजूद स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। हाईकोर्ट ने इन परिस्थितियों पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि इतने बड़े बजट के बावजूद सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी और समाधान का रोडमैप पेश करने का आदेश दिया है। 
 2024″ सम्मान मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिलासपुर जिले के 150 सरकारी स्कूलों में टॉयलेट ही नहीं हैं, जबकि 200 से ज्यादा स्कूलों में टॉयलेट की हालत इतनी खराब है कि उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। कई स्कूलों में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए कॉमन टॉयलेट हैं, जिससे महिला शिक्षकों और छात्राओं को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्कूलों में टॉयलेट न होने के कारण महिला शिक्षक घंटों पानी पीने से परहेज करती हैं, जिससे कई शिक्षिकाएं यूरिन इंफेक्शन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो रही हैं। छात्राओं को भी टॉयलेट की कमी से बड़ी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। कुछ स्कूलों में शिक्षक और छात्र-छात्राएं आसपास के घरों के टॉयलेट का इस्तेमाल करते हैं, जिसके लिए 200 रुपए महीना और सफाई सामग्रियों का खर्च उठाना पड़ता है। टॉयलेट की अनुपलब्धता के कारण कई स्कूलों के बच्चे खुले मैदान में लघुशंका करते हैं। गंदगी और संक्रमण का खतरा लगातार बना रहता है। कुछ स्कूल ऐसे भी हैं, जो मुख्य सड़क के किनारे हैं। वहां छात्राओं को शिक्षिकाओं की निगरानी में खुले में लघुशंका करनी पड़ती है।
 

 

panchayattantra24.-बिलासपुर। सिरगिट्टी इंडस्ट्रियल एरिया में एक निर्माणाधीन भवन की छत ढलाई के दौरान अचानक भरभरा कर गिर गई। हादसे में छत पर काम कर रहे चार मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना सिरगिट्टी थाना क्षेत्र की है। इंडस्ट्रियल एरिया के सेक्टर-ए में साईं बैग्स उद्योग के लिए भवन का निर्माण हो रहा था। पहली मंजिल की छत की ढलाई की जा रही थी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे मिस्त्री वाइब्रेटर का उपयोग कर रहे थे, तभी सेंट्रिंग प्लेट को सहारा देने वाली कमजोर बल्लियां टूट गईं। इससे पूरी छत भरभरा कर नीचे गिर गई। 
 छत पर काम कर रहे मजदूर भी गिर गए। लोहे की जाली के कारण कुछ मजदूर बीच में अटक गए, जिन्हें किसी तरह बाहर निकाला गया। हादसे में राजकुमारी, मोनू ध्रुव, अशोक साहू और दुर्गेश साहू गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद स्पष्ट हुआ कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया था। सेंट्रिंग में कमजोर बल्लियों का उपयोग किया गया। बिना सुरक्षा उपकरणों के ऊंचाई पर मजदूरों से काम कराया जा रहा था। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने बताया कि मजदूरों और अन्य गवाहों के बयान के आधार पर ठेकेदार और मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
 

 
panchayattantra24.-जांजगीर। मुंबई से ट्रेन में आते वक्त दुर्ग स्टेशन में युवक आकाश कन्नौजिया को सैफ अली खान पर हमला केस में पूछताछ के लिए रोका गया था। बाद में, आकाश कन्नौजिया बेगुनाह निकला था और सैफ अली खान की घटना को मुंबई के किसी दूसरे व्यक्ति ने अंजाम दिया था। अब इस मामले में बड़ी बात यह है कि दुर्ग में पूछताछ के बाद आकाश की शादी टूट गई है और मुम्बई में उसकी नौकरी चली गई है। युवक की शादी कोरबा में लगी थी और मुंबई की एक कम्पनी में वह ड्राइवर था। 
 युवक आकाश, मुंबई से जांजगीर अपनी नानी के घर आ रहा था, तभी दुर्ग में स्टेशन पर उसे पूछताछ के नाम पर रोका गया था। जांजगीर में रहने वाली आकाश की नानी तुलसा बाई यादव का कहना है कि आकाश की शादी टूट गई है, नौकरी चली गई है। सरकार जिम्मेदार है और सरकार को अब पहल करनी चाहिए। संदिग्ध शख्स का नाम आकाश कनौजिया है। जिसकी उम्र 31 साल है. वो पेशे से ड्राइवर है। मुंबई पुलिस से जानकारी मिलने के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने 18 जनवरी को दुर्ग स्टेशन पर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस-कोलकाता शालीमार ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस से आकाश को हिरासत में लिया था। फिर 19 जनवरी की सुबह मुंबई पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक मोहम्मद शरीफुल इस्लाम शहजाद को थाने से गिरफ्तार किया था। जिसके बाद दुर्ग की रेलवे सुरक्षा बल ने आकाश को हिरासत से छोड़ा था।
 

 
panchayattantra24.-कोरबा. जिले के भैसमा में साप्ताहिक बाजार के पास सागौन बाड़ी में आज एक युवक के शव मिलने से हड़कंप मच गया है. अज्ञात आरोपी ने युवक के सिर को पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी है. शव की अबतक शिनाख्त नहीं हो पाई है. इसकी सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार, यह उरगा थाना क्षेत्र का मामला है. यहां अज्ञात आरोपी ने युवक के सिर को बुरी तरह पत्थर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. 
उरगा थाना पुलिस ने सूचना के बाद पहुंची मौके पर जांच कार्रवाई में जुट गई है. वहीं अधिक जानकारी जुटाने के लिए मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट और डॉग स्क्वॉड बुलाया गया है. जिले में भैसमा, सबसे बड़े ग्राम पंचायतों में से एक है. यहां साप्ताहिक बाजार के पास बाड़ी में शव मिलने के मामले में पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. युवक का सिर बुरी तरह पत्थर से कुचले जाने के चलते शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है. फिलहाल पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाल रही है.
 

 

panchayattantra24.-कोरबा। गढ़- उपरोड़ा में चार साल पहले पिता के सामने नाबालिग पुत्री से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद दोनों के साथ चार वर्ष की मासूम नातिन की हत्या कर दी गई थी। सामूहिक दुष्कर्म और तीहरे हत्याकांड मामले में न्यायालय ने पांच आरोपित को फांसी की सजा और एक आरोपित को सश्रम आजीवन कारावास की सुनाई है। ये है पूरा मामला घटना वनांचल लेमरू थाना अंतर्गत गढ़ उपरोडा में 29 जनवरी 2021 की है। लेमरू थाना के सतरेंगा निवासरत संतराम मंझवार 45 वर्ष के यहां पहाडी कोरवा परिवार रहता था और संतराम के मवेशी चराने का काम करता था। पहाड़ी कोरवा परिवार में पति- पत्नी, उनकी 16 वर्षीय पुत्री तथा एक चार वर्ष की मासूम थी। समझौता अनुसार संतराम को मवेशी चराने के एवज में प्रति माह 10 किलो चांवल एवं साल में आठ हजार रुपये देना था, पर संतराम केवल छह हजार रुपये देता था। बचत पैसा मांगने पर संतराम विवाद कर टालमटोल करता था। 
संतराम ने पहाड़ी कोरवा को शराब पिलाया। इसके बाद सभी ने कुछ दूर कर नाबालिग पुत्री से सामूहिक दष्कर्म किया। इस पर पिता ने विरोध किया तो डंडा व पत्थर से हमलाकर उसे मार दिया। इससे पहाड़ी कोरवा की मौत हो गई। अपराध छिपाने पुत्री व मासूम की भी पत्थर मार कर हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर अपर सेशन न्यायाधीश एफटीएससी (पाक्सो) में पेश किया। मामले में विशेष लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने पैरवी करते हुए बताया कि मामले की सुनवाई न्यायाधीश डॉ ममता भोजवानी के न्यायालय में हुई। 
सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने सजा सुनाई। इसके तहत न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत संतराम मंझवार, अब्दुल जब्बार, अनिल सारथी, आनंद दास व परदेशी को फांसी की सजा सुनाई गई।जबकि उनका साथी उमाशंकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने कहा है कि आरोपितों को तब तक फांसी पर लटकाया जाए, जब तक उनकी मृत्यु न हो जाए। जिले के किसी न्यायालय द्वारा एक साथ पांच लोगों को फांसी की सजा का यह पहला मामला है।
 

 
panchayattantra24.-कोरबा। जिले के चर्चित कुरथा गोलीकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घटना का मास्टरमाइंड और सुपारी देने वाला आरोपी गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया कि व्यवसायिक दुश्मनी और व्यक्तिगत द्वेष के चलते यह घटना एक साल से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी जा रही थी। 6 जनवरी 2025 को ग्राम कुरथा निवासी कृष्णा पांडेय अपने घर के बाहर उपसरपंच राम कुमार के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान अचानक गोली लगने से कृष्णा पांडेय घायल होकर गिर गए। गोली उनकी पीठ में लगी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। 
 घटना की रिपोर्ट पसान थाने के कोरबी चौकी में दर्ज की गई। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, एएसपी यू.बी.एस. चौहान और साइबर सेल प्रभारी रवींद्र मीणा के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच में सामने आया कि गजेंद्र सोरठे सरपंच के कार्यों का संचालन करता था। उसने उपसरपंच राम कुमार और रोजगार सहायक कलेश को रास्ते से हटाने के लिए यह साजिश रची थी। गजेंद्र का आरोप था कि ये दोनों उनके कार्यों में बाधा डालते थे और उनके परिवार के खिलाफ जादू-टोना करते थे। गजेंद्र ने अपने साथी वीरेंद्र आर्मो की मदद से बलिंदर राजवाड़े से पिस्टल खरीदी। इस पिस्टल की कीमत 1 लाख थी, जिसमें 90,000 रुपये ऑनलाइन और 10,000 नकद दिए गए। घटना को अंजाम देने के लिए गजेंद्र ने शिवप्रसाद उर्फ मोनू सारथी की मदद से राज कुमार और राम कुमार सारथी को शामिल किया। 
घटना वाले दिन आरोपी राज कुमार और राम कुमार जंगल में घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही कृष्णा पांडेय और राम कुमार मोटरसाइकिल पर घर से निकले, राज कुमार ने गोली चला दी। यह गोली राम कुमार को निशाना बनाकर चलाई गई थी, लेकिन पीछे बैठे कृष्णा पांडेय को लग गई। पुलिस ने छह आरोपियों राम कुमार सारथी, राज कुमार सारथी, गजेंद्र सोरठे, शिवप्रसाद उर्फ मोनू सारथी, वीरेंद्र आर्मो और बलिंदर राजवाड़े को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक पिस्टल, दो मैगजीन और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। मामले का खुलासा करने में कोरबी चौकी प्रभारी अफसर खान और साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई।
 

 
 panchayattantra24.-जांजगीर। जिला मुख्यालय के दफ्तरों के कर्मचारी बेलगाम हो गए हैं। जिले के कलेक्टर आकाश छिकारा सुबह सुबह अचौक निरक्षण पर निकले। इस दौरान कई अफसरों ने भी सरकारी विभागों का औचक निरीक्षण किया। निरक्षण के दौरान चौका देने तस्वीर देखने को मिली। 13 विभागों के 120 कर्मचारी दफ्तरों से अनुपस्थित मिले। कलेक्टर और अफसरों के निरीक्षण के बाद विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। सभी अनुपस्थित कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। कलेक्टर आकाश छिकारा ने बताया कि मामले में वेतन काटने की भी कार्रवाई की जा रही है। 
दरअसल, जिला मुख्यालय के दफ्तरों में कर्मचारियों द्वारा समय पर ऑफिस नहीं आने और दफ्तर से गायब रहने की शिकायत मिली थी। इसके बाद कलेक्टर और अफसरों की टीम ने विभागों का निरीक्षण किया। जहां 13 विभागों के 120 कर्मचारी अनुपस्थित मिले हैं। कलेक्टर ने कहा कि सभी कर्मचारी समय पर कार्यालय आएं और अनुशासन का पालन करें। अधिकारियों को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
 

 

panchayattantra24.-कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा में पाए जाने वाले किंग कोबरा की प्रजाति जानने के लिए डीएनए जांच कराई जाएगी। वैश्विक स्तर पर हाल ही में हुए अध्ययन से पता चला है कि किंग कोबरा की आफियोफैगस हन्ना के साथ ही तीन और प्रजातियां आफियोफैगस कलिंगा, आफियोफैगस साल्वाटाना, आफियोफैगस बंगारस प्रजातियां भी पाई जाती हैं। कोरबा में मिलने वाले किंग कोबरा के प्रथम दृष्टया आफियोफैगस हन्ना या आफियोफैगस कलिंगा प्रजाति के होने की संभावना है। हालांकि, टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कोरबा का किंग कोबरा चारों प्रजातियों में से कोई एक है या फिर कोई नई प्रजाति है। 
साल 2014 में कोरबा जिला के बताती गांव में रहने वाले एक किसान की बाड़ी में किंग कोबरा पहली बार नजर आया। इसके बाद कोरबा के कई अन्य स्थानों पर कोबरा मिलने लगे। साल 2021 में मदनपुर गांव में सबसे लंबा करीब 18 फीट लंबा कोबरा मिला। नोवा नेचर व अन्य संस्थाओं ने मिलकर इलाके में अब तक 250 से अधिक किंग कोबरा की गणना की है। सर्प मित्र और सर्वे दल के सदस्य जितेंद्र सारथी ने बताया कि कोरबा वन मंडल के साथ सूरजपुर जिले की सरहद तक कोबरा के रहवास के निशान मिले हैं। बताती क्षेत्र के जंगल को कोबरा रहवास के रूप में विकसित किया जा रहा है।
 

 
panchayattantra24.- बिलासपुर। एसकेबी मल्टीस्पेशलिटी व ट्रामा सेंटर अस्पताल में मानकों के विपरीत ऑपरेशन थिएटर (ओटी) संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. प्रमोद तिवारी ने अस्पताल का निरीक्षण कर गंभीर खामियां पाईं और तत्काल प्रभाव से ओटी संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया। कुछ दिन पूर्व अस्पताल में एक महिला का ऑपरेशन किया गया था, लेकिन गलत प्रक्रिया अपनाने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों ने महिला को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज जारी है। इस घटना के बाद परिजनों की शिकायत पर सीएमएचओ ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की। 
8 जनवरी को नर्सिंग होम एक्ट निरीक्षण दल ने एसकेबी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि ओटी में मानकों का पालन नहीं हो रहा था। ऑपरेशन-पूर्व कक्ष और स्टाफ चेंजिंग रूम मानक अनुरूप नहीं थे। स्टरलाइजेशन कक्ष और ऑपरेशन पश्चात रिकवरी रूम भी खस्ताहाल मिले। ओटी का कल्चर रिपोर्ट और फ्यूमिगेशन रिकॉर्ड अधूरा था। साथ ही छत्तीसगढ़ पैरामेडिकल काउंसिल से पंजीकृत पूर्णकालिक ओटी टेक्नीशियन और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी पाई गई। सीएमएचओ डॉ. तिवारी ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया है कि ओटी की सभी खामियों को दूर किया जाए। उन्होंने सिम्स संस्थान से ओटी का कल्चर टेस्ट करवाने और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। जब तक ये सुधार नहीं किए जाते, ओटी संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह कार्रवाई स्वास्थ्य मानकों को बनाए रखने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 

 
 panchayattantra24.-बिलासपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 2 हजार करोड़ रुपए के शराब घोटाले की आशंका है, जिसकी जांच ईडी कर रही है। इसमें जो भी दोषी होंगे, उसके खिलाफ ईडी कार्रवाई करेगी। पूर्व मंत्री कवासी लखमा की गिरफ्तारी भी ईडी की जांच के बाद हुई है। इस मामले में कांग्रेस के सुकमा बंद पर उन्होंने कहा कि कोई कुछ भी करे। लेकिन, नियम सबके लिए बराबर है। बिलासपुर प्रवास के दौरान बुधवार की रात मीडिया से बातचीत करते हुए सीएम साय ने कहा कि नगरीय निकाय और पंचायती राज विधेयक संशोधन के तहत जो आरक्षण लागू हुआ है वो संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार आरक्षण लागू किया गया है। अगर इसे लेकर कोई कोर्ट जाते हैं तो उस पर बंदिश नहीं है। कोर्ट उस पर न्याय करेगा। लेकिन, इसमें कुछ भी गलत नहीं हुआ है, बल्कि और प्रदेशों से अच्छा हम लोगों ने किया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद का गठन करके उसकी रिपोर्ट पर आरक्षण हुआ है। कई प्रदेशों में ऐसा प्रयास नहीं हुआ तो वहां पर चुनाव आयोग चुनाव कराता है और ओबीसी आरक्षण शून्य हो जाता है। यहां इस पर बेहतर और बहुत अच्छे से काम किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए शिक्षा जरूरी है। शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। हमारी डबल इंजन सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व निर्णय लिए हैं। हमने प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया हैं। हमने स्कूलों मे शिक्षक पालक मीटिंग और न्योता भोज जैसे अभिनव पहल की शुरूआत की है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के पोषण को बेहतर बनाया जा सके। पीएमश्री स्कूलों में शिक्षा के लिए अच्छी अधोसंरचना और स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। 
 बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपने नए कार्यालय का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों शुभारंभ कराया और अपनी ताकत दिखाई। इस दौरान सीएम के आगमन पर उनका पारम्परिक करमा नृत्य से स्वागत किया गया। उन्होंने नूतन कॉलोनी नया सरकंडा बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला के कार्यालय सेवा सदन में फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सिंह चौहान मौजूद थे। सेवा सदन में प्रतिदिन आम लोगों की समस्याएं सुनी जाएगी और उनके निराकरण की दिशा में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नए और व्यवस्थित कार्यालय के लिए विधायक सुशांत शुक्ला और बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जनता को अब अपनी समस्याओं को लेकर इधर उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। उनकी यहां सुनवाई होगी और निदान किया जाएगा। सेवा सदन में जनदर्शन के जरिए विधायक सुशांत शुक्ला आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। यहां मंगलवार छोड़कर प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक आम लोगों की समस्याएं सुनी जाएगी और उनके निराकरण की दिशा में पहल की जाएगी। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग उपस्थित थे।