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 panchayattantra24.-बिलासपुर। तेज रफ्तार कार के पलटने से दो युवतियों की मौत हो गई। दोनों मनाली टूर से लौटकर बिलासपुर के रास्ते कोरबा जा रहे थे। इस घटना का अब वीडियो सामने आया है। घटना पाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, मरने वालों की पहचान मोनिका चटर्जी (26) और दीक्षा राठौर (23) के रूप में हुई है। दोनों कोरबा के एमपी नगर कॉलोनी में रहते थे। दीक्षा राठौर लिपिक वर्ग कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सीपी राठौर की बेटी थी। उसकी मां प्रधान पाठक है। 
 बताया जा रहा है कि, दोनों युवतियां अपने दोस्तों के साथ मनाली घूमने गई थी। मंगलवार को वापस आने पर बिलासपुर से अपने दोस्त देवराज के साथ घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेशनल हाईवे पर दोपहर करीब 3 बजे डिस्पोजल चौक के पास उनकी तेज रफ्तार कार अनकंट्रोल हो गई। कार क्रमांक सीजी 12 एएल 2600 को देवराज चला रहा था। हाई स्पीड होने के कारण उसने कंट्रोल खो दिया जिससे कार स्किड होकर सड़क किनारे पलट गई। हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। दोनों लड़कियों की मौके पर मौत हो गई। जबकि पुरानी बस्ती निवासी देवराज गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सीने और सिर पर गंभीर चोटें आई हैं।
 

 
panchayattantra24.- बिलासपुर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 15 जनवरी को छत्तीसगढ़ आ रहे है। धनखड़ बिलासपुर के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में 15 जनवरी को होने वाले दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।उपराष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। 
 दीक्षांत समारोह में सत्र 2022-23 और 2023-24 के कुल 340 मेधावी छात्रों को विभिन्न श्रेणियों के पदक दिए जाएंगे। इनमें 170 स्वर्ण पदक, 148 विश्वविद्यालय पदक, 18 दानदाता पदक और 2 विशेष पदक शामिल हैं। कार्यक्रम की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को संभागायुक्त महादेव कावरे और आईजी संजीव शुक्ला ने कुलपति आलोक कुमार चक्रवाल की उपस्थिति में तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम स्थल और आसपास का क्षेत्र नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है।
 

 
publicuwatch24.-मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सरगांव क्षेत्र में ग्राम पंचायत रामबोड़ स्थित कुसुम लोहा फैक्ट्री में हुए दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब फैक्ट्री में साइलो (राखड़ भंडारण टैंक) गिरने से कुछ लोग राखड़ के नीचे दब गए। हादसे के बाद शुरू किए गए 40 घंटे लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम ने सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
घटना का पूरा विवरण
हादसा 8 जनवरी की रात हुआ, जब साइलो अचानक ढह गया। इसके मलबे में कई मजदूर और एक इंजीनियर दब गए। घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किया गया।
मृतकों की पहचान
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान राखड़ में दबे चार शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
जयंत साहू (इंजीनियर), पिता काशीनाथ साहू, निवासी सरकंडा, बिलासपुर।
अवधेश कश्यप, पिता निखादराम कश्यप, निवासी तागा, जांजगीर-चांपा।
प्रकाश यादव, पिता परदेशी यादव, निवासी अकोली, बलौदाबाजार।
मनोज धृतलहरे (मजदूर), जिन्हें घायल अवस्था में बाहर निकाला गया था, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और शवों की स्थिति
रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 40 घंटे तक चला। टीम ने हाई-टेक उपकरणों और मानव शक्ति की मदद से दबे हुए लोगों की तलाश की। तीनों शवों को बरामद करने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिम्स, बिलासपुर भेजा गया।
घायल मजदूर और अन्य नुकसान
हादसे में मनोज धृतलहरे को गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
हादसे के कारण की जांच जारी
फैक्ट्री प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। साइलो के गिरने का कारण निर्माण में खामियां या रखरखाव में लापरवाही हो सकती है, लेकिन आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है।
शोक में डूबे परिवार
मृतकों के परिवारों में शोक की लहर है। स्थानीय प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन ने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने इस घटना पर दुख जताया है और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। प्रशासन ने फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की जांच के आदेश दिए हैं।
कुसुम लोहा फैक्ट्री में हुए इस हादसे ने न केवल चार लोगों की जान ले ली, बल्कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और जांच एजेंसियों से उम्मीद है कि वे इस मामले में जल्द ही निष्कर्ष पर पहुंचेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
 

 
 panchayattantra24.-मुंगेली। परिजनों का दो टूक कहना है कि पावर प्लांट का रेस्क्यू आपरेशन जब पूरा नहीं हो जाता और राखड़ में फंसे मजदूरों को बाहर नहीं निकाला जाता, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। रामबोड प्लांट हादसे में रेस्क्यू करने के लिए एसडीआरएफ के साथ ही एनडीआरएफ की टीम पहुंच गई है। एक तरफ रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा वहीं दूसरी तरफ अफसर अटेंडेंस रजिस्टर के हिसाब से उपस्थित कर्मचारियों को फोन लगवा उनके सकुशल होने की लगातार खोजबीन भी करते रहे। 
 बिलासपुर– रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र में स्थित कुसुम स्टील प्लांट में हुए हादसे के बाद रात भर रेस्क्यू कार्य चलता रहा। हादसे में एक एक मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई है। वहीं तीन अन्य मजदूर मलबे में लापता है। जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू कार्य रात भर चलता रहा। मुंगेली जिले के कलेक्टर राहुल देव और एसपी भोजराम पटेल रातभर रेस्क्यू स्थल पर डटे रहे। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ भी पहुंचकर रेस्क्यू अभियान में जुटी है। साथ ही हैवी क्रेन भी भिलाई स्टील प्लांट से मंगाया गया है। मौके पर तीन मजदूरों के दबे होने की आशंका है। जो कंटेनर गिरा उसमें गर्म राखड़ भरा हुआ था। राखड़ मजदूरों के ऊपर भराभर कर गिर गया। गर्म राखड़ के खड़ा एक मजदूर मनोज कुमार धृतलहरें गंभीर रूप से झुलस गया था। जिसे इलाज के लिए बिलासपुर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वही तीन अन्य मजदूरों के राखड़ से भरे कंटेनर के नीचे दबे होने की आशंका है।
 

 

panchayattantra24.-मुंगेली। जिले के रामबोड़ गांव स्थित कुसुम लोहा फैक्ट्री में गुरुवार को हुए दर्दनाक हादसे का लाइव वीडियो सामने आया है। हादसा गुरुवार दोपहर 1 बजकर 6 मिनट पर हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में अफरा-तफरी मच गई। साइलो (भारी धातु संरचना) गिरने से मजदूर उसमें दब गए।

घटनास्थल का हाल और बचाव कार्य:

वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे मजदूरों को साइलो के नीचे से निकालने का प्रयास किया जा रहा है। आज, हादसे के दूसरे दिन भी बचाव कार्य जारी है। रायपुर और भिलाई से मंगाई गई तीन बड़ी क्रेनों की मदद से साइलो को हटाने का प्रयास किया जा रहा है।
घटनास्थल पर जिला प्रशासन के साथ-साथ एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों की निगरानी:

  • कलेक्टर राहुल देव,
  • पुलिस अधीक्षक भोजराज पटेल,
  • जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय स्वयं मौके पर मौजूद रहकर अभियान की निगरानी कर रहे हैं।
    प्रशासन का कहना है कि साइलो के नीचे अभी भी 4-5 मजदूर दबे होने की आशंका है।

हादसे का कारण:

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि साइलो का बेस कमजोर हो चुका था, जिससे यह भारी संरचना गिर गई। हालांकि, हादसे के विस्तृत कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।

मौके पर मौजूद संसाधन:

  1. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीमें।
  2. तीन भारी क्रेन मशीनें।
  3. प्राथमिक चिकित्सा और एंबुलेंस सेवाएं।
  4. जिला प्रशासन और पुलिस का सहयोग।

मजदूरों और उनके परिवारों की स्थिति:

हादसे के बाद मजदूरों के परिवारों में भारी आक्रोश और दुख का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

सरकार का बयान:

राज्य सरकार ने इस हादसे को गंभीरता से लिया है और घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं। प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों को उचित मुआवजा देने का भी आश्वासन दिया गया है।

कुसुम लोहा फैक्ट्री हादसा एक गंभीर त्रासदी है, जिसने सुरक्षा मानकों और मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राहत और बचाव कार्य में जुटी टीमों से उम्मीद है कि वे जल्द से जल्द दबे हुए मजदूरों को बाहर निकालने में सफल होंगी। प्रशासन को चाहिए कि भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।

मुंगेली। सरगांव स्थित कुसुम फैक्ट्री में बड़ा हादसा हो गया। लोहा बनाने की फैक्ट्री की चिमनी गिरने से करीबन आधा दर्जन मजदूरों के दबने की आशंका जताई गई है। फिलहाल, एक मजदूर को घायल अवस्था में निकालकर अस्पताल में दाखिल कराया गया है। इस हादसे में 7 लोगों की मरने की खबर है। जिसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पाई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और मलबे में फंसे लोगों को निकालने की कोशिशें जारी हैं।
 यह घटना सरगांव थाना क्षेत्र के रामबोड़ इलाके में हुई है। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर दबे मजदूरों को निकालने में जुटी है। 

 
panchayattantra24.-बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 100 साल पुराने जर्जर मिशन अस्पताल परिसर पर नगर निगम बुलडोजर चलाने की कार्रवाई कर रहा है। अतिक्रमण दस्ते के 10 बुलडोजर से भवन को जमीदोज करने में लगे हैं। करोड़ों की सरकारी जमीन पर व्यवसायिक उपयोग हो रहा था। जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम संयुक्त कार्रवाई कर रही है। दरअसल, कमिश्नर कोर्ट ने लीज समाप्त होने पर भूमि अधिग्रहण के आदेश को सही ठहराया था। इस अस्पताल के ओपीडी, आईसीयू और अन्य हिस्सों को कब्जा कर लिया गया था। 
 बिलासपुर के मिशन अस्पताल परिसर को जिला प्रशासन ने कब्जे में ले लिया था। जिसके बाद भवन की बदहाली को देखते हुए अब इसे जर्जर घोषित किया गया। प्रशासन ने जनहानि की आशंका को देखते हुए भवन के अंदर बिना अनुमति प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिला प्रशासन ने अस्पताल परिसर को अपने कब्जे में ले लिया था। लेकिन, इसके बाद भी यहां मिशन अस्पताल पहले की तरह संचालित हो रहा था। अस्पताल में डॉक्टर भी अपने चैंबर में बैठ रहे थे और बकायदा ओपीडी भी लगाई जा रही थी। लोगों ने प्रशासन ने इसकी शिकायत भी की थी। 
 लेकिन, इसके बाद भी ध्यान नहीं दिया जा रहा था। परिसर में मेडिकल स्टोर भी पहले की तरह संचालित हो रहा था। जहां लोग भी दवाई लेने के लिए पहुंचते थे। डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन में जो दवाइयां लिखते हैं, वो इसी मेडिकल स्टोर में ही मिलती थी। जिला प्रशासन के कब्जे में लेने के बाद भी परिसर में अभी भी लोग किराए पर रह रहे थे। ऐसे में कब्जाधारी अब भी काबिज थे। इसके साथ ही मुख्य अस्पताल के पीछे एक लाल रंग की बिल्डिंग है। जहां नर्सिंग कॉलेज का ऑफिस भी खोला गया था। विधायक निधि से जनरेटर, एसी और दूसरी व्यवस्थाएं की गईं थीं। लीज निरस्त होने के बाद जिला प्रशासन ने इसे अपने कब्जे में ले लिया था।
 

 
panchayattantra24.-कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 11वीं की छात्रा ने बीती रात हॉस्टल में लड़की को जन्म दिया है. इसकी जानकारी हाॅस्टल अधीक्षिका रात्रि ने उच्च अधिकारियों को दी, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. वहीं छात्रा उसे अपना बच्चा होने से इनकार कर रही है. नवजात की हालत गंभीर है. डॉक्टरों की निगरानी में जिला मेडिकल कॉलेज में बच्चे का इलाज जारी है. पूरा मामला कस्तूरबा बालिका हॉस्टल का है. हॉस्टल अधीक्षिका रात्रि ने छात्रा के कमरे में जाकर पूछताछ की। 
 इस संबंध में छात्रा ने अपनी संतान होने से इनकार कर दिया. हॉस्टल की ओर से पौड़ी उपरोड़ा से लगभग 40 किलोमीटर दूर निवासरत छात्रा के माता-पिता को बुलाकर उनसे पूछताछ की गई. छात्रा की मां ने बताया कि उसे भी उनकी बेटी ने गर्भवती होने की सूचना कभी नहीं दी. मामले की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी हॉस्टल पहुंचकर मामले की जानकारी ले रहे। नवजात बच्चे को जिला मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा ने बताया कि बच्चे की हालत अभी ठीक नहीं है. चोट के निशान पाए गए हैं. समय से पहले बच्चे को जन्म दिया गया है. फिलहाल नवजात बच्चे का उपचार जारी है. घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी गई है. पुलिस मामले की जांच कर रही।
 

 
panchayattantra24.-बिलासपुर। कलेक्टर अवनीश शरण ने नगर निगम बिलासपुर में प्रशासक के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। नगर निगम के महापौर और पार्षदों का कार्यकाल 4 जनवरी को समाप्त होने के बाद शासन ने 10 नगरीय निकायों में प्रशासकों की नियुक्ति की है, जिसमें बिलासपुर भी शामिल है। प्रशासक के रूप में अवनीश शरण को मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) और सामान्य सभा की सभी शक्तियां प्रदान की गई हैं। वह स्वतंत्र रूप से निगम के निर्णय ले सकते हैं और परिषद के कार्यकाल समाप्त होने तक निगम की सभी जिम्मेदारियां संभालेंगे। इस बार नगर निगम चुनाव समय पर घोषित नहीं होने के कारण परिषद् का पांच साल पूरा होने के बाद कलेक्टर को प्रशासक नियुक्त किया गया है। नगरीय चुनावों के लिए आरक्षण प्रक्रिया भी अभी अधूरी है। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित होने की संभावना है। जब तक चुनाव नहीं हो जाते, प्रशासक की नियुक्ति से नगर निगम का प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से जारी रहेगा। पदभार ग्रहण के अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार भी मौजूद थे।
 

 
panchayattantra24.-मरवाही। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बड़ा बयान जारी किया है. उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपराधियों के साथ सांठ-गांठ करना, उनको बचाना, कांग्रेस की संस्कृति रही है. यह उनकी प्रवित्ति है. सरकार उस पर जांच कर रही है. कांग्रेस ने समय रहते ही नक्सलियों को कुचल दिया होता, तो नक्सली नहीं पनप सकते थेबता दें, कि पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने साल 2023 के अंतिम दिनों में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के खिलाफ 
सड़क निर्माण में करोड़ों के भ्रष्टाचार की रिपोर्ट की थी. इसके बाद 1 जनवरी को पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने अपने भाई को बताया कि ठेकेदार का भाई रितेश उन्हें लेने आ रहा है. इसके बाद से उनका मोबाइल फोन बंद आने लगा और उनका 3 जनवरी के दोपहर तक कोई पता नहीं चल सका था। इधर परिजन और पत्रकार समूह उन्हें लेकर परेशान था। वहीं पत्रकार मुकेश के आखिरी लोकेशन को ट्रैक कर जब पुलिस पहुंची तो वहां एक सेप्टिक टैंक बना हुआ था. पुलिस ने उसे तोड़वाया तो उसमें पत्रकार मुकेश की लाश मिली. इस मामले में पुलिस ने आज 4 जनवरी की सुबह मुख्य आरोपी रितेश चंद्राकर को दिल्ली से गिरफ्तार किया. पुलिस ने इस मामले में बीती रात 3 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया था. रितेश समेत सभी 4 गिरफ्तार आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि इस हत्याकांड के पीछे कोई भी हो, उसे बख्सा नहीं जाएगा. सरकार उस पर जांच कर रही है. 
 कांग्रेस ने समय रहते ही नक्सलियों को कुचल दिया होता, तो नक्सली नहीं पनप सकते थे. उन्होंने आगे कहा कि इस हत्याकांड के पीछे कोई भी हो, उसे बख्सा नहीं जाएगा. बता दें, बस्तर संभाग नक्सल घटनाओं के लिए सबसे अधिक जाना जाता है. लेकिन झीरम हत्याकांड के बाद बस्तर से यह देश दूसरी बड़ी घटना है, जो नक्सलवाद से संबंधित ना होकर भी पूरे देश को हिला कर रख दिया है. निर्भय और निडर पत्रकारों को आय दिन धमकियां मिल रही हैं. इसकी शिकायत के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती. वहीं अब एक स्वतंत्र पत्रकार की हत्या ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को हिलाकर रख दिया है।