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रायपुर । कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने मंत्रालय महानदी भवन में अधिकारियों की बैठक में विभागीय काम-काज की समीक्षा की।

रमन सरकार के दौरान व्हाट्स एप से जासूसी की शिकायत की भी होगी जांच
रायपुर । इजराइली खुफिया साइबर कंपनी एनएसओ के बनाए पेगासस साफ्टवयेर के जरिए राज्य के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी कराए जाने के मामले को सरकार ने गंभीरता से लिया है. भूपेश सरकार ने इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया है. चर्चा यह भी है कि रमन सरकार के दौरान इजराइली कंपनी एनएसओ ने राज्य के आला अधिकारियों के सामने साफ्टवेयर के जरिए जासूसी कराए जाने को लेकर प्रेजेंटेशन दिया था. कमेटी इस दिशा में भी जांच करेगी कि क्या पिछली सरकार में इस तरह से जासूसी कराई गई थी या नहीं ।
गृह सचिव सुब्रत साहू के नेतृत्व में बनाई गई जांच कमेटी में रायपुर रेंज के आईजी आनंद छाबड़ा और जनसंपर्क आयुक्त तारण प्रकाश सिन्हा शामिल हैं. यह कमेटी एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. बता दें कि छत्तीसगढ़ के चार मानवाधिकार-सामाजिक कार्यकर्ता बेला भाटिया, शालिनी गेरा, डिग्री प्रसाद चौहान तथा आलोक शुक्ला के व्हाट्स एप के जरिए जासूसी कराए जाने की खबरें सामने आई थी. सरकार ने अब इसकी जांच कराए जाने का फैसला लिया है. जांच के लिए कमेटी गठित किए जाने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा है कि
जासूसी करना जासूसों का काम है, वो इसे करते रहेंगे. नागरिकों की निजता को सुरक्षित रखना मेरी जिम्मेदारी है, मैं भी इसे करता ही रहूंगा ।
गौरतलब है कि पिछले महीने ही यह खबर सामने आई थी कि व्हाट्स एप के जरिए कई भारतीय पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कराई गई. यह जासूसी इजराइल की साइबर फर्म एनएसओ के बनाए साॅफ्टवेयर पेगासस के जरिए की गई. यह जासूसी लोकसभा चुनाव के दौरान हुई थी. इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया था. व्हाट्स एप ने भी बयान जारी कर यह कहा था कि 29 अप्रैल से 10 मई के बीच यह जासूसी की गई थी ।

रायपुर- अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ बीजेपी ने 10 और 13 नवंबर को प्रस्तावित आंदोलन को रद्द कर दिया है. गौरतलब है कि धान खरीदी के मसले पर भूपेश सरकार के दिल्ली कूच के जवाब में बीजेपी ने मंडल और राज्य स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार की थी. बीजेपी ने 10 नवंबर को प्रदेश के सभी मंडलों में धरना-प्रदर्शन और 13 नवंबर को किसानों के साथ जेल भरो आंदोलन की रणनीति तैयार की थी. बीजेपी इस दिन प्रदेश भर में कांग्रेस का घोषणा पत्र भी जलाने वाली थी ।
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता नरेश चंद्र गुप्ता ने कहा है कि केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद सभी तरह के आंदोलन फिलहाल रद्द किए गए हैं. आने वाली दिनों में नए सिरे से इसकी रूपरेखा तैयार की जाएगी. बता दें कि धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपए किए जाने के साथ-साथ सेंट्रल पूल में चावल लेने की मांग के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में मंत्रीमंडल समेत हजारों किसान 13 नवंबर को दिल्ली कूच करने वाले थे. बीजेपी प्रदेश पदाधिकारियों की हाल ही में हुई बैठक में इस आंदोलन के जवाब में जेल भरो आंदोलन की रणनीति बनाई गई थी ।
पूर्व मुख्यमंत्री डाक्टर रमन सिंह ने कहा था कि भूपेश सरकार धान खरीदी की बात को डायवर्ट करने की कोशिश कर रही है. दिल्ली जाकर धरना प्रदर्शन की बात की जा रही है. यह भ्रम फैलाने की स्थिति है. कांग्रेस ने 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी किए जाने का वादा घोषणा पत्र में किया था. बीजेपी ने किसानों के बीच जाकर आंदोलन की भूमिका तय की है. दो साल का बोनस जो यह सरकार भूल रही है, उनको याद दिलाने के लिए किसानों के साथ प्रदर्शन करेंगे. चना का समर्थन मूल्य 4900 करने का और गन्ने का 355 करने की बात इन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र में की थी, जिसकी कापी उस दिन दिखाएंगे और जलाएंगे ।

रायपुर । सुप्रीम कोर्ट का शनिवार को राम मंदिर को लेकर आए फैसले के बाद छत्तीसगढ़ मुस्लिम समाज ने एक लाख रुपए राम मंदिर निर्माण के लिए देने का निर्णय लिया है. इस बात की जानकारी भाजपा नेता सलीम राज ने दी ।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर को लेकर आए फैसले के बाद राजधानी रायपुर के साथ पूरे प्रदेश से देश को साप्रदायिक सौहार्द और सद्भाव का संदेश दिया गया है. फैसले के पहले सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन द्वारा उठाए गए तमाम एहतियाती कदमों के साथ ही प्रदेश के किसी कोने से किसी प्रकार की कोई घटना की खबर नहीं आई है ।
पुलिस-प्रशासन के कदम के अलावा धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस कोशिश को बल देने का काम किया. राजधानी रायपुर में मुस्लिम समाज के शहर काजी मोहम्मद अली फारुकी ने सभी समाज के सदस्यों को जोड़कर संदेश देने की कोशिश की ।

रायपुर । अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सीएम भूपेश बघेल से फोन पर चर्चा कर प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी ली ।
मुख्यमंत्री बघेल ने केन्द्रीय गृह मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में स्थिति पूरी तरह शांतिपूर्ण है. राज्य सरकार पूरी तरह चौकन्नी है, उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री को आश्वस्त किया कि शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम रहेगी इसके लिए राज्य शासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है ।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 9 नवम्बर को सूरजपुर, कोरिया और सरगुजा जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न कार्याक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री सुबह जिला मुख्यालय बलरामपुर से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 11 बजे सूरजपुर जिले के केनापारा पहुंचेंगे और वहां केज कल्चर के अवलोकन के बाद सिलफिली में सुपोषण संगोष्ठी एवं आमसभा को सम्बोधित करेंगे। इसके बाद वे केनापारा (जिला-सूरजपुर) से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर दोपहर 2.35 बजे कोरिया जिले के चिरमिरी आएंगे और वहां लोकार्पण-भूमिपूजन के बाद आमसभा को सम्बोधित करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे चिरमिरी से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर सरगुजा जिले के मैनपाट पहुंचेंगे और वहां रात्रि विश्राम करेंगे।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण और अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण की बैठकें अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गई है. दोनों प्राधिकरणों की बैठक 11 नवम्बर को मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में आयोजित की गई थी ।

रायपुर । कांग्रेस का रायपुर नगर दीपावली मिलन समारोह पुजारी पार्क में किया गया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरी प्रशासन मंत्री शिव डहरिया, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ विधायक एवं कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले नगरी निकाय चुनाव में वार्ड से सभी कार्यकर्ताओं को दावेदारी करने का हक है, लेकिन संगठन जिन्हें भी टिकट देता है. उसे जिताने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर चुनाव लडऩा होगा ।

रायपुर । पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के ट्वीट पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भड़क गए. उन्होंने गुस्से में पत्रकारों से पूछा कि हैं कौन वो?, क्या हैं वो. क्या वो विधायक दल के नेता हैं? प्रदेश अध्यक्ष हैं? विधानसभा में पार्टी के सचेतक हैं? कौन हैं वो? उनकी पार्टी वाले ही उन्हें नहीं पूछ रहे।
भाजपा में बिखराव पर बोले मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि भाजपा में अनुशासन की बात करते थे. उनकी पार्टी में ही बिखराव की स्थिति है. पार्टी में जान से मारने की धमकी दी जाती है. भाजपा का चाल चरित्र चेहरा उजागर हो गया है. बीजेपी की बैठक में को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दल है. अपने कार्यक्रम करेंगे करना चाहिए. उनसे यही निवेदन करना चाहूंगा. भगवान उन्हें सद्बुद्धि दे और किसानों के साथ खड़े हों।
उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह की सरकार थी तब वह राज्यों को बोनस देने के लिए रोके नहीं बल्कि यूपीए सरकार ने खुद बोनस दिया है, जबकि नरेंद्र मोदी की सरकार ने न खुद बोनस दे रही हैं और जो राज्य बोनस देना चाहता उसमें रोक लगा रहे हैं. रमन सिंह की सरकार थी उसी समय यह प्रतिबंध लगा. वह पत्र भी दबा दिए थे और धान खरीदना भी कम कर दिए थे।
सीएम बघेल ने कहा कि हमारी सरकार के समय भी पिछले समय अनुमति दी थी. हमारी सरकार 2500 रुपये क्विंटल धान में खरीदना चाहती है, किसानों के साथ न्याय करना चाहती हैं. लाखों किसान हस्ताक्षर कर रहे हैं 13 तारीख को लेकर प्रधानमंत्री के पास जाएंगे. रमन सिंह ने कभी अनुरोध प्रधानमंत्री और भारत सरकार से नहीं किया, लेकिन हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है. छत्तीसगढ़ के किसानों के साथ न्याय होना चाहिए।
बीएसएनएल से कर्मचारियों को निकाले जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने केंद्र पर साधा निशाना. उन्होंने कहा कि पूरे देश में यही स्थिति है. यही बात नौजवानों की समझने की आवश्यकता है. राष्ट्रवाद से देश नहीं चलने वाला. जो रोजगार दे सके महंगाई कम कर सके मंदी के दौर से उबर सके. सरकार ऐसी होनी चाहिए।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष में बयानबाजियों के बाद अब ट्विटर वार शुरू हो गया है. सीएम भूपेश बघेल ने शायराना अंदाज में केन्द्र की बीजेपी सरकार के खिलाफ निशाना साधा तो इसके जवाब में पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने भी शायराना अंदाज में जवाब दिया. इतना ही नहीं पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने राज्य की कांग्रेस सरकार से सवाल भी पूछे. प्रदेश में 25 सौ रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदने को लेकर आरोप प्रत्यारोप चल रहे हैं. छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर लिखा- ‘भोले-भाले किसान भाइयों से झूठे वादे करके सत्ता हासिल करने वाले आज अपनी नाकामी छिपाने धमकी की राजनीति पर उतर गए हैं जो शर्मनाक है.Ó इसके साथ ही डॉ. रमन ने लिखा- पुरानी कश्ती को पार लेकर फक़त हमारा हुनर गया है, नए खिवैया कहीं न समझें नदी का पानी उतर गया है ।
ये सवाल भी पूछे-डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर छत्तीसगढ़ कांग्रेस से दो अहम सवाल पूछे हैं. डॉ. सिंह ने पूछा कि क्या विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस के घोषणा पत्र में धान खरीदी की न्यूनतम दर 2500 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित थी? क्या आपने घोषणा पत्र में किसानों से यह वादा करने से पूर्व केंद्र सरकार से अनुमति ली थी या सिर्फ किसानों को बहलाने के लिए यह योजना बनाई थी ।
2500 में धान खरीदना भूपेश सरकार का नैतिक दायित्व-भाजपा
भारतीय जनता पार्टी ने धान खरीदी मुद्दे पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के रुख पर फिर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मुद्दे पर जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह उनकी राजनीतिक सोच के दीवालिएपन का ही परिचायक है। भाजपा नेता संदीप शर्मा ने साफ -साफ शब्दों में मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि किसानों का पूरा धान खरीदने के अपने वादे को सरकार पूरा करे और बेसिर पैर की बातें करने से बाज आएं। सर्वदलीय बैठक के लिए भाजपा सांसदों के साथ जिस तरह का अपमानजनक आचरण प्रदेश सरकार ने प्रदर्शित किया, वह अशिष्टता की पराकाष्ठा थी। इस तरह की अशिष्टता प्रदेश सरकार ने जानबूझकर की और संसदीय मर्यादाओं के अपने निरे अज्ञान का परिचय दिया ।
अब मुख्यमंत्री किस मुंह से भाजपा सांसदों से यह पूछ रहे हैं कि किसानों को 25 सौ रुपए मिलना चाहिए या नहीं? यह कैसी राजनीतिक नासमझी का प्रदर्शन प्रदेश के मुख्यमंत्री कर रहे हैं? श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा प्रदेश के किसानों के हितों और अधिकतम लाभ के लिए प्रतिबद्ध है, और मुख्यमंत्री बघेल से भाजपा को इसका प्रमाण पत्र नहीं चाहिए। वे अपना प्रमाण पत्र अपने पास रखें, अगले चुनाव में जनता और प्रदेश का ठगा हुआ किसान इस प्रमाण पत्र को उसका असली अंजाम दे देगा।
भाजपा नेता श्री शर्मा ने सवाल किया कि किसानों का धान 25 सौ. रुपये प्रति क्विंटल की धर पर खरीदने का वादा करने वाली कांग्रेस की सरकार अब इससे मुंह क्यों चुरा रही है? आखिर ये सारे प्रपंच करके मुख्यमंत्री क्या साबित कर लेंगे? प्रदेश को दीवालिया करने की कगार पर ला खड़ा करने वाले मुख्यमंत्री बघेल को प्रदेश के किसानों के साथ-साथ हर वर्ग के साथ किए गए छलावे का हिसाब तो देना ही होगा, चाहे वे खुद को कितना ही चतुर-सयाना राजनीतिज्ञ और आर्थिक प्रबंधक बताकर अपने मुंह मिया मि_ू बन लें। श्री शर्मा.ने कहा कि 25 सौ रुपए में धान खरीदने का वादा कांग्रेस ने किया है, तो वह उसे पूरा करे। भाजपा उन्हें इसके लिए बाध्य करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी। नीतिगत विषयों पर ऐसे ओछे राजनीतिक हथकंड़ों के साथ बातचीत करने की कोशिश करके मुख्यमंत्री बघेल अपने राजनीतिक कद का बौनापन ही साबित कर रहे हैं।