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रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास पर आयोजित जनचौपाल-भेंट मुलाकात कार्यक्रम में अनेक जरूरतमंदों को स्वेच्छानुदान से आर्थिक सहायता राशि मंजूर की। उन्होंने भिलाई सेक्टर-32 निवासी इंदरचंद जैन को इलाज के लिए एक लाख रूपए की राशि मंजूर की। जैन पिछले एक वर्ष से लकवाग्रस्त हो गए है। अवंति बिहार रायपुर निवासी कुलवंत सिंह खुराना को एक लाख रूपए की सहायता, पेंशनबाड़ा रायपुर निवासी पंकज कुमार मिश्रा को व्यवसाय के लिए 50 हजार रूपए, कबीरधाम जिले के पण्डरिया तहसील के ग्राम पलानसारी के दिव्यांग सुशील चंद्रवंशी को 10 हजार रूपए, मनोज चंद्रवंशी को 10 हजार रूपए, रायपुर भनपुरी गीतानगर निवासी टी.वेंकटराव को 10 हजार रूपए, मौदहापारा रायपुर निवासी जरीना खान को बेटी की शादी के लिए 10 हजार रूपए, महासमुंद जिले के बागबहरा तहसील के ग्राम टोंगोपानी के जय मॉ दुर्गा महिला स्व सहायता समूह को सामग्री खरीदी के लिए 10 हजार रूपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की।
मुख्यमंत्री ने कबीरधाम जिले के विरेन्द्रनगर निवासी दिव्यांग नेतराम साहू को 10 हजार रूपए, रायपुर कटोरा तालाब निवासी राधाबाघ को पति के इलाज के लिए 10 हजार रूपए, सरोरा गोंदवारा निवासी ईश्वरी बंजारे को 4 वर्षीय बेटे के इलाज के लिए 10 हजार रूपए, कबीरधाम के सहसपुरा लोहारा तहसील के ग्राम सूरजपुरा के कृपाराम, नेमुनबाई, नुनका बाई, सीता साहू और साधेलाल, बेमेतरा जिले के ग्राम खपरी की अनिता बाई और रायपुर रामसागरपारा के टीकाराम को 5-5 हजार रूपए की आर्थिक सहायता राशि मंजूर की। मुख्यमंत्री ने कोरबा जिले के दादरखुर्द के प्रतिभा महिला स्व सहायता समूह को धान कुट्टी हालर मिल और हल्दी मिर्च आटा चक्की सेट के लिए कलेक्टर कोरबा को डीएमएफ से सहायता देने के निर्देश दिए।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास पर आयोजित जन चौपाल, भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंडल ने अकादमी के अध्यक्ष के.पी. खांडे के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने राज्योत्सव के राज्य अलंकरण समारोह में गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी को गुरु घासीदास सम्मान से सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया । प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि संत गुरु बाबा घासीदास की जयंती के अवसर पर अगले माह 16 दिसंबर से राजधानी रायपुर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने इन कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण मुख्यमंत्री को दिया। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. जे. आर. सोनी और सुंदर जोगी भी उपस्थित थे। धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड के मन्दरौद स्थित संत कबीर आश्रम के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें आश्रम में आयोजित किये जा रहे सत्संग कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया। बघेल ने दोनों प्रतिनिधिमंडलों को आमन्त्रण के लिए धन्यवाद देते हुए आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।

कोरिया । सीएम भूपेश बघेल 9 नवंबर को कोरिया जिले के चिरमिरी दौरे पर रहेगें। सीएम के साथ ही विधानसभा अध्यक्ष चरनदास महंत और कोरबा सांसद ज्योत्स्ना महंत भी मौजूद रहेंगे। सीएम भूपेश बघेल चिरमिरी में आयोजित लोकार्पण और भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होगें। इस दौरान वे चिरमिरी जल आवर्धन योजना का लोकार्पण करेंगे । सीएम यहां 90 करोड़ के कार्यो का लोकार्पण व भूमिपूजन करेंगे ।

रायपुर । पुलिस को मिली जानकारी के अनुसार फरारी के दौरान केमिकल अली ने 1 करोड़ से ज्यादा की रक़म रायपुर के अलग-अलग बैंक खातों में भिजवाई थी. जिनमें केमिकल अली के रिश्तेदारों के साथ ही दोस्तों के बैंक एकाउंट का भी इस्तेमाल हुआ था. साथ ही केमिकल अली के दुर्ग भिलाई में भी कई ठिकानों का पता चला है,जहां से फ़र्ज़ी पासपोर्ट और दस्तावेज तैयार किए गए थे ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में तबादले किए हैं। प्रशासनिक दृष्टि से समान सामर्थ्य सेवा शर्तों और निबंधनों के अधीन अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक नवीन पदस्थापना स्थान पर पदस्थ किया गया है।



रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने देश की राजधानी नई दिल्ली में पराली जलाने से हर वर्ष उत्पन्न होने वाली भीषण प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए कृषि को मनरेगा से जोड़ने और पराली को जैविक खाद में बदलने का सुझाव दिया है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस समस्या के निदान के उपाय सुझाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सितम्बर-अक्टूबर माह में हर साल पंजाब एवं हरियाणा राज्य को मिला दे तो लगभग 35 मिलियन टन पराली या पैरा जलाया जाता है। इसके दो कारण हैं- किसान द्वारा धान की फसल के तुरंत बाद गेंहू की फसल लेना और पैरा डिस्पोजल का जलाने से सस्ता का सिस्टम मौजूद नहीं होना। जबकि किसान जान रहे हैं कि इससे धरती की उर्वरकता नष्ट होती है। भयानक प्रदूषण उत्पन्न होता है।
एक सर्वे के अनुसार सितम्बर-अक्टूबर माह में जलाए गए पराली से दिल्ली में 42 प्रतिशत से 46 प्रतिशत तक वायु प्रदूषण में वृद्धि होती है और इससे दमा, कफ और अन्य बीमारियों का प्रतिशत 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। ये निश्चय ही खतरनाक स्थिति है। एक ओर किसान अपना महत्वपूर्ण जैव घटक जोकि जैविक खाद बनाने में उपयोग होना चाहिए, को आर्थिक संकट की वजह से जला कर नष्ट कर रहें है, वहीं दिल्ली की जनता स्वास्थ्य संकट झेल रही है। यदि मनरेगा के नियोजन से इस पराली और ठूंठ को जैविक खाद में बदलने के लिए केन्द्र सरकार निर्देश दे तो न केवल भारी मात्रा में खाद बनेगा, बल्कि पराली जलाया नही जाएगा, जिससे प्रदूषण नहीं होगा। 100 किलोग्राम पराली से लगभग 60 किलोग्राम शुद्ध जैविक खाद बन सकता है। यानी 35 मिलियन टन पराली से लगभग 21 मिलियन टन यानी 2 करोड़ 10 लाख टन जैविक खाद बन सकता है। जिससे उर्वरकता खोती पंजाब की न केवल भूमि का उन्नयन होगा, बल्कि वहां भयानक रूप से बढ़ते कैंसर का प्रकोप भी कम होगा और दिल्ली का स्वास्थ्य भी ठीक होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में 2000 गांवों में गौठान बनाएं है, जहां जन-भागीदारी से परालीदान (पैरादान) कार्यक्रम जारी है। सरकार उसे गौठान तक लाने की व्यवस्था कर रही है और ग्रामीण युवा उद्यमी उसे खाद में बदल रहे है। ये पराली समस्या का एक सम्पूर्ण हल है। कृषि एक आवर्तनशील प्रक्रिया है, उसके हर उत्पाद वापिस खेतों में जाएंगे, किसी न किसी स्वरूप में, तभी खेती बचेगी, मनुष्य स्वस्थ होगा। इसमें मनरेगा और गौठान परंपरा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मनरेगा का पूरा नाम महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना है यानी मजदूरों को रोजगार की गारंटी देकर किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है। मनरेगा के अवयवों का सदुपयोग कृषि में कर किसानों की आय को बढ़ाया जा सकता है।


रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज मंत्रालय में छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ बैठक के बाद कहा कि सांसदों के साथ बैठक हो गई है। सीएम ने कहा भाजपा ने 21 सौ समर्थन मूल्य और 3 सौ बोनस देने को घोषणा की थी, लेकिन ये वादा नहीं निभाया। जबकि हम 25 सौ रु में धान ख़रीदना चाहते हैं, लेकिन केंद्र वादों से मुकर रही है।
सीएम ने कहा कि तत्कालीन रमन सरकार ने केंद्र से धान ख़रीदी पर नियमों को शिथिल कराया था। अब हम यही मांग कर रहे हैं लेकिन केंद्र मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होने कहा कि बैठक में शामिल होने के लिए भाजपा सांसदों को जानकारी भेजी गई थी। राज्योत्सव में भी भाजपा पदाधिकारियों की निमंत्रण भेजा गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रमन सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि रमन सिंह बताएं किस हैसियत से सांसदों को बैठक में आने से रोका है, न तो वे संसदीय दल के नेता और न ही विधायक दल के नेता हैं। सीएम ने कहा कि सांसदों को हमने पत्र भेजा था।

रायपुर । धान खरीदी के मामले में छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ सीएम भूपेश बघेल की बैठक शुरु हो गई है. प्रदेश के 16 में से 3 सांसद ही बैठक में उपस्थित हैं. जो सांसद बैठक में शामिल हुए उनमें कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत, बस्तर सांसद दीपक बैज और राज्यसभा सांसद छाया वर्मा हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोर भी बैठक में नहीं पहुंचे। जबकि भाजपा सांसदों पर झूठ कहने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सभी को सूचना दी गयी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के कथनी और करनी में ये अंतर नजर आता है। चुनाव के वक्त भाजपा नेताओं ने जो वादे किये थे, उन वादों से अब भाजपा मुकर रही है।
वहीं भाजपा के सांसदों ने इस बैठक का बहिष्कार किया है. भाजपा सांसदों का कहना है कि उन्हें बैठक की सूचना नहीं मिली है. हालांकि राज्यसभा सांसद रामविचार नेताम ने सरकार द्वारा बैठक में शामिल होने का पत्र मिलने पर रांची में होने की वजह से उपस्थित नहीं हो पाएंगे. आपको बता दें छत्तीसगढ़ में लोकसभा के 11 और राज्यसभा के 5 सांसद है ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में आईपीएस अफसर की फोन टैपिंग के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. साथ ही कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा है कि ऐसा लग रहा है देश में अब लोगों की निजता बची ही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि अफसर व परिवारवालों के फोन टेप क्यों हो रहे हैं? सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कहा कि फिलहाल अफसर के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी ।
यह मामल आईपीएस अफसर से जुड़ा है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में छत्तीसगढ़ सरकार पर अपने परिवार के सदस्यों के फोन टैप कराने का आरोप लगाया है. इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने पिछली सुनवाई में छतीसगढ़ सरकार पर सवाल उठाए थे और राज्य सरकार से चार नवंबर तक जवाब मांगा था ।
सोमवार को फिर इस मसले पर सुनवाई हुई, जिसमें फोन टैपिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे फोन टेप की ज्यादा चिंता है. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘ऐसा लग रहा है देश में अब लोगों की निजता बची ही नहीं, रोज कुछ न कुछ होता है ।
ये टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को आदेश दिया कि फिलहाल अफसर के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं होगी. अब इस केस की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी ।
रायपुर । नक्शा, खसरा, बी-वन और ऋण पुस्तिका जैसे सरकारी दस्तावेजों से पटवारियों का डिजिटल हस्ताक्षर गायब कर दिया गया है। नतीजा यह कि लोगों को च्वाइस सेंटरों में अपनी जमीन के दस्तावेज ऑनलाइन नहीं मिल पा रहे हैं। पटवारियों के पास फिर चक्कर लगाने मजबूरी हो गई है। डिजिटल हस्ताक्षर के बजाय मैन्युअल हस्ताक्षर की स्थिति बनने से तहसीलों में डिजिटलीकरण की व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। पटवारियों का कहना है कि यह बात सही है कि डिजिटल हस्ताक्षर नहीं आ रहा है। एक साल पहले पूरे प्रदेश में डिजिटल हस्ताक्षर दिया गया था, लेकिन अभी राज्य शासन ने खरीफ फसल की एंट्री करने के लिए कहा है। इस एंट्री के दौरान डिजिटल हस्ताक्षर खुद ही समाप्त हो गया है, जो भी आवेदक आ रहे हैं उनकी ऋण पुस्तिका मिला रहे हैं और फसल लिख रहे हैं इसके बाद फिर डिजिटल हस्ताक्षर कर रहे हैं। डिजिटल हस्ताक्षर नहीं होने से अब च्वाइस सेंटरों में काम नहीं हो पा रहा है। पटवारियों का तर्क है कि सामान्य किसान सिर्फ पटवारी को ही जानता है। च्वाइस सेंटरों में किसानों को लूटा जाता है। च्वाइस सेंटर वाले किसानों के रकबे की जानकारी ले लेते हैं। इसमें मिस यूज होने की शिकायतें आती हैं।
फर्जीवाड़ा रोकने के लिए लागू किया था सिस्टम
पिछली सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए डिजिटल सिस्टम लागू किया था। दावा किया गया था कि फर्जी सील और हस्ताक्षर की बात कहकर दस्तावेजों से पटवारी अपना पल्ला नहीं झाड़ पाएंगे। इससे जमीन के फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। नए सिस्टम से डिजिटल हस्ताक्षर पटवारी के अलावा और कोई व्यक्ति कर भी नहीं सकता। फर्जीवाड़ा करने पर वे पकड़े जाएंगे और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जमीन की नापजोख में गड़बड़ी की शिकायतों को रोकने के लिए भी यह सिस्टम लागू किया गया था। डिजिटल हस्ताक्षर के लिए पटवारियों को आइडी, पासवर्ड दिया जा रहा है।
यह सही है पटवारियों का डिजिटल हस्ताक्षर नहीं आ रहा है। एक साल पहले पूरे प्रदेश में डिजिटल हस्ताक्षर सिस्टम लागू किया गया था। अभी राज्य शासन ने खरीफ फसल की एंट्री करने की जिम्मेदारी दी। एंट्री करने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर खुद ही समाप्त हो गया। अब जो भी आवेदक आ रहे हैं तो उनकी ऋण पुस्तिका मिला रहे हैं और खरीफ फसल लिख रहे हैं फिर डिजिटल हस्ताक्षर कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले साल से बेहतर व्यवस्था करेंगे। डिजिटल डाटा करने के लिए पटवारियों को न ही लैपटॉप दिया गया न ही कंप्यूटर, इससे परेशानी हो रही है। – अश्वनी कुमार वर्मा, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ पटवारी संघ
नक्शा-खसरा में डिजिटल हस्ताक्षर की तकनीकी दिक्कत
पूरे प्रदेश में पटवारियों का डिजिटल हस्ताक्षर हो रहा है। कुछ तकनीकी दिक्कते आती हैं। वैसे जब नक्शा-खसरा अपडेट होता है तब डिजिटल सिग्नेचर नहीं आ पाता है। तकनीकी दिक्कतें आती रहती हैं। – प्रणव सिंह, एसडीएम, रायपुर