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रायपुर । 8 अक्टूबर को दशहरा है. पूरे देश में राममय होने को आतुर है. राजनेता इस मौके से पहले राम को सियासी बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं. छत्तीसगढ़ में तो कौशल्या के राम के बीच अब सियासत के राम की चर्चा भी खूब हो रही है. इस कड़ी में डॉ. रमन सिंह ने भी कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर दिया है । 
डॉ. रमन सिंह ने मंत्री रविन्द्र चौबे को जवाब देते हुए कहा,  कांग्रेस तो राम सेतु तोड़ने वासी, राम जन्मभूमि में बाधा पहुँचाने वाली पार्टी है. कांग्रेस के नेताओं के लिए राम एक अवसर की तरह है. कांग्रेसी राजनीतिक अवसर देखकर जेनऊ दिखाने लग जाते हैं, मंदिर-मंदिर जाने लग जाते हैं, राम-राम चिल्लाने लग जाते हैं. कांग्रेसियों ने आज़ादी के बाद से अब तक राम को आमत्सात ही नहीं किया है । 
आपको बता दे कि शुक्रवार को मंत्री रविन्द्र चौबे ने भगवान राम पर बोलते हुए कहा था, कि भाजपा के लिए राम एक मॉब लिचिंग है, वोट बैंक है । 

 
 
 
रायपुर । निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, सरकार ने गुरुवार को एक आदेश जारी कर निलंबित आई पी एस मुकेश गुप्ता से जुड़े एम.जी.एम. आई-हॉस्पिटल की मान्यता ख़त्म कर दी है. इसके साथ ही सरकार ने हॉस्पिटल को दी जाने वाली सभी सरकारी अनुदानों पर रोक लगा दी है । 
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग यह आदेश सभी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नाम से जारी किया है. इस आदेश के जारी होने के बाद एम.जी.एम हॉस्पिटल सरकारी अनुदानों से वंचित हो गया है. पिछली सरकार में एम.जी.एम हॉस्पिटल को अनुदान प्राप्त करने की व्यवस्था बनायी गई थी । 
आपको बता दें निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता के खिलाफ चल रही जांच में कई अहम चीजों का खुलासा हुआ था. जिसके बाद गुप्ता से जुड़े एमजीएम ट्रस्ट की  मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये गए थे. मुकेश गुप्ता की दिवंगत पत्नी के नाम पर चल रहे ट्रस्ट मिकी मेमोरियल ट्रस्ट को लेकर पंजीयक कार्यालय ने गंभीर टिप्पणी की थी । 
पंजीयक सार्वजनिक न्यास रायपुर ने ट्रस्ट के प्रबंधक को नोटिस भेजकर ट्रस्ट की समस्त चल अचल संपत्तियां के क्रय विक्रय, दान वसीयत के दस्तावेज और विवरण उपलब्ध कराने के साथ ही आयकर रिटर्नस एवं स्टेटमेंट, आय-व्यय का लेखा-जोखा, सभी ट्रस्टी एवं लोक न्यास से संबंधित सभी व्यक्तियों के विवरण, ब्योरा, लेखा एवं रिपोर्ट, उनकी चल अचल संपत्तियों का समस्त विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिये थे. इस मामले में चल रही जांच में 97 खातों का भी पता चला था । 
18 सितंबर को एमजीएम हॉस्पिटल में ईओडब्ल्यू के साथ पीडब्ल्यूडी की टीम नापजोख के लिए पहुंची थी । 

 
 
  रायपुर ।   छत्तीसगढ़ में भगवान राम को लेकर सियासत जारी है. इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ मंत्री ने एक बड़ा बयान दे दिया है. कैबिनेट मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि भाजपा के राम और हमारे राम में अंतर है. उन्होंने कहा कि हमारे राम शबरी के राम हैं, निषाद के राम हैं, वनवासी के राम हैं. लेकिन भाजपा के राम मॉब लिंचिंग के राम हैं, चंदा बटोरने के राम हैं. देश की संस्कृति में रामलीला रची बसी है, इसलिए कांग्रेस रामलीला करवा रही है । 

 
रायपुर । रायपुर/नई दिल्ली। राष्ट्रीय महिला आयोग के सलाहकार के रूप में हर्षिता पांडेय ने गुरुवार को पदभार ग्रहण किया और समिति की पहली बैठक में शामिल हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष रखा शर्मा की अध्यक्षता में सलाहकार समिति की पहली बैठक हुई, इससे पहले नए सदस्यों ने अपनी जिम्मेदारी संभाली. छत्तीसगढ़ से शामिल हर्षिता पांडेय ने भी अपना दायित्व ग्रहण किया। पहली बैठक में महिला आयोग की कार्य प्रणाली, कार्यस्थल में महिलाओं के यौन शोषण, संपत्ति में महिलाओं के अधिकार जैसे विषयों पर चर्चा हुई । 

 
  रायपुर । बिलासपुर हाईकोर्ट से प्रदेश सरकार को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बढ़े हुए आरक्षण पर रोक लगा दी है। कोर्ट के फैसले के बाद सीएम ने कहा कि माननीय न्यायालय ने 69 प्रतिशत आरक्षण को स्वीकार कर लिया है। यानी एससी और आर्थिक रुप से पिछड़े वर्ग के आरक्षण को स्वीकार कर लिया गया है। ओबीसी के आरक्षण को स्वीकार नहीं किया गया है। जिसको लेकर हम लड़ाई लड़ेंगे और न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे।

 
 
 
रायपुर । महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती  के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 4 अक्टूबर से ‘गांधी विचार यात्रा’ शुरू हो रही है. प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के नेतृत्व में आज गांधी विचार यात्रा की शुरुआत धमतरी जिले के कंडेल से प्रारंभ होगी. भूपेश बघेल आज रायपुर से सुबह 10.30 बजे हेलीकाप्टर से रवाना होकर 11 बजे धमतरी जिले के ग्राम कंडेल पहुंचेंगे और वहां ’गांधी विचार यात्रा’ का शुभारंभ करेंगे । 
महात्मा गंधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और कंडेल नहर सत्याग्रह की यादों को चिरस्मरणीय बनाने के लिए आयोजित इस गांधी विचार यात्रा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत, राज्य सरकार के मंत्री,सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे  । 
सीएम भूपेश बघेल कंडेल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद आमसभा को सम्बोधित करेंगे. मुख्यमंत्री गांधी विचार यात्रा के साथ ग्राम छाती तक पदयात्रा करेंगे और वहां से शाम 5 बजे रवाना होकर 5.30 बजे रायपुर लौट आएंगे । 

 
 रायपुर। नवरात्रि पर्व के पावन अवसर पर इस वर्ष राजधानी रायपुर में रामलीला का भव्य मंचन किया जाएगा. जिसमें शहरवासियों को ‘कौशल्या के राम’ पर शानदार प्रस्तुति देखने को मिलेगी. इस कार्यक्रम की जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए महापौर प्रमोद दुबे ने दी है । 
महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में रामलीला मंचन की प्राचीन परम्परा रही है. मंदिरहसौद के निकट चंदखुरी में मं कौशल्या का मंदिर है एवं मां कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ है. भगवान श्रीराम हमारी संस्कृति से आदिकाल से जुड़े ये हैं. रावणभाठा में दूधाधारी मठ के महंत राजेश्री श्रीराम सुन्दर दास द्वारा प्रतिवर्ष रामलीला का मंचन वर्षों से होता आ रहा है. संतकवि पवन दीवान भी मां कौशल्या एवं भगवान राम के ननिहाल से प्रभावित होकर “कौशल्या के राम’ शीर्षक से ही रामलीला का मंचन करवाया करते थे । 
राम हमारी संस्कृति के प्रबल धरोहर है, उन्हीं की लीलाओं का प्रभाव आज भी हमारे छत्तीसगढ़ में विद्यमान है. इसी क्रम की निरंतरता को बनाये रखने के उददेश्य से इस वर्ष रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मथुरा के प्रतिष्ठित आदर्श रामलीला मंडली के कलाकार एवं स्थानीय कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे । 
प्रमोद दुबे ने कहा कि यह आयोजन पूर्व सांसद एवं संत कवि पवन दीवान के स्वर्गवास के बाद टूटी हुई परम्परा को जीवंत करने का एक छोटा सा प्रयास है. अगर प्रभु कृपा से यह छोटा सा प्रयास सफल होता है तो संत कवि पवन दीवान के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी । 
कार्यक्रम का आयोजन 04 से 06 अक्टूबर को शहीद स्मारक भवन में किया जाएगा. रामलीला का मंचन रात्रि 07 बजे से 10 बजे तक स्वामी राघवेन्द्र देव चतुर्वेदी, मथुरा वालों के निर्देशन में मथुरा एवं छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा आदर्श राम लीला मण्डल के तहत प्रस्तुति दी जाएगी । 
रामलीला मंचन के दैनिक कार्यक्रम
04 अक्टूबर : श्रीराम जन्म, ताडका वध, मारीच वध, पुष्प वाटिका, श्रीराम सीता प्रथम मिलन दिवस
05 अक्टूबर : धनुष यज्ञ, कैकयी दशरथ संवाद, राम वनवास, सीता हरण
06 अक्टूबर : कुंभकरण वध, मेघनाथ वध, रावण वध एवं श्रीराम जी  का राजतिलक
आयोजक : हमर राम सांस्कृतिक समिति, रायपुर (छ.ग.)
बता दें कि इस कार्यक्रम की आयोजक हमर राम सांस्कृतिक समिति है. आयोजक समिति के सदस्य महापौर प्रमोद दुबे, विधायक सत्यनारायण शर्मा, विधायक कुलदीप जुनेजा , विधायक विकास उपाध्याय, राजेश्री महंत राम सुन्दर दास, गिरीश देवांगन, कन्हैया अग्रवाल, आर.पी.सिंह और विकास तिवारी हैं । 

 
 
रायपुर ।  छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक बार फिर कोलीकांड की वारदात हुई है. पुरानी रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर बुलठू पाठक की गोली मार कर हत्या कर दी गई है. वारदात के बाद आरोपी धर्मेंद्र सिंह ठाकुर ने खुद ही थाने में जाकर खुद को डीडी नगर थाना में जाकर सरेंडर कर दिया. घटना रायपुरा के पेट्रोल पंप के पास का है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है । 
गोलीकांड की वारदात बीती रात की है. बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप पर पेट्रोल डलवाने के दौरान दोनों के बीच आपस में विवाद हो गई. विवाद के दौरान आरोपी का बेटा भी उसके साथ था. देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और बुलठू ने अपनी जेब से चाकू निकालकर आरोपी के बेटे शिवेंद्र के पेट में वार कर दिया. चाकू मारते ही धर्मेंद्र ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर बुलठू के सीने में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई. बेटा शिवेंद्र पेट में चाकू लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया है. शिवेंद्र का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. इलाज के बाद अब वह खतरे से बाहर है । 
मृतक बुलठू पाठक कंकाली पारा का रहने वाला था, जो कि प्रॉपर्टी का कारोबार करता था. उसके खिलाफ पूर्व में हत्या समेत कई अपराध थाने में दर्ज हैं. कामाख्या होटल के पास हुई इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है. गोलीकांड की वारदात के कुछ देर बाद ही सुंदर नगर निवासी आरोपी धर्मेंद्र ने डीडी नगर थाने में जाकर खुद को सरेंडर कर दिया. पुलिस अब आरोपी धर्मेंद्र सिंह ठाकुर से पूछताछ कर रही है । 
बता दें कि राज्य में चर्चित जग्गी हत्याकांड में भी बुलठू का नाम आया था. बाद में वह अदालत में सीआरपीसी की धारा 164 में बयान देकर वह सरकारी गवाह बन गया था । 

 
 
 रायपुर । महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर आहुत विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सावरकर को लेकर की गई टिप्पणी पर हंगामा मच गया. भाजपा विधायकों ने उनके बयान को विलोपित करने की मांग की, जिस पर भूपेश बघेल ने शब्द वापस लेने से इंकार कर दिया. भारी शोरगुल के बीच बीजेपी सदस्यों ने सदन का बहिर्गमन कर बाहर वीर सावरकर के समर्थन में  नारे लगाते हुए गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया। 
दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महात्मा गांधी पर चर्चा के समापन पर कहा कि आज का राष्ट्रवाद भयानक किस्म का हिंसक है. अराजक और उत्तेजित इस राष्ट्रवाद में जीवन का कोई सम्मान नहीं है. ये राष्ट्रवाद बाहर से आया हुआ है. इसकी जड़े जर्मनी और इटली से गढ़ी हुई है. भूपेश बघेल ने कहा कि मैंने पढ़ा है कि सावरकर के बुलावे पर गांधी लंदन में उनके पास गए थे. उस वक़्त दोनों ने रामायण का उदाहरण लिया. गांधी ने कहा कि रावण जैसे शक्तिशाली से सत्य ही जीतता है. दूसरी तरफ सावरकर ने कहा दुष्टता का नाश उसी तरह से होता है। 
भूपेश बघेल  ने कहा कि, अपने भाषण भाषण में शिवरतन शर्मा ने कहा था कि गांधी आरएसएस की शाखाओं में जाते थे. दरअसल गांधी अपने विरोधियों के पास भी जाते थे. बृजमोहन अग्रवाल और नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण में कहा कि सरकार गांधी के बताए रास्ते पर नहीं चल रही. अब मैं 9 महीने का हिसाब दूं या फिर 15 सालों की समीक्षा करूँ. हम सब यहां है तो गांधी की विचारधारा की वजह से ही. हमें आजीविका का अधिकार, शिक्षा का अधिकार कांग्रेस की सरकार से सम्भव हो पाया है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अजय चंद्राकर ने सदन में उल्लेख किया था कि महात्मा गांधी चाहते तो भगत सिंह को बचा सकते थे. उन्हें इसकी जानकारी नहीं है कि गांधी ने वायसराय को चिट्ठी लिखी थी. नेहरू जेल में जाकर मिले थे. भूपेश बघेल ने पूछा कि जरा ये बताएं कि उनके नेता कब भगत सिंह के साथ खड़े रहे. उन्होंने कहा कि सिर्फ गोडसे, सावरकर ही गांधी से असहमत नहीं थे, सुभाष चन्द्र बोस भी असहमत थे, अम्बेडकर भी असहमत थे. कई ऐसे दूसरे भी थे जो असहमत थे, लेकिन उन लोगों ने हत्या नहीं की. सुभाष चंद्र बोस ने सेना बनाई थी और सबसे पहले महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहा था। 
सुभाष चंद्र बोस ने इस्तीफा दिया था. कांग्रेस के अध्यक्ष चुने गए थे. यहां ये भी कहा गया कि महात्मा गांधी ने सदस्यता छोड़ दी थी. अजय चंद्राकर को उस वक़्त के हालात नहीं दिखे. महात्मा गांधी को लगा कि उन्होंने कई नेता तैयार कर लिया है. जब उन्होंने देखा कि दूसरी पंक्ति के नेता कांग्रेस संभाल सकते हैं तब जाकर उन्होंने इस्तीफा दिया. सुभाष चन्द्र बोस ने इस्तीफा इसलिए दिया था क्योंकि कांग्रेस के अधिवेशन में यह प्रस्ताव पारित हुआ था कि कोई हिंसक आंदोलन नहीं होगा. तब जाकर उनका इस्तीफा हुआ था। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी लंबी सांस्कृतिक धरोहर है. इन धरोहरों का जिक्र जरूरी था, क्योंकि इन सबने इस देश के मानस को बनाया था. बुद्ध और गांधी की करुणा में कोई अंतर नहीं था. इन सबमें गंभीर राष्ट्रवाद के तत्व छिपे हुए हैं. विरोध में ही सही आवाज उठने को सम्मान देता है. हमसे यदि गलती होती है तो शर्मिंदा होते हैं. पश्चाताप के आंसू आंखों में होते हैं। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास गवाह है कि सावरकर छिपकर मारने से पीछे नहीं हटते थे. उन्होंने बीजेपी विधायकों की ओर इशारा करते हुए कहा कि आपके लिए सावरकर वीर है, लेकिन हमारे लिए गांधी वीर है. इतिहास में ये साक्ष्य भी है कि गोडसे सावरकर का शिष्य था. भूपेश बघेल की इस टिप्पणी पर पर भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा कि सावरकर को बाइज्जत बरी किया गया था. अजय चंद्राकर ने भूपेश बघेल के शब्दों को विलोपित करने की मांग की. जवाब में भूपेश बघेल ने कहा मैं अपने शब्द वापस नहीं लूंगा. सदन में भारी हंगामे के बीच बीजेपी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन किया। 
भूपेश बघेल ने अपनी बात जारी रहते हुए कहा कि सच सुनने का साहस होना चाहिए. सावरकर ने 13 बार अंग्रेजों से माफी मांगी थी. वापस लौटने के बाद सावरकर कभी किसी आंदोलन का हिस्सा नहीं बने. गांधी ने अस्पृश्यता के खिलाफ लड़ाई लड़ी, शिक्षा को लेकर लड़ाई लड़ी. समाज की कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी. अंग्रेज उन्हें बार-बार जेल में डालते रहे, लेकिन क्या वजह है कि गोडसे ने उनकी हत्या की?  उस वक़्त जब हत्या हुई तो रेडियो में कहा जा रहा था एक पागल व्यक्ति ने हत्या कर दी. वह पागल नहीं था. एक विचारधारा से जुड़ा था. आज विचारधारा की लड़ाई चल रही है। 
इसके पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सदन में नए सदस्यों को सुनना चाहिए. विषयों पर अध्ययन किया जाना चाहिए. 4 घंटे पढ़ेंगे तो 10 मिनट बोल पाएंगे. किताब एक ही है उससे हर कोई अध्ययन कर अपने मतलब की चीजें समझता है. छत्तीसगढ़ विधानसभा को यह श्रेय जाता है कि गांधी पर दो दिनों की चर्चा बुलाई गई. यह छत्तीसगढ़ की उपलब्धि है. किसी भी सदस्य ने गांधी की विचारधारा का कोई विरोध नहीं किया ये अच्छी बात है। 
बीजेपी ने दिया धरना
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की टिप्पणी से नाराज बीजेपी विधायकों ने सदन की कार्यवाही से बहिर्गमन कर दिया. बीजेपी सदस्य सदन के बाहर गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए और मुख्यमंत्री के विरोध में जमकर नारेबाजी की. विधायकों ने सावरकर को वीर बताते हुए समर्थन में नारे लगाए। 

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वी जंयती के अवसर पर 5 नई बड़ी योजनाओं को लांच किया है. मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना, मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय योजना, मुख्यमंत्री सार्वभौम पीडीएस योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना, मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरुआत की है. मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं के हितग्राहियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बातचीत भी की. उसके बाद मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के लिए सीएम भूपेश ने अपनी ओर से 25 हजार रुपये देने की घोषणा की है. वहां मौजूद महिलाओं और बच्चों को सीएम ने अपने हाथों से खाना भी परोसा
मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान
छत्तीसगढ़ में लगभग 40 प्रतिशत आबादी गरीबी रेखा के नीचे निवास करती है। इतनी बड़ी आबादी को स्वस्थ और निरोग रखने के लिए जरूरी है कि उन्हें भोजन में सभी प्रकार के पोषक तत्व मिले। सिर्फ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला चावल पर्याप्त नहीं है। पेट भर जाने से ही किसी का शारीरिक और मानसिक विकास भली भांति हो जाए यह संभव नहीं है।
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के अनुसार आज छत्तीसगढ़ में पांच वर्ष से कम आयु के 37.6 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं और 15 से 49 वर्ष की 41.5 प्रतिशत महिलाएं एनिमिया से पीड़ित हैं। विकास के मायने का लाभ तभी मिल सकेगा जब छत्तीसगढ़ के लोग शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों, उनका योगदान देश की अर्थ व्यवस्था में मिल सके। बस्तर सहित प्रदेश के वनांचल की कुछ ग्राम पंचायतों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सुपोषण अभियान बीते जून माह से प्रारंभ किया गया। जिसके तहत पंचायतों और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कुपोषित बच्चों और एनीमिक महिलाओं को गर्म और पौष्टिक भोजन प्रतिदिन उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का बहुत ही अच्छा प्रतिसाद मिला जिसे देखते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती से पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत आगामी तीन वर्ष में प्रदेश को कुपोषण और एनिमिया के कलंक से मुक्ति की रणनीति तैयार की गई है। इस रणनीति में 0 से 5 वर्ष के कुपोषित बच्चों और कुपोषण और एनिमिया से पीड़ित 15 से 49 वर्ष की महिलाओं को पंचायतों और महिला समूहों के माध्यम से पौष्टिक गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस अभियान में अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि यह अपने उद्देश्य में सफल हो सके।
मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना
प्रदेश के आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों में अस्तपाल दूर होने के कारण लोगों को नियमित रूप स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया नही हो पा रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का हाट-बाजारोें में आना जाना लगा रहता है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया कि हाट-बाजारों में ही मेडिकल टीम भेजकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करायी जाए। मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बीते जून माह से बस्तर और वनांचल के जिलों में लगने वाले स्थानीय हाट-बाजारों में प्रारंभ किया गया। यहां स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीम, चिकित्सकों और आवश्यक उपकरणों सहित पहुँचकर न केवल लोगों का ईलाज कर रही हैं बल्कि रक्त परीक्षण सहित अन्य पैथोलाॅजी जांच भी मौके पर करके लोगों को निःशुल्क दवा प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का प्रदेश के वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। साप्ताहिक हाट बाजारों में दी जा रही इलाज की सुविधा से इन क्षेत्रों में 5 से 10 गुना ओ.पी.डी. बढ़ गई है। इसे देखते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती आगामी 2 अक्टूबर से इस योजना को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना
छत्तीसगढ़ के वनांचलों और दूरस्थ इलाकों के हाट-बाजारों में मोबाइल मेडिकल टीम द्वारा किए जा रहे इलाज के अच्छे परिणाम को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने इसे शहरी स्लम क्षेत्रों में भी शुरू करने जा रही है। प्रदेश के 13 नगर निगमों के स्लम क्षेत्रों में सप्ताह में एक दिन सवेरे 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मोबाइल मेडिकल टीम मौजूद रहकर लोगों का इलाज करेंगी। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा कुछ जरूरी जांच के साथ ही निःशुल्क दवाईयां भी दी जाएंगी। गांधी जयंती पर आगामी 2 अक्टूबर से मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का शुभारंभ किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 13 नगर निगमों में करीब एक लाख 71 हजार परिवार स्लम क्षेत्रों में रहते हैं। इन परिवारों के लगभग 7 लाख 80 हजार लोगों के उपचार की सुदृढ़ व्यवस्था के लिए सरकार मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही मोबाइल मेडिकल टीम उपलब्ध करा रही है।
यूनिवर्सल पीडीएस स्कीम
राज्य के सभी परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने हेतु सार्वभौम पीडीएस का शुभारंभ प्रदेश में गांधी जयंती से हो रहा है। सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत प्राथमिकता राशनकार्डों में खाद्यान्न पात्रता में वृद्धि के साथ-साथ अब राज्य सरकार द्वारा बीपीएल के साथ-साथ एपीएल परिवारों को भी खाद्यान्न प्रदाय किया जाएगा। सार्वभौम पीडीएस स्कीम में प्राथमिकता राशनकार्डो की खाद्यान्न की पात्रता में वृद्धि की गई है जिसके तहत एक सदस्यीय परिवार के लिए 10 किलो, 2 सदस्यीय परिवार के लिए 20 किलो, 3 से 5 सदस्यीय परिवार के लिए 35 किलो तथा 5 से अधिक सदस्य वाले परिवार के लिए 7 किलो प्रति सदस्य प्रतिमाह चावल एक रूपए प्रति किलो की दर से प्रदाय किया जाएगा। प्राथमिकता परिवारों की पात्रता में वृद्धि से खाद्यान्न आबंटन में लगभग 22 हजार टन की वृद्धि हुई है। सार्वभौम पीडीएस कें अंतर्गत सामान्य परिवारों (आयकरदाता एवं गैर आयकरदाता) को भी शामिल किया गया है। सामान्य राशनकार्डो में खाद्यान्न की पात्रता – एक सदस्यीय परिवार के लिए 10 किलो, 2 सदस्यीय परिवार के लिए 20 किलो, 3 या 3 से अधिक सदस्यीय परिवार के लिए 35 किलो खाद्यान्न 10 रूपए प्रतिकिलो प्रतिमाह की दर से प्रदाय किया जाएगा। चना व नमक के वितरण के साथ ही शहरी गरीबों को मिट्टी तेल प्रदाय किया जाएगा।
मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय
नागरिक सेवाओं की तत्काल उपलब्धता और लोगों को उनकी मांगों के अनुरूप सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शहरों में मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय शुरू किये जा रहे है। गांधी जयंती पर पहले चरण में प्रदेश के 13 नगर निगमो में ये कार्यालय काम करना शुरू कर देंगे। इन कार्यालयों के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण, स्ट्रीट लाइट, सड़क रखरखाव, नालियों की सफाई और जल आपूर्ति संबंधी शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण किया जाएगा। इन कार्यालयों में लोगों को नवीन व्यापार लाइसेंस, लाइसेंस नवीनीकरण, संपत्ति कर, जल कर, समेकित कर के भुगतान और सामुदायिक भवन के आरक्षण जैसी नागरिक सुविधाएं भी मिलेंगी। तीन लाख से अधिक आबादी वाले नगर निगमों में दो वार्डों के लिए एक कार्यालय और दो से तीन लाख की आबादी वाले नगर निगमों में तीन वार्डों के लिए एक मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय खोले जाएंगे। इन कार्यालयों में निर्धारित तिथियों में सवेरे नौ बजे से दोपहर एक बजे तक निगम के लोक निर्माण, राजस्व, बाजार और स्वास्थ्य शाखा के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहकर लोगों की शिकायतों और जरूरतों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण करेंगे।