Browsing: बिलासपुर

panchayattantra24.com,बिलासपुर। जिले के सिरगिट्टी थाने के ग्राम कोरमी में महुआ शराब में कफ सिरप मिलाकर पीने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. अभी 5 की हालात गंभीर बनी हुई है, जिसक अस्पताल में इलाज चल रहा है। 
दरअसल, शराब पीने के शौकीन लोगों ने महुआ शराब में कफ सिरप मिलाकर उसका सेवन कर लिया. जिस वजह से मंलवार रात दो और बुधवार की दोपहर 2 लोगों की मौत हो गई. आज 4 लोगों की और मौत हो गई. बाकी के 5 लोग जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।
एडिशनल एसपी उमेश कश्यप ने बताया कि अब तक आठ लोगों की मौत हो चुकी है. पांच लोग अस्पताल में भर्ती है. पारंभिक जानकारी के मुताबिक मृतकों नेे कोई होम्योपैथी दवा ली थी. जिसमें 91 प्रतिशत एल्कोहल की मात्रा थी. फिलहाल इस मामले में मर्ग कायम कर प्रारंभिक जांच की जा रही है. सबंधित डॉक्टर से जिनसे मृतकों ने दवा ली थी, उससे पूछताछ की जा रही है. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। 
बताया जा रहा है कि गांव के लोगों महुआ शराब में गांव के किसी झोलाछाप डॉक्टर से होम्योपैथी की दवा मिलाकर उसे पिया था, जिसकी वजह से अभी ये हालात हुई है. मृतकों की संख्या और पीने वालों की स्थिति का आंकड़ा बढ़ने के बाद सीएसपी और सिरगिट्टी थाना प्रभारी दल बल के साथ गांव पहुंच रहे है और पूरे मामले की जानकारी लेंगे। 
कोरमी गांव में पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची है. जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद महाजन ने कहा कि
गांव में डॉक्टरों की टीम तैनात की गई है. घर-घर जांच की जा रही है। 
 
 

 
 
panchayattantra24.com,बिलासपुर। कोरोना की वजह से हाई कोर्ट ने ग्रीष्मकालीन छुट्टियों को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया है. इससे हाई कोर्ट के साथ-साथ निचली अदालतों के कामकाज पर असर पड़ेगा। 
हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल दीपक कुमार तिवारी की ओर से जारी नोटिफिकेशन में हाई कोर्ट और तमाम निचली अदालतों में 17 मई से 11 जून तक लगने वाली ग्रीष्मकालीन छु्ट्टियों को एक सप्ताह के लिए आगे बढ़ा दिया है. अब 10 मई से 5 जून तक ग्रीष्मकालीन छुट्टियां लागू होंगी। 
 

panchayattantra24.com, बिलासपुर। थोक सब्जी मंडी तिफरा में धारा 144 और कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं करने वालों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने मंडी के 8 व्यापारियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही यदुनन्दन नगर के एक किराना व्यापारी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. दोनों जगह पर व्यापारी भीड़ एकत्र कर सामान बेच रहे थे. पुलिस ने सभी व्यापारियों को भीड़ जमा नहीं करने की चेतावनी दी है ।
दरअसल, एसपी प्रशांत अग्रवाल ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को धारा 144 का पालन कराने तथा सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने का निर्देश दिया था. साथ ही सभी थाना प्रभारियों को यह भी निर्देशित किया था कि जिन स्थानों पर बड़े पैमाने पर व्यापार होती है तथा अधिक भीड़ लगने की संभावना रहती है उन जगहों को चिन्हित करें और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त कार्यवाही करें ।
इस निर्देश के बाद थाना प्रभारी सिरगिट्टी फैजुल शाह के द्वारा थाने स्तर पर टीम गठित कर थोक सब्जी मंडी तिफरा में दबिश दिया गया. जहां पर व्यापारियों के द्वारा ना तो धारा 144 का पालन किया जा रहा था न ही कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा था. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का भी खुला उल्लंघन किया जा रहा था. इससे यहां संक्रमण फैलने का खतरा था ।
सिरगिट्टी पुलिस ने थोक सब्जी के कुल 8 व्यापारियों पर महामारी अधिनियम तथा भारतीय दंड संहिता के धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है. एक साथ 8 व्यापारियों पर कार्रवाई होने से व्यापारी संघ के अध्यक्ष ने थाना प्रभारी सिरगिट्टी को आश्वासन दिया कि पुनः सब्जी मंडी में शासन के गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं किया जाएगा. साथ ही धारा 144 के परिपालन में पुलिस को पर्याप्त सहयोग किया जाएगा और मंडी में भीड़ लगाकर कोई भी व्यापार नहीं किया जाएगा. व्यापार के दौरान कोरोना का प्रसार ना हो इस बात को ध्यान में रखते हुए व्यापार किया जाएगा ।
इसी तरह यदुनन्दन नगर में किराना व्यवसायी द्वारा भी भीड़ लगाकर सामान की बिक्री की जा रही थी, जिसके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया ।
इन व्यापारियों की् गिरफ्तारी
जय किशन अधिचा, मोहन मोटवानी,फ़ागुराम साहू, राजकुमार खूंटे, रितेश सिंह, रमेश रेलवानी, प्रकाश रोहरा, तरुण श्यामदसानी और महेश कश्यप को गिरफ्तार किया गया है. 9 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई 
है ।
 

 
 panchayattantra24.com, बिलासपुर। जिले कोरोना के बढ़ते आंकड़े जहाँ जिला प्रशासन की चिंता बढ़ा रहे हैं, तो वहीं कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लगाने लगाए लॉक डाउन का असर कुछ जगहों पर दिखाई ही नहीं दे रहा है. शहर सहित आसपास के इलाके में उसे देखकर ऐसा लगता है कि लोगों को अपनी जान की फिक्र ही नहीं है। 
जिले में लॉक डाउन के 16 दिन बीत चुके हैं. प्रशासन का मानना था कि अगर लॉक डाउन लगाया जाएगा तो कोरोना की बढ़ती रफ्तार पर ब्रेक लग सकेगा. लेकिन लोगों की लापरवाही पर कोई अंकुश नहीं है. इसका परिणाम यह है कि बीते शुक्रवार को कोरोना संक्रमण का जो आंकड़ा जारी हुआ उसमें बिलासपुर में 1453 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं. प्रदेश के दूसरे जिले में कोरोना को लेकर स्थिति नियंत्रण में आती नजर आ रही है, वहीं बिलासपुर में कुछ लोगों की लापरवाही बाकी के लोगों के लिए भारी पड़ रही है। 
जरा तस्वीरों और वीडियो की नजर से देखिए. ये नजारा है चांटीडीह का है जहां पुरानी सब्ज़ी मंडी में लगे ठेलों पर फल और सब्जी खरीदने वालों की भीड़-भाड़ दिख रही है. इससे स्पष्ट है कि लॉक डाउन पूरी तरह से बेअसर है. शनिचरी बाजार की भी तस्वीरे देख लीजिए जहाँ खरीदी करने आये लोग न तो सोशल डिस्टसिंग का पालन कर रहे हैं न ही मास्क लगाए हुए हैं. कोरोना की जांच के सिम्स पहुँच रहे लोग भी कोविड के नियमों की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं. कुछ ऐसा ही हाल तिलकनगर सहित बाकी के इलाकों का है। 
लोगों की इसी लापरवाही के चलते जहाँ कोरोना के बढ़ते आंकड़े शासन प्रशासन की चिंता बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ कोरोना से बढ़ता मौत का ग्राफ भी परेशान कर रहा है. लॉकडाउन को लगे 16 दिन हो गए हैं. इस दौरान करीबन 1000 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. लेकिन लोग है कि मानते ही नहीं रहे हैं. जिंदगी से जुड़ी खरीदारी तो रोज होती रहेगी. अभी जरूरत है कोरोना की बढ़ती रफ्तार और हर दिन बढ़ते मौतों के आंकड़े को रोकने की. अब मर्जी आपकी है क्या आप कितने गंभीर जिंदगी के लिए,
 

 
 panchayattantra24.com,बिलासपुर। कोरोना संक्रमण काल में चारों तरफ हाहाकर मचा हुआ है. कहीं ऑक्सीजन को लेकर अफरातफरी है, तो कहीं पर इंजेक्शन को लेकर मारामारी मची हुई है. ऐसे हालात में बिलासपुर जिला कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन प्रेशर लो होने की खबर से जिला प्रशासन की सांसें तेज हो गई. आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। 
मामला सोमवार को रात 9 बजे के आसपास का है, जब बिलासपुर के जिला कोविड अस्पताल से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को ऑक्सीजन प्रेशर लो होने की जानकारी मिली. जिस समय ये जानकारी सामने आई उस समय ऑक्सीजन वार्ड में करीब 19 मरीज ऑक्सीजन के बूते सांसों पर टंगे हुए थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सारांश मित्तर और सीएमएचओ विजय सिंह के अलावा निगम और फायर विभाग के कर्मी मौके पर पहुँचे। 
पता चला कि ऑक्सीजन सप्लाई यूनिट में कहीं से ऑक्सीजन का प्रेशर लो हो रहा है, जो मरीजो के लिए भारी मुसीबत बन सकता है. इसके बाद कलेक्टर ने सबसे पहले सीएमएचओ को मरीजो को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट करने के लिए निर्देशित किया. चूँकि सभी मरीज ऑक्सीजन में थे, इस वजह से सभी को सावधानी के साथ शिफ्ट किया जाना बेहद जरूरी था, मरीजों की शिफ्टिंग के लिए एंटी एम्बुलेंस और ऑक्सीजन एम्बुलेंस की मदद से प्राइवेट अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। 
सीएमएचओ विजय सिंह ने बताया कि मरीजों की शिफ्टिंग के बाद ऑक्सीजन यूनिट की देखरेख कर रहे तकनीशियनों को बुलाया गया. जांच के बाद पता चला कि जिस मात्रा में ऑक्सीजन की सप्लाई होनी चाहिए, उससे कही ज्यादा प्रेशर पर सप्लाई हो रही थी. सप्लाई पाइप की जांच करने पर पाया गया कि कुछ वाल्व खराब है, जिसकी वजह से ऑक्सीजन लीक हो रहा है, और वार्डों तक प्रेशर लो पहुँच रहा है. उसके बाद यूनिट को बंद कर सुधार कार्य शुरू किया गया.मंगलवार को सुधार कार्य पूरा कर लिए जाने के बाद अभी सप्लाई के लेवल की मॉनिटरिंग की जा रही है। 
फिलहाल, जिला कोविड ऑक्सीजन वार्ड को अभी बन्द रखा गया है. सुधार कार्य कर रहे इंजीनियरों के ओके किये जाने के बाद वार्ड में ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू की जाएगी. सीएमएचओ के मुताबिक, जिला कोविड अस्पताल में अभी ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मौजूद है. वहीं जिले के कुछ अस्पतालों में थोड़ी कमी है, जिसके बार मे जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को सूचित कर दिया गया है. बहुत जल्द उन जगहों पर भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर दी जाएगी। 
 

 
panchayattantra24.com, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में लाकडाउन के दौरान गृहग्राम गए फोटोग्राफर के सूने मकान का कुंदा उखाड़कर चोरों ने नकद और सोने-चांदी के जेवर पार कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस जुर्म दर्ज कर चोरों की तलाश कर रही है। तखतपुर के तोताकापा में रहने वाले दिनेश कुमार पटेल(34 वर्ष) मंगला सबस्टेशन के पास योगेश पांडेय के मकान में किराए पर रहते हैं। वे यहां आजाद चौक में फोटो स्टूडियो चलाते हैं। जिले में लाकडाउन के कारण वे मंगलवार की शाम छह बजे अपने मकान में ताला लगाकर गृहग्राम चले गए थे। बुधवार की सुबह उनके पड़ोसी ने फोन कर बताया कि मकान दरवाजा खुला है। 
इस पर वे अपने भाई उमेश के साथ शहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि दरवाजे का कुंदा उखड़ा हुआ है। कमरे में रखी आलमारी से चोरों ने 40 हजार स्र्पये नकद, सोने का मंगलसूत्र, चांदी की पायल को पार कर दिया था। पीड़ित ने आसपास के लोगों से इस संबंध में पूछताछ की। इस पर एक संदेही का नाम सामने आया था। वहीं, संदेही युवक भी अपने घर से गायब थ। इसके बाद उन्होंने घटना की शिकायत सिविल लाइन थाने में की है।प्लास और गमछा छोड़ गया चोर पीड़ित ने बताया कि उनके मकान में एक प्लास और गमछा पड़ा है। उन्होंने आशंका जताई कि प्लास और गमछा चोरों का हो सकता है। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उन्हें पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर संदेह है। इस पर पुलिस पूछताछ के लिए युवक के घर गई थी। इस दौरान युवक अपने घर से बाहर था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
 

 
 panchayattantra24.com,बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रही है. जिले में बुधवार से पूर्ण लॉकडाउन प्रभावशील हो गया है. अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर बाकी सभी व्यवसायिक दुकानें बंद रहेंगी. लॉकडाउन के नियमों का पालन हो रहा है या नहीं, इसका जायजा लेने कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर और पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल शहर में निकले
दरअसल जिले में 14 से 21 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन लगाया है. आज लॉकडाउन का पहला दिन है. इस दौरान लोग अनावश्यक घरों से बाहर तो नहीं निकल रहे हैं. जरूरी काम से निकलने वालों को कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है. इसका कलेक्टर-एसपी ने जायजा लिया। 
पूर्ण लॉकडाउन में सहयोग करने की अपील
कलेक्टर सारांश मित्तर ने आम जनता से अपील की है कि वे पूर्ण लॉकडाउन के नियमों का पालन करें. कोरोना के बढ़ते संक्रमण की चेन रोकने में सहयोग करें. उन्होंने सभी से आग्रह किया कि लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में अपने नजदीकी टीकाकरण केंद्र में पहुंचकर टीका लगवाएं. जिला प्रशासन पूरी मदद करेगा. उन्होंने कहा कि 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र वाले नागरिक कोविड टीका लगाकर खुद और अपने परिवार की सुरक्षा करें। 
वैक्सीनेशन केंद्र का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने कोविड वैक्सीनेशन के लिए बनाए गए दो नए केंद्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने वार्ड क्रमांक 28 के उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम उच्चतर माध्यमिक शाला तारबाहर में बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटर पहुंचकर टीकाकरण की जानकारी ली. उन्होंने वहां कार्यरत टीम से सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए व्यवस्थित टीकाकरण करने का निर्देश दिया. उन्होंने केंद्र में उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ली. वैक्सीन की उपलब्धता लगातार बनाए रखने कहा,
प्रतिदिन 200 टीकाकरण का लक्ष्य
उन्होंने टीकाकरण तत्परता से करने का निर्देश दिया. जिससे टीका लगवाने के लिए आए लोगों को ज्यादा प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े. उन्होंने कहा कि टीका लगवाने के लिए पहुंचने वाले लोगों का तुरंत पंजीयन करें. कलेक्टर ने सेंटर में प्रतिदिन 200 टीकाकरण का लक्ष्य रखते हुए कार्य करने कहा है। 
SDM-SDOP ने भी पूर्ण लॉकडाउन का लिया जायजा
इसके अलावा अनुविभागीय अधिकारी (SDM) आनंद रूप तिवारी, एसडीओपी कोटा रश्मीत कौर चावला ने तखतपुर में लॉकडाउन का जायजा लिया. इस दौरान उनकी पूरी प्रशासनिक टीम मौजूद रही. उन्होंने पूरे नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर टोटल लॉकडाउन का जनता के सहयोग करने की अपील की. साथ ही बेवजह सड़कों पर घूमने वाले लोगों से पूछताछ कर बेवजह ना घूमने की समझाइस दी गई। 
 

 
panchayattantra24.com, बिलासपुर।  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डाॅ.संबित पात्रा और तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने उन पर दर्ज एफआईआर को निरस्त करने का आदेश जारी किया है. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद कांग्रेस ने राज्य के अलग-अलग थानों में एफआईआर दर्ज की थी. बीते मार्च में हाईकोर्ट ने प्रकरण से संबंधित सभी पक्षों की बहस पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. संबित पात्रा के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन और भिलाई के थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया था, वहीं बग्गा के खिलाफ कांकेर में प्रकरण कायम किया गया था।  
संबित पात्रा और तेजिंदर बग्गा ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरण को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. इस याचिका में उन्होंने अपराधिक प्रकरण को राजनीतिक षडयंत्र करार दिया था. साथ ही राज्य शासन पर कानून के दुरूपयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रकरण निरस्त करने का आग्रह किया था. प्रारंभिक सुनवाई के दौरान जस्टिस संजय के अग्रवाल ने दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. याचिका पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट पिंकी आनंद ने पैरवी की थी, वहीं शरद मिश्रा, अभिषेक गुप्ता और विवेक शर्मा ने उन्हें असिस्ट किया था।  
 

Panchayattantra24.com-पेंड्रा। मरवाही थाने में पुलिसकर्मी खुलेआम बैठकर शराब पी रहे थे। इसी बीच किसी ने पुलिसकर्मियों का वीडियो बना लिया। इसके बाद किसी ने थाने में शराब पीने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जीपीएम पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने तीन पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है। दरअसल, मरवाही थाने में पिछले पुलिसकर्मी शराब पी रहे थे। इसमें मरवाही थाने के सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक और हवलदार रात में जाम छलका रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद तीनों वर्दीधारियों पर गाज गिरी है। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने तीनों को लाइन अटैच कर दिया है। 
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक थाने में शराब पाने वालों में सहायक उप निरीक्षक अरविंद मिश्रा, प्रधान आरक्षक पतिराम मरपच्ची और आरक्षक दीप शंकर पैकरा शामिल थे। पुलिस कप्तान जीपीएम ने तीनों को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र भेज दिया है। साथ ही मामले में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मरवाही को तीन दिन के भीतर जांच कर प्रतिवेदन पेश करने के लिए निर्देशित किया है। पुलिस कप्तान सूरज सिंह परिहार ने कहा है कि पुलिस की छवि को इस प्रकार खराब करने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार से भी नहीं बख्शा जाएगा। साथ ही मामले की जांच कराकर दोषियों पर दंडात्मक भी कार्रवाई की जाएगी। सहायक उप निरीक्षक, हवलदार और आरक्षक लाइन अटैच किया है।

 
 
panchayattantra24.com, बिलासपुर। झीरम घाटी केस में दरभा थाने में वृहत षड्यंत्र की जांच के लिए एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता जितेंद्र मुदलियार को पक्षकार बनाये जाने के आवेदन पर उच्च न्यायालय के खंडपीठ ने अनुमति प्रदान की है. एनआईए ने एफआईआर की जांच राज्य पुलिस से स्वयं हस्तान्तरित करने की मांग की है, मामले की अंतिम सुनवाई 20 अप्रैल निर्धारित की है। 
गौरतलब है कि झीरम घाटी घटना की एनआईए जांच पूरी हो जाने के बाद जितेंद्र मुदलियार एवम अन्य पीड़ित व्यक्तियों ने आरोप लगाया गया था कि एनआईए ने वृहत राजनैतिक षड्यंत्र की जांच नहीं की. इस आधार पर मार्च 2016 की पूर्ववर्ती सरकार ने वृहत षड्यंत्र की जांच के लिए सीबीआई से जाँच कराने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दी थी, लेकिन 13 दिसम्बर 2016 में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को सूचित किया कि झीरम घाटी घटना में एनआईए ने पूर्ण जांच कर कर दी है, और अब आगे जांच की जरूरत नहीं है. दिसम्बर 2018 में नई सरकार मामले की जांच एसआईटी से कराने की घोषणा की और एनआईए से केस डायरी वापस मांग की, परन्तु एनआईए और केंद्र सरकार द्वारा केस डायरी वापस करने से इनकार कर दिया। 
जितेंद्र मुदलियार ने 25 मई 2020 को द्वारा बस्तर पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत पर वृहत षड्यंत्र की जांच के लिए दरभा थाने में एफआईआर दर्ज की गई. इसके पश्चात जून 2020 में एनआईए ने विशेष अदालत में आवेदन लगाकर जांच स्टेट से ट्रांसफर करने की मांग की, जिसे विशेष अदालत ने निरस्त कर दिया. इसके बाद एनआईए ने उच्च न्यायालय में अपील दायर की, जिस पर न्यायालय ने सुनवाई कर एफईआर पर कार्यवाही से स्थगन दिया था. शिकायतकर्ता जितेंद्र मुदलियार अपने अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव व संदीप दुबे की तरफ से हस्तक्षेप आवेदन दायर कर अपना पक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति मांगी थी. वहीं राज्य सरकार अपने जवाब के साथ स्थगन हटाये जाने का आवेदन दिया। 
आज की सुनवाई में जितेंद्र मुदलियार की राहत प्रदान करते हुए न्यायालय ने अपना पक्ष रखने की अनुमति प्रदान करते हुए 20 अप्रैल को अंतिम सुनवाई तय की है. महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने उस तिथि पर किसी भी कारण से सुनवाई स्थगित ना करने का निवेदन किया है. उस पर न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि एनआईए द्वारा अगली तिथि में समय बढ़ाये जाने की मांग की तो प्रकरण में राज्य द्वारा दायर किये गए स्थगन हटाये जाने के आवेदन पर सुनवाई की जाएगी. आज एनआईए की तरफ से एएसजी रमाकांत मिश्रा उपस्थित हुए।