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रायपुर। नार्थ अमेरिका में रहने वाले छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के संघ नाचा शिकागो में 10-11 अगस्त को प्रथम अंतर्राष्ट्रीय छत्तीसगढ़ एनआरआई सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।मेजबान समिति ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को इस समारोह में आमंत्रित किया है। इससे छत्तीसगढ़ एनआरआई और छत्तीसगढ़ राज्य को कई चीजों को बढ़ावा देने और विश्व स्तर पर छत्तीसगढ़ ब्रांडिंग में सुधार करने में मदद मिलेगी।सीएम बघेल ने इस आयोजन के लिए मुख्य अतिथि के रूप में संघ के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। सीएम के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने एसोसिएशन को सहमति पत्र भेजा गया है। सीएम को सम्मेलन के जरिए एनआरआई से मिलने का अवसर मिलेगा और इससे उन्हें और प्रतिनिधिमंडल को यह समझने में मदद मिलेगी कि राज्य के विकास की बेहतरी के लिए सरकार इस समुदाय से कैसे लाभ ले सकती है। शिकागो में 11 अगस्त को इंडिया डे परेड होगी, जहां लगभग 30 हजार एनआरआई भारत के स्वतंत्रता दिवस का जश्न मनाने के लिए इक होते हैं।

रायपुर । अंतागढ़ टेप कांड में एसआईटी द्वारा बुलाए जाने पर डीकेएस के पूर्व डीन डॉ. पुनीत गुप्ता गंज थाने पहुंचे हैं, लेकिन बिना वाइस सैंपल दिए ही चले गए। गौरतलब है कि एसआईटी के टीम ने पुनीत गुप्ता को वॉइस सैंपल के लिए बुलाया था। बहुचर्चित अंतागढ़ टेप कांड मामले में राजेश मूणत, अमित जोगी के साथ डॉ. पुनीत गुप्ता को भी आरोपी बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक पुनीत गुप्ता ने वाइस सैंपल देने से इनकार कर दिया। उनके वकील दिवाकर सिन्हा ने कहा ने हमने एसआईटी गठन को ही हाईकोर्ट में चैलेंज किया है। ऐसे में वॉइस सैंपल देने का सवाल ही नहीं उठता है। पुनीत गुप्ता के वॉइस सैंपल देने से इनकार के बाद एसआईटी चीफ अभिषेक माहेश्वरी ने कहा कि हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। हमारा प्रयास होगा कि सहमति से ही वॉइस सैंपल जाए ।

  
 रायपुर । प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली दवाओं की एंट्री ऑनलाइन होगी। इससे अस्पतालों में दवाओं की स्टॉक में उपलब्धता और कमी की जानकारी की मॉनिटरिंग सीधे जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवम चिकित्सा अधिकारी करेंगे। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मेडिसीन की स्टॉक की पूरी जानकारी फार्मासिस्ट अपडेट्स करेंगे।
यह योजना साल भर पहले कुछ अस्पतालों में कई गई थी, लेकिन इस बार स्वास्थ्य विभाग सरकारी अस्पतालों में दवा की उपलब्धता के बाद भी मरीजों को बाहर से दवा खऱीदने की शिकायतों पर अंकुश लगा सकेगी। जिला स्तर में सीएचएमओ ऑनलाइन ऐप के जरिये प्रतिदिन दवाओं के स्थिति को लेकर जानकारी रख सकेंगे। तमिलनाडु राज्य की तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग के सॉफ्टवेयर में दवा स्टॉक की जानकारी, दवाईओ की एक्सपायरी डेट भी एन्ट्री रहेगी। इसको लेकर रायपुर कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस भवन में आज सीएचएमओ डॉ के.आर. सोनवानी ने बताया कि जिले के सभी सरकारी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत फार्मासिस्टों व स्टोर प्रभारियों को मंथली व डेली इंडेक्स साफ्टवेयर में एंट्री करने की जानकारी दी गई। इसके लिए तैयारी करने स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों व फार्मिस्टो को एक दिवसीय ट्रेंनिग गुरुवार को दी गई। यानी अब अस्पतालों में दवाईयों का वितरण पंजी में मेनुवल एंट्री के अवाला ऑनलाइन एंट्री भी की जाएगी। इससे सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता आएगी।दवाईयों के लोकल पर्चेस औऱ सीजीएमएससी से मिलने वाले दवाइयों की जानकारी ऑनलाइन रहेगी। डॉ सोनवानी ने बताया कि रायपुर जिले में 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। शहरी क्षेत्रों में 18 व ग्रामीण क्षेत्रों में 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन हजारों कि संख्या में मरीजों का इलाज हो रहा है। ऐसे में कई अस्पतालों के डॉक्टरों द्वारा गरीब व जरूरतमंद मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर्स से लेने पर्ची थमा देते हैं। यानी लापरवाही बरतने वाले फर्मासिस्ट व डॉक्टरों पर स्वस्थ्य विभाग सख्त निगरानी भी करेगी।

 
 रायपुर । रायपुर शुक्रवार को प्रयागराज (इलाहाबाद) से सीधी उड़ान से जुड़ गया. इसके साथ रायपुर 13 शहरों से नॉनस्टॉप उड़ान से जुड़ गया है. प्रयागराज से इंडिगो की पहली फ्लाइट के पहुंचने पर रायपुर हवाई अड्डे पर पानी के फौव्वारे से स्वागत किया गया, वहीं सभी यात्रियों को भारतीय विमान पत्तन की ओर से उपहार प्रदान किया गया । 
इंडिगो ने शुक्रवार को अपने प्रयागराज-रायपुर- प्रयागराज उड़ान का शुभारंभ किया. उड़ान में प्रयागराज के प्रथम यात्री रायपुर निवासी कर्नल सिद्दीकी का फूलों के गुलदस्ते और उपहार देकर विधिवत उन्हें बोर्डिंग कार्ड सौंपा गया. प्रयागराज से प्रथम उड़ान रायपुर 11.45 बजे दोपहर उतरने पर उसका पानी के फव्वारे से स्वागत किया गया और यात्रियों को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से उपहार व स्वामी विवेकानंद पर एक किताब भेंट किया गया । 

 
 रायपुर । अग्रसेन चौक स्थित भैंसथान के खाली पड़ी जमीन पर भैंसथान बचाओ समिति द्वारा साफ़ सफाई करने पर प्लॉट से लगे हुए कुछ दुकानदार और मीडिया हाउस द्वारा वहां लगातार कूड़ा फेंका जाने की शिकायत मिलने पर  नगर निगम ने खबर पर त्वरित संज्ञान लिया है। भैंसथान की जमींन पर गार्डन बनाने कि पिछले 25 साल से दबी पड़ी हुई मुहिम को वापस लोगों ने शुरू किया है जिसके तहत उन्होंने भैंसथान की जमीन पर ऑक्सीजोन बनाने के लिए वहा स्वयं श्रमदान करते हुए नजऱ आ रहे है।
निगम की त्वरित कार्यवाही : भैंसथान की जमीन पर जहा एक तरफ लोग इसे बचाने के लिए सड़कों पर उतर आये हैं, उक्त जमीन पर ऑक्सीजोन बने इसके लिए वे वहां जेसीबी से जमीन को समतल कर उपयोग करने में तब्दील कर रहे हैं। लेकिन वही कुछ लोगो द्वारा साफ सुथरी किये गए जमीन पर टन भर कांच के टुकड़े और कूड़ा करकट फेंका जा रहा है स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत जोन कमिश्नर को दी थी जिसके बाद भी वे मूकदर्शक बने हुए थे। वही जनता से रिश्ता ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया जिसके बाद जोन कमिश्नर ने इस पर संज्ञान लेकर आज से ही चिन्हाकित कर आरोपी पर कार्यवाही कर जुर्माना लेने की बात कही है। इसके साथ ही ज़ोन कमिश्नर ने लोगो की मुहिम को समर्थन देते हुए अपने कर्मचारियों को भी इस जमीन की साफ़ सफाई में आमजनो की सहयता करने के निर्देश
दिया है।
पर्यावरण और जल सरंक्षण के लिए गार्डन जरुरी
जी.ई रोड के दूसरे तरफ ही सभी गार्डन है, लेकिन रोड के इस तरफ कलेक्टोरेट गार्डन को छोड़कर एक भी गार्डन नहीं है। इसके साथ ही पश्चिम का क्षेत्र सबसे बड़ा क्षेत्र है। जहां भैंसथान की जमीन ही एक मात्र जमीन बची है जहाँ गार्डन ही बनना चहिये,इससे रामसागरपारा,बढ़ाईपारा,जोरापारा ,तेलघानी नाका ,गुढिय़ारी,रामकुंड,कोटा,समता,आमापारा ,तात्यापारा इन सब क्षेत्रो में गार्डन बनने से यहाँ के रहवासियो को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही यहाँ गार्डन बनने से जल सरंक्षण रिचार्ज होकर आने वाले समय में लोगो को पानी की समस्या नहीं होगी यद्यपि यहां काम्प्लेक्स बनाया जाता है तब यहाँ के जल स्त्रोत में कमी होने की ज्यादा संभावना हैं।
जनांदोलन के भागीदार बन रहे आवाम : भैंसथान बचाओ संघर्ष समिति के लगातार संघर्ष भैंसथान बचाने के लिए रंग ला रही है। लगातार जनआंदोलन करने से भैंसथान की जमीन का मुद्दा एमआईसी की बैठक में स्वीकृत किया गया है लेकिन पूरी तरह से इस पर निर्णय लिया जाये यह सामान्य सभा में ही तय होगा। वही यहाँ के रहवासी द्वारा 500 से अधिक पोस्टकार्ड सीएम के साथ ही अन्य प्रदेश के जनप्रतिनिधियों को भेजा जा चूका हैं। वही साइकिल रैली को लेकर बैठक किया गया इसके साथ ही आज से घर घर जाकर लोगों से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की जाएगी,जिसमे लोगों से हस्ताक्षर कर उन्हें इस जनांदोलन में शामिल कर सामन्य सभा में इस जमीन पर गार्डन बनने के प्रस्ताव पर ही मुहर लगाने की हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

 
रायपुर । गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने शनिवार को जेल विभाग से संबंधित अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली. इस बैठक में जेल और सुधारात्मक सेवाओं के बारे में आला-आधिकारियों से गहन चर्चा हुई. मंत्री ने विभागीय अधिकारियों से जेल के खाद्य, अन्य क्रय और पिछले 3 वर्षों से जेल में निर्मित सामाग्रियों, उसकी मात्रा और विक्रय के बारे में भी विस्तृत जानकारी मांगी है।   
मंत्री साहू ने जेल में होने वाले हमले या असामयिक मौत को रोकने के संबंध में किए जा रहे कई कार्रवाई की पूरी जानकारी विभागीय अधिकारियों से ली. प्रदेश के जेलों और उप-जेलों में क्षमता से अधिक बंद कैदियों पर जेल मंत्री ने रिपोर्ट अधिकारियों को जल्द से जल्द सौंपने के निर्देश दिए है।   

रायपुर । आज सिर्फ चेतावनी देने के लिए हम धरनास्थल पर उपस्थित है. समय रहते प्रदेश सरकार बदल जाए, जो वादा किया है उसको पूरा करें, नहीं तो यह जनता आने वाले समय में लोकसभा में जैसे जवाब दिया है, वैसे नगरीय निकाय चुनावों में जवाब देंगे. यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने आज बूढ़ातालाब में आयोजित भाजपा के जिला स्तरीय आंदोलन में कही. रमन सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेश में फैले आराजकता को ठीक करे, चारों तरफ अंधेरा है पहरेदार लुटेरा बन गया है. चारों तरफ हाहाकर मचा है, चाहे पानी के लिए हो या बिजली हो. इनके झूठे वादे से जनता नाराज है. सिर्फ़ छः महीने में ही इन्हें रिजेक्ट कर दिया गया है।
प्रदेश में अब हालत यह बन गई है कि तास की पत्ते की तरह अधिकारियों को फ़ेक रहे हैं. हमने तीन बार जनता की सेवा किया, लेकिन कांग्रेस सरकार ने छत्तीसगढ़ को कर्ज में ढूबा दिया. किसान डिफाल्टर होने के कगार में है. किसान आत्महत्या करने को मजबूर है. कांग्रेस सरकार में हमारे नेताओं की हत्या हो रही है. पहले बीजेपी नेता की हत्या कर सिर काट दिया गया. अब नक्सली हत्या कर रहे हैं. सरकार को शर्म करना चाहिए।
गांवों में भय का माहौल
रमन सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के छह महीनों के कार्यकाल में जनता से वादाखिलाफी और दमन नीति को लेकर सभी ज़िलों में धरना-प्रदर्शन किया है. गांव-गांव में भय और आतंक का माहौल है. छः महीने में सभी जगह भय का वातावरण बन गया है. इन चारों तरफ अंधेरा है. बेरोज़गारी भत्ता, ऋण माफ़ी, बिजली, विकलांग व वृद्धा पेंशन सारी योजनाओं को पलट के रख दिया है।
अराजकता की स्थिति
इस तरह पूरे छत्तीसगढ़ में अराजकता की स्थिति है. हर दो तीन दिन में कलेक्टर एसपी  बदले जा रहे हैं. कोई स्थिरता का माहौल नहीं है. जिस भाजपा को विधानसभा में कम सीट मिली थी, लेकिन सिर्फ छः महीने में इनकी दमनकारी नीतियों के कारण लोकसभा में बीजेपी आगे रही।

रायपुर । महासमुंद में न्यूज वेब पोर्टल चलाने वाले एक पत्रकार दिलीप शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर महासमुंद के कांग्रेसी विधायक विनोद चंद्राकर ने सवाल उठाया है. उन्होंने पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को विधि विरुद्ध बताते हुए कहा है कि इसकी वजह से पत्रकारों और आम जनता में गुस्सा व्याप्त है. विधायक ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू को पत्र लिखकर पुलिस द्वारा पत्रकार को गिरफ्तार करने के तौर तरीकों की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है ।
पत्र में उन्होंने लिखा है कि दिलीप शर्मा महासमुंद के प्रतिष्ठित पत्रकार हैं और पूर्व में कई सामाचार पत्रों से संबंधित रहे हैं. वर्तमान में वे वेबमोर्चा का संचालन कर रहे हैं. 8 जून को उन्होंने वेबमोर्चा में महासमुंद जिले के 40 गांवों में बिजली बंद ब्लैक आउट की खबर प्रकाशित की थी इस खबर को बड़ी संख्या में पाठकों ने पढ़ा था. 13 जून की मध्यरात्रि को सिटी कोतवाली में महासमुंद के राज्य विद्युत मंडल के संभागीय यंत्री द्वारा इस खबर को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई ।
एफआईआर दर्ज होते ही मध्यरात्रि को जब दिलीप शर्मा अपने घर में परिवार सहित सो रहे थे उसी दौरान महासमुंद पुलिस के कुछ अधिकारी कर्मचारी उनके घर पहुंचे ।
विधायक ने पत्र में लिखा है कि एफआईआर दर्ज होने के कुछ मिनटों के बाद बिना वैधानिक विवेचना के पत्रकार को सोते हुए से उठाकर गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया. 14 जून को उन्हें न्यायालय में पेश किया गया. न्यायालय द्वारा दिलीप शर्मा को तत्काल जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया ।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि अगर एफआईआर दर्ज हुई थी तो उसकी विधि सम्मत जांच की जानी चाहिए थी. जो इस प्रकरण में परिलक्षित नहीं है. उन्होंने पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी को विधि विरुद्ध बताते हुए कहा कि इससे पत्रकारों एवं आम जनता में आक्रोश व्याप्त है. विधायक ने गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के लिए अपनाए गए तरीके की जांच कर दोषि पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है ।
 

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रायपुर । प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में जूनियरों डॉक्टरों की गुंडागर्दी किसी से छिपी नहीं है. एक बार फिर डॉक्टरों ने मरीज को देखने आए दो परिजनों की जमकर पिटाई की है. राजिम से आए कैलाश राव और विक्रम ठाकुर ने जब अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाया तो वहां मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने दोनों के साथ मारपीट की है ।
सूचना मिलने पर मौके पर मौदहापारा थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित मरीज को देखने मेकाहारा अस्पताल आए हुए थे इस दौरान वहां मरीज को स्ट्रेचर में खींचने के लिए वार्ड ब्यॉय मौजूद नहीं होने पर परिजनों ने सवाल उठाया तो उनको जवाब मिला आप ही खींच के ले जाओ. जिससे शिकायत करनी हो कर दो. सवाल का उल्टा जवाब पाकर परिजनों ने कहा कि इतने बड़े अस्पताल में एक ही वार्ड ब्वॉय हैं क्या, ये जो बोल रहे हो आप लोग मोबाइल ऑन करता हूँ उस पर बोल दो फिर हम शिकायत करेंगे. इतने में दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी हुई. बढ़ती भीड़ को देखते हुए सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष को समझाइश देकर छोड़ दिया है. इस मामले पर किसी तरह की कोई FIR दर्ज नहीं हुई है ।
जब इस बारें में मौदहापारा थाना प्रभारी राहुल तिवारी से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो वे  नियम कानून का हवाला देते हुए बाइट देने के कतराते हुए नजर आए, उहोंने कहा कि सूचना मेरे पास आई थी वो बता दिया, उन्होंने कहा कि मैं कैमरे के सामने कुछ भी नहीं बोल सकता ।
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही मेकाहारा अस्पताल के जूनियर डॉक्टर बंगाल में हुई डॉक्टरों के साथ मारपीट की वजह से हड़ताल पर थे लेकिन इस बार डॉक्टर जिन्हें भगवान का दर्जा दिया जाता है वो ही अब मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन डॉक्टरों पर कोई नियम कानून लागू नहीं होना चाहिए ।

 
रायपुर  । देश प्रदेश में दिनों दिन बढ़ रही बच्चियों से दुष्कर्म और अश्लीलता की घटनाओं को लेकर परिजन चिंता में है. ऐसे में परिजनों ने स्कूल के ड्रेसों की गुणवत्ता पर भी आपत्ति जताई है. छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित सरस्वती नगर थाना इलाके के ‘द रेडियंट वे स्कूल’ में पहुंचकर परिजनों ने हंगामा किया. परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्कूल द्वारा मनमाना तरीके से ड्रेस चेंज किया जा रहा है. ड्रेस भी पारदर्शी है और ऐसे में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठता है. इसकी शिकायत अब वो स्कूल शिक्षा मंत्री, गृहमंत्री और एचआरडी मिनिस्टर से करने की बात कह रहे हैं ।
स्कूल प्रबंधन कर रही व्यवसाय 
परिजनों का कहना है कि हमारे बच्चों के पास पुराने ड्रेस अच्छे कंडीशन में होने के बावजूद ड्रेस को बदल दिया गया. यह सब समझ से परे है. क्या व्यवसाय के लिए ड्रेस को चेंज किया जा रहा है या कुछ औऱ कारण है ? प्रबंधन इस बारे में कुछ भी कहने से बच रही है. इसी समस्या को लेकर सभी परिजन स्कूल के बाहर इकठ्ठा हुए है. स्कूल की प्रिंसिपल से मिलकर अपनी समस्याओं को अवगत कराया और फीस बढ़ोतरी को लेकर बातचीत की गई ।
प्रिंसिपल के पति करने लगे गाली-गलौच
उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल से चर्चा के दौरान उनके पति बीच में आ गए और परिजनों से गाली-गलौज करते हुए देख लेने की बात कहते रहे. परिजनों से दुर्व्यवहार किया. ऐसे में सवाल उठता है कि जब परिजनों से स्कूल प्रबंधन इस तरह की गाली गलौज देते हुए दुर्व्यवहार करती है, तो बच्चों से किस तरह के व्यवहार करती होगी  ।
इनसे करेंगे शिकायत
स्कूल प्रबंधन के संचालक बच्चों और परिजनों से दुर्व्यवहार करते हैं इसकी शिकायत स्कूल शिक्षा मंत्री, गृहमंत्री और एचआरडी मिनिस्टर से की जाएगी ।
पारदर्शी शर्ट में अंदर से दिखता हाथ
पारदर्शी शर्ट की कीमत 700 रुपए
स्कूल प्रबंधन फीस स्ट्रक्चर और मनमाना तरीके से स्कूल के ड्रेस को बदल रही है. परिजनों को एक ही दुकान से ड्रेस और पुस्तकें लेने को कहा जाता है. परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन व्यवसाय की तरह काम कर रही है. बच्चों के भविष्य औऱ परिजनों की समस्या को नजरअंदाज कर रही है. परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने 20 प्रतिशत तक फीस में बढ़ोत्तरी की है. एक शर्ट की कीमत 700 रुपए रखी गई है और कंपलसरी कर दी गई है. जबकि यह शर्ट पहनने से शरीर के अंदर का हिस्सा दिखाई देता है ।
स्कूल प्रबंधन का बयान
स्कूल प्रबंधन की उप प्राचार्य अर्पिता राठौर का कहना है कि ड्रेस ख़रीदने के लिए एक दुकान में कंपलसरी इसलिए किया गया है क्योंकि जो इस स्कूल का मोनो लगता है वो हर जगह उपलब्ध नहीं होता है. जब शर्ट की क्वालिटी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा है कि हम आगे अच्छे से बेहतर क्वालिटी के ड्रेस उपलब्ध कराएंगे. फीस वृद्धि को लेकर सवाल पूछा तो कहा कि हमने सिर्फ़ 8-10% तक ही वृद्धि की है ।
सवाल यह उठता है कि क्या स्कूल प्रबंधन शिक्षा के नाम पर व्यवसाय कर रही है ? परिजनों से गाली-गलौच करते हुए बदतमीजी कर रही है. सबसे बड़ा सवाल तो ये है कि बच्चियों के लिए पारदर्शी शर्ट का चयन किया जा रहा है. आज बच्चियां देश प्रदेश में कितनी महफूज है ये आप तो भली भांति जानते हैं ? अब देखना यह होगा कि क्या स्कूल प्रबंधन पर कोई कार्रवाई होती या फिर नहीं. परिजन इसकी शिकायत शिक्षा मंत्री, गृहमंत्री और एचआरडी मिनिस्टर से करेंगे तो क्या ये कोई कार्रवाई करेंगे  ।