Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
Browsing: रायपुर

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार के नौ मंत्रियों की साख वाली सीटों पर पंजा परास्त हो गया। कांग्रेस सरकार के दो मंत्री कवासी लखमा और जयसिंह अग्रवाल ही अपनी प्रतिष्ठा बचा पाए। वहीं, कांग्रेस के दिग्गज नेता और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत भी पत्नी को जिताकर साख बचाने में सफल रहे। इधर, विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद डॉ. रमन सिंह समेत भाजपा के सभी धुरंधर नेता लोकसभा चुनाव की अग्नि परीक्षा में पास हो गए हैं।
मुख्यमंत्री बघेल पाटन विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं, जो कि दुर्ग संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। इसी संसदीय क्षेत्र से मंत्री ताम्रध्वज साहू हैं, इसलिए उन्हें वहां का प्रभार दिया गया था। बघेल और साहू मिलकर दुर्ग सीट को नहीं बचा पाए। सीएम पद के दावेदार रहे कांग्रेस सरकार के कद्दावर मंत्री टीएस सिंहदेव को सरगुजा लोकसभा सीट का प्रभार मिला हुआ था। यह सीट भी कांग्रेस के हाथ नहीं लगी।
विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा वोट से जीतने वाले मंत्री मोहम्मद अकबर अपने प्रभार वाली राजनांदगांव लोकसभा सीट को कांग्रेस की झोली में नहीं ला पाए। कांग्रेस सरकार के युवा मंत्री और युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उमेश पटेल को रायगढ़ लोकसभा सीट का प्रभार मिला था, वहां से भाजपा जीत गई। रायपुर में महापौर प्रमोद दुबे और पूर्व महापौर सुनील सोनी का मुकाबला था।
महापौर दुबे को जिताने के लिए मंत्री डॉ. शिव डहरिया को प्रभारी बनाया गया था, वे विफल रहे। बसपा के प्रभाव वाली जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट की जिम्मेदारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह को मिली थी, जिस पर भाजपा का कब्जा हो गया। साजा विधानसभा क्षेत्र के विधायक और मंत्री रविंद्र चौबे बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के प्रभारी थे, जहां कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
मंत्री रूद्रकुमार महासमुंद लोकसभा के प्रभारी थे, जहां शुरुआत में कांग्रेस को बढ़त मिली, लेकिन दोपहर बाद भाजपा प्रत्याशी ने एक बार रफ्तार पकड़ी, तो सीट पर कब्जा करके माने। महिला मंत्री अनिला भेंड़िया के प्रभार वाले कांकेर लोकसभा क्षेत्र में भी कांटे के मुकाबले के बाद कांग्रेस को सीट गंवानी पड़ी।
कोरबा लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर थी। प्रभारी होने के नाते मंत्री जयसिंह अग्रवाल और पत्नी के चुनाव लड़ने के कारण विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत की साख दांव पर थी। दोनों ने साख बचा ली। बस्तर सीट को जिताकर मंत्री कवासी लखमा भी प्रतिष्ठा बचाने में सफल हुए हैं।
भाजपा ने हिसाब चुकता किया
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार का हिसाब भाजपा ने लोकसभा चुनाव में चुकता किया। भाजपा ने नौ सीटों पर कब्जा किया, इसमें से तीन सीट पर दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। राजनांदगांव सीट में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कांकेर सीट में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी और रायपुर सीट में पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पूरी ताकत लगा दी थी, तीनों नेता सफल रहे।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में सिटिंग एमपी का टिकट काटना भाजपा के लिए फायदेमंद रहा। पार्टी ने राज्य की सभी 11 सीटों पर नए चेहरे उतार कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगा। इससे पांच महीने पहले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 68 सीट देने वाली जनता का मिजाज एकदम बदल गया। वोटरों ने आठ लोकसभा सीटें भाजपा को दे दी।
कांग्रेस को दो सीटें मिली हैं, जो 2014 के मुकाबले एक अधिक है, लेकिन पार्टी को सबसे बड़ी हार मुख्यमंत्री समेत चार मंत्रियों के क्षेत्र दुर्ग संसदीय सीट में मिली हैं। दुर्ग से भाजपा के विजय बघेल ने करीब साढ़े तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से कांग्रेस की प्रतिमा चंद्राकर को हराया है।
सीट की स्थति
वर्ष कुल सीट भाजपा कांग्रेस बसपा
2014 11 10 01 00
2019 11 08 02 00
हारने के कारण
उत्तर छत्तीसगढ़
– टीएस सिंहदेव को सीएम नहीं बनाना पड़ा भारी।
– राशन कार्ड पर चना व नमक बंद करने से जनता नाखुश।
– हिट रहा राष्ट्रवाद और चौकीदार का नारा।
– काम कर गई चेहरा बदलने की भाजपा की नीति।
पूर्व छत्तीसगढ़
– जनता ने नकारा कांग्रेस का किसान हितैषी होने का दावा।
– कांग्रेस के परिवारवाद से वोटरों ने किया किनारा।
– धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने का नहीं पड़ा असर।
– आधी- अधूरी कर्जमाफी से किसान नाखुश।
पश्चिम छत्तीसगढ़
– सिटिंग एमपी का टिकट काटने का भाजपा को मिला फायदा।
– बदले की राजनीति को वोटरों ने नकारा।
– कायम रहा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का प्रभाव।
मध्य छत्तीसगढ़
– दोनों सीटों पर बड़ी हार से राज्य सरकार को तगड़ा झटका।
– राहुल के चौकीदार चोर के नारे को जनता ने नकारा।
– बिजली हाफ पर भारी पड़ी बिजली की आंख मिचौली।
– सीएम समेत आधा दर्जन मंत्री इसी क्षेत्र के हैं।
– मोदी की सभा का भाजपा को मिला फायदा।
दक्षिण छत्तीसगढ़
– कश्यप परिवार को किनारे करना भाजपा को पड़ा भारी।
– अधिग्रहित जमीन वापस करने का कांग्रेस को मिला लाभ।
– आदिवासी हितों की रक्षा के वादे पर लगी मुहर।

रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीत की बधाई देने का सिलसिला जारी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने ट्वीट कर पीएम मोदी को भाजपा को अभूतपूर्व जीत की ओर ले जाने के लिए बधाई दी है. आडवाणी ने अमित शाह और बीजेपी के सभी लगनशील कार्यकर्ताओं की भी तारीफ की है ।
आडवाणी ने अपने ट्वीट में पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं और भाजपा अध्यक्ष की, हर मतदाता तक पार्टी के संदेश को पहुंचाने के लिए तारीफ की है. आडवाणी ने रुझानों में बीजेपी के गठबंधन को मिलने वाले प्रचंड बहुमत को लेकर खुशी जताई और लिखा कि इतने बड़े और विविधता भरे देश में चुनाव प्रक्रिया का सफलतापूर्वक संपन्न होने पर अच्छा महसूस हो रहा है. इस चुनाव को कराने में भागीदार सभी एजेंसियों को मेरी मुबारकबाद. उन्होंने अपने ट्वीट में भारत के उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की है ।

रायपुर । रायपुर लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. भाजपा उम्मीदवार सुनील सोनी को बधाई दी है । लोगों में जो अंदर करंट था वो हम लोगों के खिलाफ गया है. भाजपा का राष्ट्रवाद का मुद्दा काम कर गया. हार की वजह मैं कोई चूक नहीं मानता ।
कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद दुबे अपने समर्थकों के साथ सेजबहार मतगणना स्थल पहुंचे. मीडिया से उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि देश का जो ट्रेंड चल रहा है उस ट्रेंड से हम भी अछूते नहीं रहे । असफलता का आशय यह है कि सफलता के लिए पूरा प्रयास नहीं हुई. हममें कुछ कमियां थी या उन चीजों को हम लोगों तक अपनी सरकार के उपलब्धियों को जनता तक नहीं पहुंचा पाए । लेकिन जिस प्रकार से देश के अंदर करंट चल रहा था. भाजपा को लोगों ने बड़ा जनादेश दिया है ।
हार स्वीकार करने में कोई दिक्कत नहीं है. जनादेश को स्वीकार करना हमारा फर्ज है. रायपुर लोकसभा में 9 विधानसभा है. इसमें लगभग 14 लाख वोट है. आज की स्थिति को देखा जाए तो करीब 4 लाख वोट से हार मिली. मतों का अंतर इतना होगा हमें बिल्कुल एहसास नहीं था. लेकिन जब अंदर करंट होता है तो यही स्थिति निर्मित होती है ।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्रदेश में वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित समीक्षा बैठक में इसके लिए सरगुजा, रायपुर और बस्तर में कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में निर्णय लिया गया कि सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में 28 मई को, रायपुर में 29 मई को और बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में 30 मई को इस कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं, वन मंत्री, मुख्य सचिव तथा क्षेत्र के मंत्रीगण, विधायक, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन मंडलाधिकारी, वन और राजस्व विभाग के अनुविभागीय अधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास कार्यशाला में उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान कहा कि कार्यशाला में वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों की विस्तृत और स्पष्ट जानकारी दी जाए, जिससे इस अधिनियम का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो सके। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि अधिनियम के अनुसार सभी पात्र व्यक्तियों को वन अधिकार पट्टे दिए जाएं। उन्होंने सामुदायिक वन अधिकार पट्टे देने के निर्देश भी बैठक में दिए। सीएम बघेल ने वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन के लिए ग्राम पंचायत, जनपद और जिला स्तर पर गठित समितियों का पुनर्गठन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वन अधिकार पट्टे के लिए निरस्त किए गए आवेदनों पर फिर से विचार किया जाए। बघेल ने मानसून के पहले वन क्षेत्रों के गांवों में ग्राम वन समितियों के माध्यम से सब्जी और फलों के बीज वितरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अचानकमार अभ्यारण्य और कांगेर वेेली में फलदार वृक्षों की प्रजातियों के बीज का हवाई छिड़काव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनों में मानसून के पहले बीजों का छि?काव किया जाए, जिससे आने वाले समय में बंदर, भालू, शूकर जैसे पशुओं के लिए जंगल में ही आसानी से भोजन उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने राजस्व सचिव को निर्देश दिए कि सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा के प्रकरणों का निपटारा लोक सेवा गांरटी अधिनियम में निर्धारित की गई समय-सीमा में निराकरण तथा तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी की मुख्यालय में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव सी.के.खेतान, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी, आदिम जाति विकास विभाग के सचिव डी.डी.सिंह, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्यमंत्री के ग्रामीण विकास के सलाहकार प्रदीप शर्मा तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

रायपुर । लोकसभा चुनाव के नतीजों के लिए आज वोटों की गिनती की जा रही है। छत्तीसगढ़ में तीन चरणों में लोकसभा के चुनाव हुए थे। कड़ी सुरक्षा के बीच आज सुबह 8 बजे से सभी सीटों पर मतों की गणना जिला मुख्यालयों में शुरु हुई रायपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए रायपुर के सेजबाहार और बलौदाबाजार में वोटों की गिनती की जा रही है शुरुआती रुझानों में ही रायपुर लोकसभा सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है पहले कुछ राउंड तक दोनों एक दूसरे पर बढ़त बनाते रहे लेकिन तीसरे राउंड के बाद सुनील सोनी ने 44 हजार मतों की बढ़त बना ली थी।
भूपेश व रमन की प्रतिष्ठा दांव पर
एक महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिर वह पल आ ही गया, जब देश में किसकी सरकार बनेगी, यह तय होने जा रहा है। जहां तक बात छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा सीटों की है तो यहां सीएम भूपेश बघेल व पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। कांग्रेस जहां प्रदेश में सरकार बनाने के बाद एक के बाद एक लिए कई फैसलों के दम पर अधिक से अधिक सीटें मिलने का दावा कर रही है, वहीं भाजपा का मानना है कि परिवर्तन की लहर में कांग्रेस प्रदेश में आई है। जनता लोकसभा चुनाव में उसे एक बार फिर बुलंदियों पर ले जाएगी।
कांग्रेस कंट्रोल रूम से रख रही पूरे प्रदेश पर नजर
कांग्रेस ने मतगणना पर नजर रखने के लिए प्रदेश मुख्यालय राजीव भवन में कंट्रोल रुम बनाया है वहा से दो टीम मतगणना के दौरान भी हर जिले से लगातार रिपोर्ट ले रहीं है।
वॉकी टॉकी लेकर घूम रहे कंट्रोल रूम के सदस्य
कंट्रोल रूम में 11 लोकसभा क्षेत्र के लिए 11 पदाधिकारियों को बैठाया गया है। इन सभी को वॉकी टॉकी दिया गया है, जिसे वे अपने साथ लेकर घूमते हैं, ताकि उनसे संबंधित लोकसभा क्षेत्र की सूचना चौबीस घंटे ली और प्रेषित की जा सके। हर जिले के एक-एक पदाधिकारी को भी वॉकी-टॉकी दिया गया है, जिससे रिपोर्ट ली जा रही है। कंट्रोल के सदस्यों ने बताया कि वॉकी टॉकी से बात करने पर टेपिंग का डर नहीं रहता है।
भाजपा कार्यालय में चुनाव परिणाम देखने लगाया गया बड़ी स्क्रीन
रायपुर। भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में चुनाव परिणाम को लेकर खासा तैयारी की गई है. कार्यालय के दूसरे तल पर विशाल एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। इसके साथ ही मीडिया के लिए मीडिया सेंटर भी बनाया गया है. जहां लोकसभा चुनाव के परिणामों को देखा जाएगा। गुरुवार को लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों आने वाले है। जिसको लेकर देश के सियासी गलियारों में तेज हलचल देखने को मिल रही है। इस चुनाव के एग्जिट पोल भी आ चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि लगभग हर बड़ी पार्टी अपने अच्छे प्रदर्शन का दावा कर रही है।
मतगणना के लिए 12 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी
11 लोकसभा की मतगणना सभी 27 जिलों में संपन्न कराने के लिए रिजर्व सहित कुल 12 हजार कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनके अलावा 90 आरओ और एआर के साथ ही इतने रिजर्व की भी ड्यूटी लगी है। मंगलवार को बातचीत में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने उक्त जानकरी दी। उन्होंने कहा कि सभी स्ट्रांग रूम की सुरक्षा व्यवस्था चुस्त और दुरुस्त है। ईवीएम मशीन जहां रखी गई हैं, उनको प्रोजेक्टर में भी दिखाया जा रहा है। सभी राजनीतिक दलों को मतगणना स्थल पर अपने एजेंट नियुक्त करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक विधासभा क्षेत्र की काउंटिंग के लिए 14-14 टेबल लगाई जाएंगी। प्रत्येक टेबल पर एक प्रत्याशी का सिर्फ एक एजेंट ही नियुक्त होगा। मतगणना स्थल पर किसी को भी इलेक्ट्रॉनिक सामान या पेन अथवा पेंसिल तक ले जाने पर प्रतिबंध है। इसमें मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रानिक गैजेट्स शामल हैं। जांच करने के बाद ही चाहे वह अधिकारी कर्मचारी हो या राजनीतिक व्यक्ति, प्राधिकार पत्र के साथ ही मतगणना स्थल पर प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत चुनाव आयोग की सभी गाइड लाइन का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। इस बार वोटर हेल्पलाइन एप लांच किए गए हैं, जिस पर नतीजों के रुझान अपडेट किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि अगर मॉकपोल डिलिट नहीं जाने वाली ईवीएम के मतों की गणना वीवीपैट की पर्चियों से होगी। इसके साथ ही खराब बैलेट यूनिट के वीवीपैट के पर्चियों की गिनती है। वैसे नियमानुसार प्रत्येक विधानसभावार अंतिम राउंड में पांच-पांच वीवीपैट की पर्चियों की गिनती की जाएगी। उन्होंने बताया कि मतगणना के लिए पहले से ही दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। सिर्फ व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी। आरओ और एआरओ किसी भी मतगणना स्थल पर रिकाउंटिंग आदि की स्थिति उत्पन्न होने कराने के लिए स्वतंत्र हैं। बशर्ते वे गाइड लाइन के मुताबिक होनी चाहिए।
मतगणना स्थल में 3 लेयर की सुरक्षा व्यवस्था
लोकसभा चुनाव मतगणना के मद्देनजर पुलिस की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लगाई गई है। सेजबहार इलाके में स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में होने वाली मतगणना के दौरान सीआरपीएफ सहित अर्धसैनिक बल और राज्य पुलिस के करीब एक हजार अधिकारी और जवान को तैनात किये गये है। इस दौरान मेन गेट से लेकर सभाकक्ष और मतगणना स्थल से स्ट्रांग रूम तक पुलिस और अर्धसैनिक जवानो को तैनात किया गया है, साथ ही मेनगेट से मतगणना स्थल और सभागार तक जारी कार्डधारियो को ही प्रवेश दिया जा रहा है।
रायपुर । स्टेशन रोड की एक महिला को अश्लील मैसेज भेजने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला को वाट्सएप पर अश्लील मैसेज करता था। वीडियो भी भेजता था। महिला ने नंबर ब्लॉक कर दिया तो कॉल करने लगा। पुलिस ने नंबर के आधार पर युवक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक स्टेशन रोड में 53 साल की महिला रहती है। उनके मोबाइल पर कोटा का प्रतिश मेहता (40) लगातार मैसेज कर रहा था। अश्लील कमेंट्स करता था। वह वीडियो भी बेचने लगा। महिला को धमकी भी देता था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार में वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे की सेहत को लेकर अच्छी ख़बर है. चौबे के परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक अस्पताल से आज उन्हें छुट्टी मिल गई है. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद फिलहाल विश्राम गृह में अभी रुके हैं. शाम को लखनऊ से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. दिल्ली में मंत्री चौबे डॉक्टर अपने बेटी-दामाद के घर पर कुछ दिनों तक आराम करेंगे. जब तक दिल्ली में रहेंगे वहीं से अपने विभाग काम-काज भी देखेंगे, साथ ही कैबिनेट बैठक या अन्य सरकारी काम के लिए फिलहाल दिल्ली से आना-जाना करेंगे।चौबे के परिजनों ने बताया कि अब पूरी तरह से ठीक हैं. सभी के साथ मिल-जुल रहे हैं. फोन पर बात कर रहे हैं. उन्हें अपने समर्थकों ने से कहा कि वे अब बिल्कुल उन्हें लेकर चिंता न करें जल्दी वे छत्तीसगढ़ लौटकर आएंगे।
आपको बता दें कि उत्तप्रदेश में चुनाव प्रचार के दौरान 27 अप्रेल को रविन्द्र चौबे की तबियत बिगड़ गई थी. उन्हें माइनर अटैक आया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें पहले सहारा अस्पताल में भर्ती कराया था, बाद में फिर उन्हें पीजीआई में शिफ़्ट किया गया था. तकरीबन 26 दिनों तक अस्पताल में रहने के बाद उन्हें अब छुट्टी मिल गई है. चौबे के स्वस्थ्य होने की ख़बर पर मुख्यमंत्री सहित उनके मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने खुशी जाहिर करते हुए उनके जल्दी छत्तीसगढ़ लौटने की कामना की है।

रायपुर। राजधानी के न्यू राजेंद्र नगर, डीडी नगर थाना व दुर्ग जिले में लूट के वारदात को अंजाम देने वाले फरार आरोपी को पुलिस के टीम ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि डीडीनगर थाना क्षेत्र में लूट के वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपी देवी प्रसाद बसोर एवं मनीष बसोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वही मामले में शामिल आरोपी जावेद अहमद (27) निवासी मन्धाता प्रतापगढ़ से ग्रिफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 1 नग कट्टा और 2 नग कारतूस जब्त किया है। बताया गया है कि आरोपी जावेद अहमद शहर के न्यू राजेंद्र नगर और डीडी नगर थाना क्षेत्र में लूट के वारदात में शामिल था। वही जावेद अहमद ने भिलाई दुर्ग में भी पिस्टल से फायर कर कैशियर से लूटपाट किया था। पुलिस ने आरोपी देवी प्रसाद और मनीष से पूछताछ करने के बाद टीम का गठन कर प्रतापगढ़ गए थे। जहाँ से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपी को रिमांड में लेकर पूछताछ करेगी। जिससे और भी नए मामले का खुलासा हो सकता है।

रायपुर । मदिरा दुकानों में ओवर रेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण और राजस्व लक्ष्य सुनिश्चित करने के लिए आबकारी आयुक्त तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा फुटकर मदिरा दुकानों का आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। मदिरा दुकानों में सेल्स काउटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मदिरा दुकानों में ओवर रेटिंग तथा अन्य प्रकार की गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के जिला प्रबंधक पर उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक ए.पी.त्रिपाठी ने कार्पोरेशन के सभी महाप्रबंधको, उप महाप्रबंधकों को इस संबंध में पत्र लिखकर ओवर रेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण करने और मदिरा दुकानों का सुचारू संचालन करने को कहा है। प्रबंध संचालक द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से नियुकत समस्त सुपरवाईजर एवं सेल्समेन को यूनिफार्म में ड्यूटी करनी होगी, उनके नाम का बैच तथा सी.एस.एम.सी.एल मोनो उनके यूनिफार्म में अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए। यदि सुपरवाईजर या सेल्स मेन बिना यूनिफार्म के पाए जाते हैं तो प्लेसमेंट एजेंसी पर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। पत्र में मदिरा दुकानों में नियुक्त सुपरवाईजर तथा सेल्समैन का नाम तथा फोटो लेमिनेट करा कर ग्राहकों को प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि मदिरा दुकानों में जितनी संख्या में सेल्समैन नियुक्त किए गए हैं (एक रिलीवर को छोड़कर) उतनी संख्या में विक्रय काउंटर होने चाहिए तथा सभी काउंटर शाम 5 बजे से रात्रि दुकान बंद होने तक आवश्यक रूप से संचालित रहने चाहिए ।
पत्र में कहा गया है कि जिला प्रबंधक एवं उनके अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा शाम 5 बजे से रात्रि दुकान बंद होने तक अपने प्रभार क्षेत्र की दुकानों का सतत रूप से निरीक्षण किया जाना सुनिश्चित किया जाए, साथ किसी भी ओवर रेटिंग तथा अन्य प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिला प्रबंधकों को निरीक्षण से संबंधित प्रतिवेदन प्रति माह प्रबंध संचालक को भेजना होगा। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्राय: देखा जा रहा है कि अधिकांश मदिरा दुकानों में केवल एक या दो काउंटर संचालित हैं, जबकि तीन से ज्यादा सेल्समैन वहां नियुक्त हैं। दुकानों में शाम 5 बजे से रात्रि दुकान बंद होने तक अनावश्यक भीड़ की स्थिति रहती है।