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रायपुर। डीकेएस हॉस्पिटल घोटाला मामले में पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक के एजीएम सुनील अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। रायपुर एसएसपी आरिफ शेख ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस की तीन सदस्यीय टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया है।

रायपुर । राजधानी में घूम-घूम कर आलमारी की चाबी बनाने के बहाने चोरी करने वाले दो अंतरराज्यीय आरोपियों को सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से साढ़े 3 लाख के जेवर और बोलेरे कार जब्त की है। मामले का खुलासा करते हुए एडिशनल एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में गुरुदयाल सिंह (40) निवासी इंदौर व बलबीर सिंह (22) निवासी राजस्थान है। दोनों आरोपी रिश्ते में चाचा-भतीजा है।
बताया जाता है कि आरोपी बलबीर सिंह पूर्व में भी चोरी के प्रकरण में गुजरात की जेल में सजा काट चुका है। यहां सिविल लाइन क्षेत्र में आरोपियों ने संजय कुमार जयसवाल को अपना शिकार बनाया था। आरोपियों ने आलमारी की चाबी बनाने के बहाने संजय कुमार के घर की आलमारी से सोने-चांदी के जेवर सहित नकदी रकम पार कर दी थी। पुलिस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। इससे और भी चोरी के मामलों का खुलासा हो सकता है।

रायपुर । जानलेवा स्वाइन फ्लू का वायरस एच1एन1 अपनी जीन बदल रहा है, यही वजह है कि सर्दियों में होने वाली यह बीमारी अब गर्मी में भी लोगों को जकड़ रही है. अप्रैल के महीने में स्वाइन फ्लू से संक्रमित 10 मरीज मिले हैं, जिनमें से 6 मरीजों की हालत गंभीर है. डॉक्टरों ने आने वाले समय में स्वाइन फ्लू से संक्रमित और मरीजों के मिलने की आशंका जताई है ।
माना जाता है स्वाइन फ्लू एक मौसमी बीमारी है, जिसका वायरस 30 डिग्री तक (ठंड के दिनों में) सक्रिय रहता है, लेकिन इस बार गर्मी में भी स्वाइन फ्लू के मरीज देख डॉक्टर भी हैरान हैं. डॉ. गिरीश अग्रवाल ने बताया कि बीते दो सालों से लगातार गर्मी के मौसम में भी स्वाइन फ्लू के मरीज मिल रहे हैं. स्वाइन फ्लू के जो वायरस 30 डिग्री सेल्सियस तक मर जाया करते थे, वे रायपुर में 45 डिग्री में भी सक्रिय हैं. ये फ्लू बेहद खतरनाक है. आगे आने वाले समय में इसका दुष्परिणाम भी देखने को मिल सकता है ।
ठंड के दिनों में मिले थे 47 मरीज
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि स्वाइन फ्लू के वायरस के सक्रिय होने का एक कारण मौसम में लगातार हो रहे बदलाव भी है. पहले ये बीमारी केवल एक मौसम में देखने को मिलती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है. डॉक्टर्स की मानें तो ये वायरस सक्रिय जरूर है, लेकिन कम घातक हैं. गर्मियों में होने वाले स्वाइन फ्लू से किसी की मौत नहीं हुई है, और इसकी आशंका भी कम ही रहती है. जिला चिकित्सा अधिकारी आरके सोनवानी ने बताया कि ठंड के दिनों में प्रदेश में 47 मरीज़ मिले थे, जिसमें से आठ लोग की मौत हुई थी. उन्होंने भी स्पष्ट किया कि स्वाइन फ्लू के वायरस के जीन में बदलाव के कारण गर्मी के दिनों में स्वाइन फ्लू के मरीज़ मिल रहे हैं ।
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर एक बार फिर निशाना साधते हुए उनकी तुलना भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी से की है. बघेल ने कहा कि रमन सिंह भी आडवाणी और जोशी की तरह भाजपा से रिटायर हो गए हैं. कहने को तो रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, लेकिन पार्टी ने उन्हें प्रचार के लिए उन्हें कहीं नहीं भेजा है ।
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में उम्मीद से कहीं ज्यादा बेहतर प्रदर्शन करने के बाद भूपेश बघेल का कांग्रेस में कद राष्ट्रीय नेता का हो गया है. यहीं वजह है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उन्हें अपने साथ प्रचार के लिए उत्तर प्रदेश के साथ बिहार और मध्यप्रदेश ले जा चुके हैं. मध्यप्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने के बाद नए जोश के साथ छत्तीसगढ़ लौटे भूपेश बघेल ने आते ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर निशाना साधा है ।
विपरित परिस्थितियों में भी भाजपा के झंडाबरदार रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी आज पार्टी के भीतर हाशिए में चले गए हैं. विपक्ष के नेता भी आडवाणी और जोशी की स्थिति को लेकर भाजपा पर यदा कदा हमला करते रहे हैं. सीएम भूपेश बघेल ने भी डॉ. रमन सिंह पर हमला करने के लिए आडवाणी और जोशी का सहारा लिया. उन्हें प्रचार के लिए कहीं न भेजकर आडवाणी और जोशी की तरह पार्टी से रिटायर कर घर में बिठा दिया है ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लोकसभा चुनाव में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. हाल ही में मध्यप्रदेश और राजस्थान में उन्होंने जमकर धुआंधार प्रचार-प्रसार किया है ।
सीएम बघेल एमपी के दौरे से आज छत्तीसगढ़ वापस लौटे हैं. कोलकाता में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हिंसा पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बंगाल की घटना भाजपा की गुंडागर्दी है, बीजेपी वालों ने ही ऐसी स्थिति निर्मित की है कल बनारस में भी झगड़ा करने की कोशिश कर रहे थे. ये पहली बार अमित शाह के चेहरे पर डर दिखाई दे रहा है बंगाल में अन्याय हो रहा इसलिए हम उनके साथ हैं ।
पीएम नरेंद्र मोदी जनता से अब तक बोलते आए झूठ
तो वहीं ‘मोदीलाइज’ पर सीएम बघेल ने कहा कि नरेंद्र मोदी शुरू से अब तक झूठ ही बोल रहे हैं, चाहे चाय वाला हो या जाति की बात हो सिर्फ झूठ ही बोले जा रहे हैं. ये मोदीलाइज ही है ।
डॉ. रमन सिंह बीजेपी से हुए रिटायर
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डॉ. रमन सिंह अब बीजेपी से लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी की तरह रिटायर हो गए हैं. रमन सिंह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तो हैं लेकिन भाजपा ने प्रचार के लिए उन्हें कही नहीं भेजा है ।
भाजपा का संबंध नक्सलियों से
नक्सल सहित विभिन्न मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों की रिहाई पर सीएम ने बयान देते हुए कहा कि बहुत सारे लोगों को नक्सली समर्थक बताकर गिरफ्तार किया गया है.जो निर्दोष है उसे निष्पक्ष तरीके से न्याय तो मिलना ही चाहिए. भाजपा के सम्बंध नक्सलियों से हैं. झीरम घाटी नक्सल हमले में बीजेपी सरकार का ढुलमुल रवैया रहा है. इस पर भाजपा सरकार ने कभी ठोस कार्रवाई नहीं की ।
किसान ममाले पर जांच के निर्देश
बस्तर में किसानों की गिरफ्तारी पर सीएम भूपेश बघेल ने स्पष्ट कहा कि बीजेपी सरकार में किसानों को धोखा दिया जा रहा था ये उसका परिणाम है. कलेक्टर को जांच के निर्देश दिए हैं. विधिक सहायता भी उपलब्ध कराएंगे ।
बनारस में फीके पड़े पीएम मोदी
तो वहीं बनारस में बीजेपी नेताओं के जमघट पर तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी नेता भीड़ जुटाने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही है बनारस में पीएम मोदी की सभाओं के लिए बाहर से लोग पहुंचे रहे हैं. बीजेपी की स्थिति को अब पार्टी के नेता भी जान चुके हैं. इसबार बार भाजपा की हावत पतली है. इसलिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बनारस में डेरा जमाए हुए हैं. बीजेपी नेताओं का अब हार का डर सताने लगा है ।
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के छह चरण की वोटिंग के बाद अब सातवें और आखिरी चरण में कांग्रेस पार्टी पूरी तरह प्रचार-प्रसार में जुट गई है ऐसे में सीएम बघेल सातवें चरण के चुनावी प्रचार प्रसार में भई जा सकते हैं ।
8 राज्यों की 59 सीटों पर 19 मई को वोट डाले जाएंगे, इसमें बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल, उत्तर प्रदेश सहित पश्चिम बंगाल की सीटों पर वोटिंग होंगी. इसी चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिष्ठा दांव पर है तो योगी के सामने अपनी गृह जनपद की सीट बचाने की चुनौती है ।
रायपुर । लोकसभा चुनाव परिणाम आते ही छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के काले कारनामों को धड़ाधड़ उजागर करने वाली है। कांग्रेस भवन के राजनीतिक हलकों में यह सुगबुगाहट पिछले एक सप्ताह से कांग्रेसियों में गोपनीय चर्चा में सामने आई है। कांग्रेसी नेता तो यहां तक कह रहे है कि रमनसिंह ने जो जो बैक डेट में फाइल साइन किए उसकी भी जानकारी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को हो गई है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शपथ ग्रहण करने साथ ही तत्कालीन मुख्य सचिव अजय सिंह को तलब किया और चुनाव परिणाम आने के सात दिनों के अंतराल में तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमनसिंह ने जिन महत्वपूर्ण फाइलों को बैक डेट में हस्ताक्षर किए उसकी जानकारी मंगाने के साथ मुख्य सचिव अजय सिंह से सारे विभागीय फाइल भी निकलवाई है। सूत्र बताते है कि भूपेश सरकार सत्ता परिवर्तन के बाद तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने अपने काले कारनामों को दबाने के लिए शपथ ग्रहण से पहले सभी महत्वपूर्ण फाइलों में बैक डेट में हस्ताक्षर किए है। जिसे सत्ता संभालने के बाद भूपेश बघेल ने चिन्हाकिंत कर लिया है। कांग्रेसियों का तो यहां तक कहना है कि यदि भूपेश बघेल उन फाइलों के मुद्दे को लेकर लोकसभा चुनाव में मोर्चा खोल देते तो रमनसिंह सहित कई तत्कालीन मंत्रियों को लेने के देने पड़ सकते थे।
भूपेश बघेल ने बड़ी सोच और राजनीतिक सुचिता का परिचय दिया
लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी सोच और राजनीतिक सुचिता का परिचय देते हुए उन फाइलों को अध्ययन के लिए अपने पास रख लिया। अब 23 तारीख को चुनाव परिणाम आने वाले है। राजनीतिक दौड़धूप से निवृत्त होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तत्कालीन सरकार के काले कारनामें को रोज उजागर करने वाली है। मुख्यमंत्री बघेल ने राजनीतिक सूझबूझ का परिचय देते हुए इसे लोकसभा चुनाव में आसानी से भुना सकते थे, लेकिन भूपेश बघेल न्याय संगत कार्रवाई पर विश्वास रखते है, इसलिए उन्होंने उन सभी पुराने विभागीय घोटाले जिन पर बैक डेट पर रमनसिंह के हस्ताक्षर हुए भंड़ाफोड़ कर सकते थे, जिससे भाजपा की रही सही लुटिया भी डूब सकती थी। लेकिन वे दोहरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष होने के कारण लोकसभा चुनाव में व्यस्त हो गए। समयाभाव के चलते जल्दबाजी कोई काम नहीं करना चाहते थे। उम्मीदवारों के क्षेत्र में प्रचार की जिम्मेदारी की भी भूपेश बघेल पर थी। लोकसभा चुनाव संपन्न होते ही राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी संरक्षक सोनिया गांधी के चुनाव क्षेत्र में व्यस्त हो गए । लगातार राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव के साथ यूपी, उडि़सा, झारखंड, मध्यप्रदेश में प्रचार और समर्थन हासिल करने में व्यस्त रहे। इस कारण इन सभी घोटालों उजागर नहीं किया। राजीव भवन में तगड़ी घुसपैठ करने वाले नेताओं की मानें तो 15 मई को मुख्यमंत्री जैसे ही प्रवास से लौटेंगे, पुराने सबी फाइलों का अध्ययन करेंगे और 23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद धड़ाधड़ उन मामलों को उजागर कर जनता के सामने भाजपा सरकार के 15 साल के काम काज का लेखा जोखा रखेंगे जिसमें उन्होंने सत्ता जाने के बाद भी मोह नहीं चोड़ पाए और पुराने डेट में पेंडिंग पड़े फाइलों को सीएम हाउस में बैठकर निपटाते रहे और बहाना बना दिया कि अभी बंगला तैयार नहीं हुआ है इसलिए कुछ दिन आर सीएम हाउस में रहेंगे।
अब पूर्व सीएस अजय सिंह पर कसेगा शिकंजा
सत्ता परिवर्तन के बाद तक अजय सिंह ही मुख्य सचिव रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सबसे पहले अजय सिंह को ही तलब किया और राज्य के विभागीय ढांचे की जानकारी मांगी । जिसमें खास तौर पर भूपेश बघेल ने पेंडिंग फाइलों की सूची मांगी। तब पता चला कि कोई भी फाइल पेंडिंग नहीं है। तब मुख्यमंत्री को खटका कि कैसे पेंडिंग फाइल नहीं होगी। सत्ता परिवर्तन के एक सप्ताह तक मुख्यमंत्री पद के लिए दिल्ली दौड़ के चलते पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमनसिंह ने फायदा उठाते हुए सारे पेंडिंग फाइलों को बैक डेट पर हस्ताक्षर कर निपटा दिए। यह बात भूपेश बघेल को हजम नहीं हुआ, उन्होंने तत्काल सुनील कुजूर को मुख्य सचिव नियुक्त कर पुराने सारे फाइलों की स्टडी करने को कहा तब यह बात सामने आया कि पूर्व सीएस ने भी झूठ बोला कि कोई पेंडिंग फाइल नहीं है। दरअसल सारे पेंडिग फाउलों को बैक डेट में हस्ताक्षर कर डा. रमनसिंह ने निपटा दिया था। जिसमें सबसे ज्यादा वित्तीय घोटाले, राजस्व संबंधी जमीन के मामले, उद्योगों को एनओसी देने के मामले, बिल्डरों के जमीन कब्जा के मामले थे। नियुक्ति और प्रमोशन संबंधी फाइल थे। जिसमें अजय सिंह की पत्नी की नियुक्ति का मामला, सीएम के प्रमुख सचिव अमनसिंह की संविदा नियुक्ति का मामला, स्टेट गैरेज में मंत्रियों के लिए नई गाड़ी खरीदी का मामला शामिल है।
समुंद सिंह के पास समुंदर जैसा पैसा, सीएम के पास पहुंची फाइल
आबकारी विभाग से रिटायर्ड ओएसडी की तथाकथित नियुक्ति और उनके अधिकार को लेकर सरकार समीक्षा कर चुकी है। ओएसडी होने के बाद भी समुंद सिंह आबकारी मंत्री से भी पावरफुल थे, सारे निर्णय उनके ही मार्ग दर्शन में लिया जाता था, समुंद सिंह ही तय करता था, कि कौन सा ब्रांड कौन सी डिस्लरी से शराब बनवाना है और शराब खरीदना है। जिससे सरकार को अधिक से अधिक राजस्व मिल सके। इसके आड में समुंद सिंह मंत्री से लेकर अधिकारियों को रेवड़ी बांटा करता था।
रायपुर शहर के सहकारी बैंकों में हुए घोटाले के खुलेगे पोल
आरटीआई एक्टीविस्टों की टीम जल्द ही प्रदेश के सहकारी बैंकों में हुए घोटाले की पोल खोलने वाली है। जनता से रिश्ता को मिली जानकारी के अनुसार कर्ज माफी से लेकर कर्ज देने के मामले में किसानों के साथ बैंक अधिकारियों ने जो घोटाला किया है उसकी जानकारी एकत्रित की है। जिसका सिलसिले वार प्रकाशन किया जाएगा। आरटीआई एक्टीविस्ट अब्दुल वाहिद ने बताया कि फिल हाल अभी राजधानी के सहकारी बैंकों में हुए गड़बडिय़ों को उजागर किया जाएगा जिसमें कालर खड़े कर किसानों की कर्ज माफी, व्यवसायिक ऋण जो गरीबों को दिया गया उसकी वसूली की स्थिति में गड़बड़ी उजागर हुई है। सहकारी बैंक के स्वयंभू अध्यक्ष और प्रबंधकों ने अपने अधिकारों का किस तरह दुरूपयोग किया खुलासा किया जाएगा।

रायपुर । राजस्थान में अलवर जिले के थानागाजी इलाके में दलित महिला से दबंगों द्वारा उसके पति के सामने ही सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद अब मध्य प्रदेश के धार में एक व्यक्ति और उसकी दो महिला रिश्तेदारों को पेड़ से बांधकर पीटे जाने का मामला सामने आया है. यह घटना धार की अर्जुन कॉलोनी में हुई. व्यक्ति किसी विवाहित महिला को कथित तौर पर भगा कर ले गया था ।
मुख्य पुलिस अधीक्षक संजीव मुले ने बताया कि इस घटना की बाबत केस दर्ज कर लिया गया है. मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुनीता नाम की महिला का धार के मुकेश के साथ विवाह हुआ था. लेकिन बाद में वह कथित तौर पर रवि के साथ दूसरे शहर में चली गई. मुकेश ने इस बारे में रवि के रिश्तेदार और अन्य लोगों से संपर्क किया. दोनों पक्षों के बीच समझौते की पेशकश के बाद रवि और उसकी रिश्तेदार संगीता और उर्मिला धार पहुंचे ।
बताया जाता है कि जब ये लोग पिछले मंगलवार को अर्जुन कॉलोनी पहुंचे तो इनको एक खंभे से बांधकर काफी देर तक पीटा गया. इस मामले में पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में संतोष बाई, सायरी, रेखा तथा मुकेश पिता हीरालाल और बलवंत शामिल हैं. बाकी चार आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के गठन के बाद लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में तेजी आ गई है. वर्ष 2018 के आखिरी तीन महीनों की तुलना में वर्ष 2019 के शुरुआती तीन महीनों में समय-सीमा में निराकृत होने वाले आवेदनों का प्रतिशत 73 से करीब छह प्रतिशत बढ़कर 79 हो गया है. आवेदनों के निराकरण का प्रतिशत ही नहीं बढ़ा है, बल्कि इनके समय-सीमा में निराकरण होने की दर भी बढ़ी है. समय सीमा के बाद निराकृत किए जाने वाले आवेदनों में 28 प्रतिशत की कमी आई है, अधिकाधिक प्रकरणों का निराकरण अब समय-सीमा में हो रहा है ।
इस अधिनियम के तहत प्राप्त होने वाले आवेदनों में नान डिजिटलाइज्ड नकल, मूल निवासी प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति-जनजाति प्रमाण-पत्र जैसे मामलों की संख्या सबसे अधिक होती है. माह जनवरी में नयी सरकार बनने के तुरत बाद शासन ने निर्देश जारी किए थे कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त होने वाले आवेदनों का निराकरण समय-सीमा के भीतर किया जाना सुनिश्चित किया जाए. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने पहले कलेक्टर कान्फ्रेंस के दौरान ही सभी विभागों के अधिकारियों और जिला कलेक्टरों को कहा था कि इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।
वर्तमान में लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के अंतर्गत 200 से अधिक नागरिक सेवाओं को अधिसूचित किया गया है. 126 सेवाएं आनलाइन माध्यमों से प्रदान की जाती हैं. अधिनियम के तहत इन सेवाओं को समय-सीमा के भीतर प्रदाय किए जाने की बाध्यता है ।
अक्टूबर-दिसंबर 2018 तक की अवधि में 5 लाख 73 हजार 459 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 4 लाख 21 हजार 243 समय सीमा के भीतर अनुमोदित किए गए. जबकि जनवरी-मार्च 2019 की अवधि में 5 लाख 30 हजार 892 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 4 लाख 22 हजार 598 समय सीमा के भीतर अनुमोदित किए गए ।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में अब तक नान डिजिटलाइज्ड नकल (भूमि दस्तावेज आदि) के लिए 37 हजार 561 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 34 हजार 745 अनुमोदित कर दिए गए हैं. मूल निवासी प्रमाण-पत्र के लिए 20 हजार 340 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 20 हजार 194 आवेदन अनुमोदित कर दिए गए हैं. अनुसूचित जाति-जनजाति प्रमाण पत्र के लिए प्राप्त 14 हजार 755 आवेदनों में से 13 हजार 695 आवेदन अनुमोदित कर दिए गए हैं. इसी तरह के 43 से अधिक मामलों के लिए कुल 1 लाख 36 हजार 86 आवेदन अब तक प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1 लाख 33 हजार 674 अनुमोदित कर दिए गए हैं ।