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रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय में सहायक ग्रेड 3 के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगा गया है। इसके लिए विज्ञापन भी जारी कर दिया गया है। जारी विज्ञापन के मुताबिक कुल 48 पदों पर भर्ती होनी है। अधिक जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय की वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती हैं। अभ्यर्थियों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। साथ ही टाइपिंग कौशल की परीक्षा भी अलग से आयोजित की जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता- 12वीं पास व कंप्यूटर में एक वर्षीय डिप्लोमा के साथ हिन्दी व अंग्रेजी टाइपिंग का अनुभव।
वेतनमान- 19500- 62000 (लेवल-4)
आयु सीमा- 1 अप्रैल 2019 को 18 वर्ष से अधिक और 40 वर्ष से कम हो। (सिर्फ छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों के लिए) (विभिन्न वर्गों को शासन के नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का प्रावधान)
आवेदन की प्रारंभिक व अंतिम तिथि- 20 मार्च 2019 से 31 मार्च 2019 तक
आवेदन शुल्क-
अजा/अजजा/निःशक्तजन- 200 रुपये
अन्य पिछड़ा वर्ग- 250 रुपये
सामान्य वर्ग- 300 रुपये
रायपुर । सरकारी नीतियों की मीडिया में आलोचना करने वालों की अब खैर नहीं। डीजीपी डीएम अवस्थी ने अपने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए इस संबंध में आदेश जारी किया है। बता दें यह आदेश सुकमा एसपी जितेंद्र शुक्ला और मंत्री विवाद के बाद जारी किया गया है।
डीजीपी अवस्थी ने विभाग के तमाम अधिकारियों और इकाई प्रमुखों को आदेश जारी करते हुए कहा कि मीडिया-सोशल मीडिया में किसी प्रकार का प्रशासनिक पत्राचार व जनप्रतिनिधियों से कोई भी पत्राचार करते समये निर्धारित प्रशासनिक व्यवस्था का खास ध्यान रखें।
परिपत्र जारी करते हुए डीजीपी ने अखिल भारतीय सेवा आचरण नियम 1968 का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते किसी भी प्रकार का दस्तावेज प्रस्तुत करना प्रतिबंधित है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से वर्ष 2017 में जारी किेए गए पत्र का हवाला देते हुए प्रावधान का उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

रायपुर । छत्तीसगढ़ की कमान संभालने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने जो अभूतपूर्व फैसले लिए उनकी तारीफ जनता तो कर ही रही है लेकिन अब इसकी गूंज सात समंदर पार भी पहुंच गई है। दो महीने अपने कार्यकाल में सीएम बघेल ने जनता के दिल खासी जगह बना ली है।
लंदन के ‘हाउस आफ लार्ड्स’ और ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ ने आदिवासियों को जमीन वापस करने के लिए श्री बघेल की पीठ तो थपथपाई ही है। इसके लिए श्री बघेल का ब्रिटिश संसद हाउस और हाउस ऑफ लार्डस में 19 मई को किया जायेगा। इतना ही नहीं सरकार की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बारी के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र भी दिया जाएगा। ये पहला ऐसा मौका होगा जब छत्तीसगढ़ के कोई मुख्यमंत्री इंग्लैंड के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे।
लंदन में हियर एंड नॉउ पीआर कंपनी के डायरेक्टर मीनष तिवारी बताया कि यूरोप में छत्तीसगढ़ की पहचान नक्सलवाद और एक पिछड़े हुए राज्य के रूप में थी। भूपेश सरकार के आदिवासियों की जमीन लौटाने और ऑर्गेनिक खेती को लेकर जो निर्णय लिए हैं उसको लेकर यूरोप में छत्तीसगढ़ की नई पहचान बनी है। ये पहली सरकार हैं जिन्होंने अदिवासियों के मामले को देखते हुए इस तरह के कार्यो को किया है।
रायपुर । छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में मंत्री और एसपी के बीच हुए लेटर वार ने सियासी घमासान तेज कर दिया है। मंत्री कवासी लखमा को एसपी जितेंद्र शुक्ला की लिखी चिट्ठी सामने आने के बाद एक ओर जहां एसपी का तबादला हो गया है, वहीं अब इस मुद्दे पर सियासी बवाल भी देखने मिल रहा है।
इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए मंत्री कवासी लखमा ने हरिभूमि से कहा कि वे 20 साल से विधायक हैं, लेेकिन पहली बार ऐसी चिट्ठी देखी जिसमें सीधे तौर पर जनप्रतिनिधि के अधिकारों को ही चुनौती देने की कोशिश की गई है। इतना ही नहीं, मंत्री ने यह भी साफ कर दिया है कि दोनों चिट्ठियों को वारयरल किसने किया, इसकी जाचं की जाएगी।
मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी का तबादला किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल धन्यवाद भी दिया है। उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा, मैं मंत्री होने से पहले उस जिले का 20 साल से विधायक हूं। जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र के लोग सुख दुख लेकर मेरे पास आते हैं। इसलिए उनके हितों को लेकर पत्र लिखना मेरा काम भी है और अधिकार भी।
चूंकि मुझसे संबंधित टीआई के संबंध में भी अवेदन किया गया था, इसलिए मैंने एसपी को चिट्ठी लिखी थी। लोकतंत्र में एसपी भी मंत्री को चिट्ठी लिख सकते हैं, लेकिन पत्र में अधिकारों को लेकर ही चुनौती दी गई है। यह भी कहा गया है कि किसी प्रकार बाहरी हस्तक्षेप उचित नहीं है। मंत्री का कहना है जब उन्हें क्षेत्र की जनता 20 साल से अपना प्रतिनिधि चुन रही है, तो किस आधार पर उन्हें बाहरी करार दिया जा सकता है और एसपी को इसका अधिकार किसने दिया कि वह पत्र लिखकर को लेकर चुनौती दें।
दाल में कुछ तो काला है
दोनों ही चिट्ठियों के वायरल होने को लेकर मंत्री कवासी लखमा ने कहा, मैं प्रतिपक्ष में रहते हुए भी अधिकारियों को चिट्ठी को वायरल करना और मुझे चिट्ठी भेजकर उसे भी लीक कराकर वायरल करना बेहद गंभीर मामला है। बेहद चतुराई से इसे अंजाम दिया है। चुंकि मेरे किसी कार्यकर्ता ने तो चिट्ठी को वायरल किया नहीं है, इसलिए दाल लमें कुछ काला है, यह साफ नजर आता है। चिट्ठियों को वायरल करने में किसकी भूमिका रही है, इसकी जाचं कराई जाएगी। इसक बाद सबकुछ सामने आ जाएगा।
ऐसी है एसपी की चिट्ठी
विशयांकित संदर्भित पत्र का अवलोकन करने का कश्ट करें। जिसके माध्यम से श्री सुरेंद पामभोई निरीक्षक थाना प्रभारी फुलबगड़ी जिला सुकमा का थाना प्रभारी नियुक्त किए जाने हेतु निर्देशित में लेख इस प्राकर हे कि जिले में कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक की होती है। जो वे अपने अधिनस्थ कार्यरत थाना प्रभारियों के माध्यम से करते हैं और यह पुलिस अधीक्षक का विशेषाधिकार है कि वे इस कार्य हेतु किसे नियुक्त करें या किसे हटावें। पुलिस अधीक्षक के उक्त कार्य में किसी प्रकार का बाहरी हस्ताक्षेप करना अथवा प्रभाव डालना उचित नहीं है। जिससे निरीक्षक सुरेंद्र पामभोई थाना प्रभारी फुलबगड़ी को थाना प्रभारी छिंदगढ़ या तोंगपाल बनाया जाना संभव नहीं है। पत्र आपकी ओर सादर प्रेषित है।
रायपुर । सुकमा एसपी जितेंद्र शुक्ल का ट्रांसफर मामला राजनीतिक रुप ले चुका है। जेसीसीजे ने इसको लेकर मुख्य चुनाव अधिकारी को पत्र लिखा है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) अध्यक्ष अमित जोगी ने सुकमा पुलिस अधीक्षक के स्थानांतरण और नेशनल हेराल्ड को सरकारी विज्ञापन देने कोआचार संहिता का खुला उल्लंघन बताया है। अपने पत्र में जोगी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम २००७ और आचार संहिता के सभी नियमों की धज्जियाँ उड़ाते राज्य शासन के एक मंत्री के दबाव में अति-संवेदनशील सुकमा ज़िले के पुलिस अधीक्षक का तबादला कर दिया गया।
समाचार पत्रों से ज्ञात हुआ है कि उक्त अधिकारी ने अपने स्थानीय विधायक और शासन के मंत्री के थानेदार को हटाने के निर्देशों का पालन करने से इनकार कर दिया और इस कारण प्रदेश सरकार द्वारा उनकी पदस्थापना के दो महीने बाद ही स्थानांतरण पुलिस मुख्यालय रायपुर कर दिया गया। इस से निश्चित रूप से बाक़ी अधिकारियों में भी प्रशासनिक भय और आतंक का वातावरण निर्मित हो रहा है जो चुनाव की निष्पक्षता के लिए घातक सिद्ध होगा।
रायपुर । लोकसभा चुनाव के मद्देनजर स्थैतिक निगरानी दल ने पहली बड़ी कार्रवाई की है. टाटीबंध चौक में व्यापारी अरुण कुमार चौरसिया से 2 लाख 25 हजार 500 रुपए नगदी जब्त कर लिया गया है. टाटीबंध चौक पर पॉइंट बनाकर यातायात निरीक्षक ईश्वर हरदेव अन्य कई आरक्षकों के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे ।
चेकिंग के दौरान अरुण कुमार चौरसिया के पास से सवा दो लाख रुपए नगदी बरामद किया गया. भौतिक सत्यापन के दौरान रुपयों के संबंध में व्यापारी ने कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया. जिसके चलते व्यापारी से रकम जब्त कर मामले की विस्तृत तस्दीक की जा रही है।
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू अहमदाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं. सीएम और होम मिनिस्टर दोनों सीडब्ल्यूसी की बैठक में शामिल होंगे. अहमदाबाद में आयोजित सीडब्ल्यूसी की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में होगी. इस बैठक में कांग्रेस पार्टी के दर्जनों आला नेता मौजूद रहेंगे।

K.W.N.S.- रायपुर। राज्यभर में जिला पुलिस बल के थानों में तैनात और माओवादी मोर्चे पर तैनात पुलिस जवानों को साप्ताहिक अवकाश मिलने की राह आसान नहीं है। पुलिस डिपार्टमेंट पहले से ही स्वीकृत पदों का पूरा नहीं कर पाया है और अब राज्यभर में रोज 7 हजार पुलिसकर्मियों को अवकाश देने अतिरिक्त फोर्स की जरूरत पड़ेगी।
अगर इतनी फोर्स का तत्काल इंतजाम नहीं किया गया तो थानों की विवेचना से लाॅ एंड आर्डर कंट्रोल करने में पुलिस की फजीहत हो जाएगी। सिर्फ रायपुर जिले में थानों पर तैनात पुलिसकर्मियों को रोज अवकाश देने के लिए 350 पुलिसकर्मियों की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी।
पुंलिस के एक्सपर्ट की मानें तो डिपार्टमेंट में दो तरफ की फोर्स की जरूरत पड़ेगी। जितने थानों और माओवादी इलाके में जवानों को अवकाश दिया जाएगा, उतने जवानों को ड्यूटी पर तैनात रखना होगा। राज्यभर में पूरी फोर्स के 10 फीसदी जवानों को एक बार में साप्ताहिक अवकाश दिया जाएगा तो 10 फीसदी अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगानी पड़ेगी। ऐसा करने पर ही सिस्टम बेहतर होगा, नहीं तो ला एंड आर्डर कंट्रोल करने में दिक्कतें होंगी।
सिस्टम बैठाने में पुलिस परेशान
राज्यभर में कुल करीब 70 हजार फोर्स है। इसमें 10 फीसदी पुलिस जवान रोज अवकाश पर रहेंगे। वहीं, करीब 20 हजार पुलिस जवानों के पद लंबे समय से रिक्त हैं। सिर्फ रायपुर में कुल 3500 बल तैनात है। इसमें रोज 350 पुलिसकर्मियों को अवकाश देना है।
ऐसे में 350 पुलिस बल की अतिरिक्त जरूरत पड़ेगी। इसमें प्रत्येक थाना प्रभारी को हफ्ते में एक दिन अवकाश देना है। इसे लेकर होमवर्क शुरू किया गया है, लेकिन सिस्टम बैठाने में अफसर भी परेशान हो गए हैं।
6 हजार पुलिसकर्मियों को लाभ नहीं
पुलिस मुख्यालय के आदेश के मुताबिक साप्ताहिक अवकाश का आदेश पुलिस दफ्तरों में लागू नहीं होगा। आईजी रेंज, डीआईजी, एसपी, सीएएफ के वरिष्ठ अफसरों के दफ्तरों, पुलिस मुख्यालय,छसबल रेडियो मुख्यालयों और ट्रेंनिग स्कूल एवं अकादमी में तैनात पुलिसकर्मियों को अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा। इससे राज्यभर में करीब 5 से 6 हजार पुलिसकर्मी साप्ताहिक अवकाश की सुविधा से वंचित रहेंगे।
ये आदेश जारी किया गया
रात्रिकालीन ड्यूटी के बाद अगले दिन अवकाश दिया जाएगा।
माओवादी प्रभावित इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों को 3 महीने में 8 दिन का अवकाश मिलेगा।
साप्ताहिक एक दिवसीय अवकाश प्रारंभिक तौर पर आरक्षक से लेकर निरीक्षक तक को मिलेगा।
एसपी अपने अपने जिले के थाना एवं चैकी क्षेत्रों में पदस्थकर्मियों का इस प्रकार से रोस्टर तैयार करेंगे, जिसमें प्रत्येक पुलिसकर्मी के अवकाश का दिन तय होगा।
वीवीआईपी ड्यूटी एवं कानून व्यवस्था की स्थिति में पुलिस अधीक्षक द्वारा साप्ताहिक अवकाश को स्थगित किया जा सकेगा। यह अवकाश पुलिसकर्मी को उसी माह या फिर अन्य परिस्थितियों में 1 दिन का जमा रहेगा।
अवकाश की गणना 12.5 पर रवानगी और रात्रि 11.55 की वापसी नहीं होगी। सामान्य अवकाश में रवानगी संध्या रोलकाॅल के बाद दी जाएगी और सुबह गणना के समय आमद कराई जाएगी।
रायपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर बीजेपी की अहम बैठक समाप्त होने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व सीएम रमन सिंह ने बताया, आज कि यह बैठक लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर रखी गई थी। आज चुनाव के अलग-अलग पदाधिकारी की बैठक हुई है, इसके माध्यम से आगामी समय के बैठकों की तारीख तय की गई है।
उन्होंने कहा, 13 से 16 मार्च के बीच बैठक होगी जिसमें आगामी कार्यक्रम के लिए भी एजेंडे तय किये जायेंगे। बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है और सभी ने मिलकर जोर शोर से तैयारियां भी शुरू कर दी है। बीजेपी के लिए एक वातावरण का निर्माण किया जा रहा है।
लोकसभा चुनाव लेकर पूर्व सीएम ने कहा, बीजेपी का एक मुद्दा है- कि आखिर देश का नेतृत्व कौन करेगा देश के मान सम्मान और गौरव बढ़ाने का काम मोदी जी ने किया है उनके अलावा दूसरा कोई विकल्प नही है।
वहीं डॉ. रमन कांग्रेस पर भी निशाना साधने नहीं चुके उन्होंने कहा, लोगों को भ्रम में लाकर विधानसभा चुनाव जीता था। अब जनता में 70 दिन में ही निराशा आ गई है। घोषणा पत्र के वायदों को पूरा नही किया कांग्रेस ने।
रायपुर । लोकसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा के साथ ही अब कांग्रेस और भाजपा में एक-दूसरे पर जुबानी और ट्विट हमले भी बढ़ गए हैं। दोनों पार्टियां एक दूसरे से जनता के सरोकार से जुड़े सवालों के जवाब मांग रही हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर राज्य में अपनी सरकार के 60 दिन के कार्यकाल का ब्योरा दिया।
उन्होंने बताया कि इन कामों के दम पर वे इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं। दूसरी तरफ इस कांफ्रेंस के बाद सीएम भूपेश बघेल ने एक ट्विट किया है, जिसमें उन्होंने देश के विकास को लेकर पीएम मोदी से जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने ट्विट में लिखा है कि, ‘हमने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर के अपना 60 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर दिया। क्या मोदी जी में हिम्मत है कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने 60 महीनों का रिपोर्ट कार्ड पेश करेंगे’ अब इस ट्विट पर प्रदेश भाजपा या पीएम मोदी की तरफ से किसी जवाब का इंतजार है।