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रायपुर । स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर सीएम भूपेश बघेल ने किया नमन. ट्वीट कर लिखा- तुम्हें अंदर से सीखना है सबकुछ । तुम्हें कोई नहीं पढ़ा सकता, कोई आध्यात्मिक नहीं बना सकता । अगर यह सब कोई सिखा सकता है तो यह केवल आपकी आत्मा है । युवाओं के प्रेरणास्रोत एवं आध्यात्म की प्रतिमूर्ति स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर श्रद्धापूर्वक नमन।

रायपुर । धान के समर्थन मूल्य में सिर्फ 85 रू. प्रति क्विंटल की वृद्धि को अपर्याप्त ठहराते हुये प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा बतायें कि लोकसभा चुनावों में किसानों की आय दुगुनी करने का वादा भाजपा कब निभायेगा ।
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार मोदी सरकार के किसान विरोधी रवैये से अप्रभावित रहेगी। किसानों को भूपेश बघेल की सरकार 2500 रू. प्रति कि्ंवटल देना जारी रहेगी। पिछले साल ही केन्द्र सरकार ने कृषि लागत एवं मूल्य आयोग ने धान का लागत मूल्य प्रति कि्ंवटल 1484 रू. तय किया था, जिसमें बीज, खाद, मजदूरी सहित सभी कृषि आदानो की लागत को जोड़ा गया है। भाजपा ने बार-बार किसानों से स्वामिनाथन कमेटी के सिफारिशों को लागू करने की बात कही है लेकिन इसे लागू करने का साहस और किसान समर्थक कम कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने छत्तीसगढ़ में कर दिखाया है। मोदी सरकार ने धान के लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत अधिक दाम देने का वादा क्यों नहीं निभाया? अगर भाजपा वाकई में किसान हितेषी होती तो 2014 के लोकसभा चुनाव में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का वादा निभाती। किसानों को धान के लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत अधिक दाम देने का वादा नहीं निभाने का कारण मोदी सरकार और भाजपा किसानों को, प्रदेश और देश की जनता को बतायें? किसानों को उनकी फसल की लागत मूल्य पर 50 प्रतिशत लाभ देने का साहस दिखाएं जैसा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार भूपेश बघेल की सरकार कर रही है। धान का 300 रू. बोनस 5 साल देने का संकल्प तक तो जिस भाजपा ने नहीं निभाया, उससे किसानों के भले की उम्मीद नहीं की जा सकती है।
किसान के छले जाने पर भाजपा जले पर नमक तो न छिड़के
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है झूठ की बुनियाद पर व ‘लागत+50 प्रतिशत’ मुनाफा की जुमलावाणी कर मोदी जी ने देश के अन्नदाता किसान का फिर से समर्थन तो हासिल कर लिया, पर पिछले 5 सालों से फसलों पर ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’ की के वादे कभी खरे नहीं उतरे। मोदी सरकार ने एक बार फिर किसानों को ‘राजनैतिक लॉलीपॉप’ दिखाकर नए जुमले गढे और फिर से सफलता प्राप्त करने किसानों को फिर से ठगना आरंभ कर दिया है। सच तो यह है कि ‘मोदीकाल’ में किसान ‘काल का ग्रास’ बनने को मजबूर हो गया है। न समर्थन मूल्य मिला, न मेहनत की कीमत। न कर्ज से मुक्ति मिली, न किसान के अथक परिश्रम का सम्मान। न खाद, कीटनाशक दवाई, बिजली, डीज़ल की कीमतें कम हुईं और न ही हुआ किसान को फसल के सही बाजार भावों का इंतजाम।अन्नदाता किसान का पेट केवल ‘जुमलों’ और ‘कोरे झूठ’ से भर सकता। प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री और संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि क्या झूठी वाहवाही लूटने, अपने मुंह मियाँ मिट्ठू बनने, ऊँट के मुंह में जीरा डाल नगाड़े बजाने व समाचारों की सुर्खियां बटोरने से आगे बढ़कर मोदी जी देश को और किसानों को जवाब देंगे?
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि आज घोषित खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य ‘लागत + 50 प्रतिशत’ की शर्त को कहीं भी पूरा नहीं करता। यह किसान के साथ धोखा है।
अगर पिछले चार वर्षों में ‘लागत + 50 प्रतिशत’ मुनाफा सही मायनों में मोदी सरकार ने किसान को दिया होता, तो लगभग 200000 करोड़ रुपया किसान की जेब में उसकी मेहनत की कमाई के तौर पर जाता। परंतु मोदी सरकार यह करना भूल गई। मोदी सरकार ने जानबूझकर ‘कृषि लागत एवं मूल्य आयोग’ की चालू साल 2018-19 की सिफारिशों को सार्वजनिक नहीं किया। आज मोदी मंत्रीमंडल ने खरीफ फसलों के मूल्यों की घोषणा कृषि मूल्य आयोग द्वारा पिछले साल, यानि 2017-18 के लागत मूल्य आंकलन को भी ध्यान में रखकर नहीं की है, कृषि मूल्य आयोग के मौज़ूदा साल यानि 2018-19 के लागत मूल्य आंकलन के आधार पर तो किसान के साथ धोखाधड़ी की ही है।
20 जून, 2018 को नमो ऐप पर किसानों से बातचीत करते हुए खुद मोदी जी ने ‘लागत + 50 प्रतिशत’ का आंकलन के आधार पर देने का वादा किया स्पष्ट तौर पर कहा कि फसल की लागत मूल्य में किसान के मज़दूरी व परिश्रम बीज खाद, मशीन , सिंचाई, ज़मीन का किराया आदि शामिल किया जाएगा। फिर वह वायदा आज फिर से जुमला बन गया।
मोदी सरकार किसानों की मसीहाई का नाटक बंद करें। भाजपा की अटल बिहारी बाजपेई सरकार ने धान का समर्थन मूल्य 6 वर्षो में 490 रू. से 550 रू. किया था। (मात्र 60 रू. की वृद्धि), अब मोदी सरकार ने चार वर्षो में मात्र 200 रु.की थी और पिछले साल 200 रू. की वृद्धि की थी। इस वर्ष सिर्फ 85 रू. प्रति क्विंटल की वृद्धि किसानों के साथ भद्दा मजाक है। भाजपा की सरकारों ने धान का समर्थन मूल्य 11 वर्षो में कुल 460 रू. की वृद्धि की है, जो कि स्पष्ट रूप से भाजपा के किसान विरोधी धान विरोधी रवैये को उजागर करती है। जबकि कांग्रेस ने 10 वर्षो में 890 रू. की वृद्धि की है। यूपीए 1 में धान का समर्थन मूल्य 5 वर्षों में 2004 से 2009 तक 450 रूपयें बढ़ाया गया। (550 रू. प्रति कि्ंवटल से 900 रू. प्रति कि्ंवटल) और यूपीए 2 में 2009 से 2014 तक 5 वर्षों में धान का समर्थन मूल्य 440 रूपयें बढ़ाया गया।
रायपुर । कलेक्टर रजत बंसल ने आज सुबह राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की। डायवर्सन के पुनर्निर्धारण के प्रकरणों में अभिमत प्रेषित करने में विलम्ब करने वाले पटवारियों, राजस्व निरीक्षकों तथा संबंधित लिपिकों को भी कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने कहा कि राजस्व के प्रकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले होते हैं तथा इसमें लापरवाही बरतने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह आयोजित बैठक में कलेक्टर ने राजस्व के तहसीलवार प्रगति की समीक्षा की।गत दो माह में राजस्व वसूली की धीमी गति पर कलेक्टर ने नाराजगी इसमें तेजी लाने के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने जाति, आय, निवास प्रमाण-पत्र बनाए जाने, भू-अर्जन, आबादी सर्वेक्षण, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी पट्टा वितरण, नामांतरण, विवादित एवं अविवादित बंटवारा, बी-वन, खसरा, नक्शा अद्यतीकरण, अभिलेख दुरूस्तीकरण, किसान-किताब निर्माण एवं वितरण सहित विभिन्न राजस्व मामलों की अनुभागवार समीक्षा की। साथ ही प्रकरणों के निराकरण के उपरांत अनिवार्य रूप से उनकी आनलाइन प्रविष्टि कराने के निर्देश दिए। इसकी वजह से प्रविष्टि नहीं कराने की दशा में निराकृत प्रकरण भी अनावश्यक रूप से लंबित दर्शित होते हैं। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री दिलीप अग्रवाल, तीनों अनुभाग के एसडीएम सहित डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।
पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर । नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल से सौजन्य भेट की । कुरुद विधायक अजय चंद्राकर, विधायक शिवरतन शर्मा सहित छत्तीसगढ़ बीजेपी के अन्य नेता भी मौजूद ।

रायपुर । राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा है कि रथयात्रा हमारी आस्था एवं संस्कृति से जुड़ा पर्व है। ऐसे त्यौहार हम सबको एक सूत्र में बंधने का अवसर देते हैं और आपसी सौहार्द्र बढ़ाते हैं। राज्यपाल ने इस अवसर पर सभी नागरिकों की खुशहाली की कामना की है ।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जन चौपाल की नई वेबसाइट लांच किया। अब जनचौपाल की वेबसाईट http://www.janchaupal.cg.nic.in के जरिये आवदेकों को उनके आवेदन के पंजीयन और निराकरण की जानकारी सीधे मोबाईल पर मिलेगी।
सरगुजा के ग्राम झेराडीह से आए मनोज त्रिपाठी ने आज जन चौपाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से भेंट कर नरवा, गरवा, घुरवा, बारी योजना शुरु करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री से मिलने वे अपनी पत्नी और तीन बच्चों के साथ रायपुर आए थे।

रायपुर । मुख्यमंत्री निवास में आज भूपेश बघेल के कार्यकाल का पहला भेंट मुलाकात कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री आम जनता से सीधे रू-ब-रू होकर उनकी समस्याएं सुनी और उनके यथा संभव निराकरण के निर्देश दिए। इस क्रम में आज शासकीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति आयुष एवं विज्ञान विश्वविद्यालय स्थित फॉर्मेसी संकाय के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपकर उनकी समस्याओं का निराकरण करने का आग्रह किया ।
वर्ष 2016-17 में राजनांदगांव और रायपुर में फार्मेसी महाविद्यालय की स्थापना हुई थी। इन दोनों महाविद्यालयों का संयुक्त संचालन अब रायपुर में किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने इस महाविद्यालय के लिए स्वयं का भवन, प्राध्यापकों की व्यवस्था, लैब, गुणवत्तापूर्ण अध्यापन, सेमेस्टर की नियमित परीक्षा, ए.आई.सी.ई.टी से संबद्धता आदि का शीघ्र समाधान करने का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। मुख्यमंत्री ने उनके आवेदन पर प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

रायपुर । करीब पौने चार साल से रायपुर विमानतल पर खड़ी बांग्लादेशी की फ्लाइट का किराया ही सवा करोड़ पहुंच गया है। विमानन अधिकारियों का कहना है कि इस विमान को यहां से हटाने की प्रक्रिया कभी भी शुरू हो सकती है। इस फ्लाइट को वापस ले जाने के संबंध में हर महीने मेल भेजने वाली रायपुर अथॉरिटी भी परेशान हो चुकी है। उसका कहना है कि बीते छह महीनों से तो कंपनी ने जवाब देना ही बंद कर दिया है और अब रायपुर अथॉरिटी ने भी सीधे इसकी जानकारी अपने हेड ऑफिस को लिखकर दे दी है कि कंपनी की ओर से छह महीने से कोई जवाब नहीं आया है। सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि इस प्रकार अभी तक बांग्लादेशी कंपनी द्वारा कोई ध्यान नहीं दिए जाने के कारण लीगल कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। विशेषकर ऐसी स्थिति में जब कंपनी ने अपनी ओर से मेल का जवाब देना ही बंद कर दिया है।
पिछले साल जुलाई में 300 मीटर खिसकाया गया था विमान
इस बांग्लादेशी फ्लाइट को पिछले साल जुलाई में 300 मीटर खिसकाया गया था। उस समय कंपनी के अधिकारियों ने कहा भी था कि इस फ्लाइट को जल्द से जल्द यहां से ले जाने की कवायद होगी, लेकिन उसके बाद फिर से फ्लाइट जस की तस खड़ी हुई है।
सात अगस्त, 2015 में हुई थी आपात लैंडिंग
गौरतलब है कि बांग्लादेशी फ्लाइट की आपात लैंडिंग रायपुर विमानतल में सात अगस्त 2015 को हुई थी । इस फ्लाइट में करीब 176 यात्री सवार थे। चौबीस घंटे बाद यानी आठ अगस्त को इन यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भिजवाने की व्यवस्था की गई थी।

रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कल 3 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में जनता से रुबरु होंगे। मिलने से पहले सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर लिखा – मैं जनता का मुख्यमंत्री हूँ। प्रत्येक जगह अपनी जनता से मिलना चाहता हूँ, चाहे वह मेरा निवास ही क्यों न हो! मुख्यमंत्री निवास पर आप सबका स्वागत करता हूँ।

रायपुर । छत्तीसगढ़ में बनाए जा सकते है सात नए जिले, भूपेश सरकार ने संभाग आयुक्तों से मंगाया विधिवत प्रस्ताव। राज्य शासन ने रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, और सरगुजा आयुक्तों को पत्र लिखकर नए जिलों गठन से संबधित सभी जानकारियां भेजने के निर्देश दिए.
