Browsing: रायपुर

 
रायपुर । भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक 16 जून को सुबह 11 बजे भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में होगी। इसमें 6 जुलाई से शुरू हो रहे सदस्यता अभियान पर विशेष रूप से चर्चा होगी।
राष्ट्रीय कार्यसमिति के एजेंडे से अवगत कराया जाएगा। नगरीय निकाय व पंचायतों के चुनाव पर बातचीत होगी। राष्ट्रीय कार्यसमिति में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिले होमवर्क व अगले तीन-चार महीनों में संगठन को जिन मुद्दों पर काम करना इसकी योजना बनाई जाएगी। राज्य में पार्टी कम से कम दस प्रतिशत सदस्यता बढ़ाएगी। बैठक में खासतौर से राज्य सरकार के कामकाज और उस पर हमलों को लेकर रणनीति बनेगी। बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, राष्ट्रीय महामंत्री व प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन, राष्ट्रीय महामंत्री सरोज पाण्डेय, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, रामविचार नेताम, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय व सदस्य शामिल होंगे। प्रदेश प्रभारी डॉ. अनिल जैन सोमवार को सुबह 10 बजे नियमित विमान से रायपुर पहुंचेंगे। वे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होंगे। जैन बैठक में शामिल होने के बाद सोमवार शाम को ही नियमित विमान से दिल्ली रवाना होंगे।
संगठन विस्तार पर चर्चा : छत्तीसगढ़ में भाजपा संगठन का अब विस्तार होगा। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी की टीम में करीब एक दर्जन नए चेहरों को जगह मिलेगी। इसके साथ ही मोर्चा-प्रकोष्ठ में भी बदलाव होगा।भाजपा केंद्रीय संगठन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अमित शाह के कार्यकाल को चार राज्यों के विधानसभा चुनाव तक बढ़ा दिया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में संगठन विस्तार पर भी केंद्रीय संगठन ने सहमति दी है। प्रदेश संगठन के महामंत्री संतोष पांडेय और उपाध्यक्ष सुनील सोनी सांसद चुने गए हैं। इसके साथ ही कई पद रिक्त हैं, जिसे भरने की सहमति मिल गई है।
भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले दिग्गज नेताओं को संगठन में जगह मिल सकती है। विधानसभा चुनाव में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा था और सिर्फ 15 विधायक ही जीत पाए थे।
सांसद संतोष पांडेय सदस्यता अभियान के प्रमुख बने
राजनांदगांव सांसद संतोष पांडेय को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गयी है। संतोष पांडेय को बीजेपी में शुरू होने जा रहे सदस्यता अभियान के लिए छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया है। संतोष पांडेय के अलावे किरण देव को सह प्रभारी बनाया गया है। सदस्यता अभियान के प्रमुख बनाये गये शिवराज सिंह चौहान ने सदस्यता अभियान के संचालन को लेकर ये नियुक्ति की है। शिवराज सिंह चौहान ने 17 जून को सदस्यता अभियान को लेकर एक बैठक बुलायी है, जिसमें अभियान के स्वरूप और विस्तार को लेकर गंभीरता से चर्चा की जायेगी। इस बैठक में संतोष पांडेय के साथ-साथ किरणदेव को भी बुलाया गया है। इससे पहले सांसद संतोष पांडे को भाजपा संसदीय कमेटी में सचेतक बनाया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी संसदीय दल की कार्यकारिणी का गठन किया गया। पार्टी की ओर से जारी की गई कार्यकारिणी में पांडे को सचेतक नियुक्ति किया गया था।

 रायपुर । भूपेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सहायिका, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतन में वृद्धि की है। मानदेय की ये राशि 1 जुलाई से लागू हो जायेगी। मतलब अगस्त में मिलने वाला मानदेय आंगनबाड़ी के कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मिलेगा। वर्तमान में कार्यकर्ताओं को 5000 रुपये का मानदेय मिला करता था, जो केंद्र के अंशदान के साथ कार्यकर्ताओं को दिया जाता था। अब उनमें 1500 रुपये की वृद्धि कर अब 6500 रुपये कर दिया गया है। वैसे ही आंगनबाड़ी सहायिकाओं को 2500 दिया जाता था जो अब 750 रू वृद्धि के साथ अब 3250 रू मिला करेगी। वहीं मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पहले 3250 रू दिया जा रहा था, उनके मानदेय में 1250 रू बढ़ाकर अब 4500 रू दिया जायेगा। सरकार के इस फैसले के बाद अब आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य कर रहे लाखों कार्यकर्ताओं के चेहरे पर खुशी की लहर दिख रही है। कई सालों से मानदेय वृद्धि को लेकर आंगनबाड़ी के कार्यकर्ताओं ने राजधानी सहित प्रदेश में आंदोलन भी किया था। पूर्व में कांग्रेस के घोषणा पत्र में इस मांग को पूरा करने की बात की गयी थी। जिसे आज सरकार ने लेटर जारी कर घोषणा की है।

रायपुर । प्रदेश में इस वर्ष के संग्रहण सीजन में चिरौंजी गुठली 109 रूपए प्रति किलो ग्राम के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किए जायेंगे। चिरौंजी गुठली का संग्रहण प्रारंभ हो चुका है। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा है कि राज्य सरकार वनवासियों को वनोपज के अच्छे दाम दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। शासन की मंशा है कि इन्हें लघु वनोपजां के विक्रय का अधिक से अधिक लाभ मिले और इनका जीवन बेहतर हो।
भारत शासन की न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत राज्य शासन द्वारा चिरौंजी गुठली के परिपेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री राकेश चतुर्वेदी ने जिला यूनियनों द्वारा चिरौंजी गुठली के क्रय हेतु आवश्यक राशि प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों को समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
प्रबंध संचालक श्री चतुर्वेदी ने समस्त वनमण्डलाधिकारी एवं जिला वनोपज सहकारी यूनियन मर्यादित को निर्देशित देते हुए कहा है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चिरौंजी गुठली का क्रय पहले की भांति प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के माध्यम से किया जाएगा। यह समितियां आवश्यकता अनुसार फड़ो का निर्धारण करेंगी। उन्होंने कहा है कि इसके संग्राहकों को अनिवार्य रूप से संग्रहण कार्ड उपलब्ध कराया जाए। इसमें समय-समय पर वनोपज के संग्रहण और पारिश्रमिक भुगतान की प्रविष्टि की जाएगी। श्री चतुर्वेदी ने कहा है कि चिरौंजी गुठली क्रय करते समय यह ध्यान रखें कि वह उच्च गुणवत्तायुक्त हो। इसके लिए गुठली के नमूने का निर्धारित विधि अनुसार परीक्षण कर लिया जाए।
उन्होंने कहा है कि चिरौंजी गुठली क्रय करने के पश्चात् जल्द से जल्द समस्त जिला यूनियन चिरौंजी गुठली को शीतगृह में भंडारण के लिए भेजेंगे। चयनित शीतगृह तक चिरौंजी गुठली के परिवहन शासकीय ट्रकों से या मुख्य वन संरक्षक एवं पदेन महाप्रबंधक के द्वारा स्वीकृत खुली दर से किया जाएगा।
प्रबंध संचालक ने कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को सूचित किया जावे कि चिरौंजी गुठली की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के द्वारा नियुक्त फड़ मुंशी के द्वारा की जावेगी। पंचायत ग्रामीणों को यह सलाह भी दें कि किसी व्यापारी को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर चिरौंजी गुठली का विक्रय नहीं करें।
श्री चतुर्वेदी ने कहा है कि यह ध्यान रखें अन्य व्यापारियों, ट्रांजिटों एवं अन्य राज्यों से आने वाले चिरौंजी गुठली का क्रय इस योजना के तहत् कदापि ना किया जाए। इसके लिए वन विभाग, पुलिस विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा समन्वय बनाकर नियंत्रण रखा जाए। आवश्यकतानुसार जिला कलेक्टर के द्वारा प्रभावी क्रियान्वयन हेतु फ्लाईंग स्क्वाड का गठन भी किया जाए।

 
 
 
रायपुर  । दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा- कल नीति आयोग की बैठक है, उसमे हम भी शामिल होंगे, राजद्रोह जैसे अपराध नहीं होने चाहिए, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, आगे सीएम भूपेश बघेल ने कहा- “डिनर पार्टी दी गयी है, मैं भी जाऊंगा” हालांकि कमलनाथ की इस डिनर पार्टी में कुछ और अहम मुद्दों पर भी चर्चा होगी। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज से दो दिवसीय दौरे पर दिल्ली रवाना हुए हैं, जहां वो राज्यों से जुड़े मुद्दों को रखेंगे।

 रायपुर ।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. ई.राघवेन्द्र राव की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। सीएम  बघेल ने डॉ.ई.राव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने देशभक्ति का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी योग्यता और प्रतिभा के बल पर देश और जनहित के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किये। वे भारतीयों के अधिकारों के संरक्षण के लिए सदा संघर्षशील रहे। सीएम  बघेल ने कहा कि हमने बहुत संघर्षों के बाद आजादी पाई है। देशभक्तों के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें देशहित के कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए।

 
 
 
 
 
 

 
 
रायपुर । छछानपैरी गांव में तीन साल पहले हुई गोदावरी देवी की हत्या की फाइल अब हमेशा के लिए बंद होती दिखाई दे रही है। दरअसल हत्याकांड के एक मात्र चश्मदीद गवाह 81 वर्षीय आसाराम डहरिया की बुधवार की आधी रात निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वे लंबे समय से बीमार थे।
हत्याकांड के समय पत्नी गोदावरी को बचाने के दौरान आसाराम पर भी जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन वे संघर्ष करते हुए बच गए थे। कई महीने तक निजी अस्पताल में भर्ती रहने के बाद स्वस्थ होकर घर लौटे थे, लेकिन सिर में लगी चोट की वजह से उनकी याददाश्त कमजोर हो गई थी।
पुलिस को दिए गए बयान में आसाराम ने हमलावरों को देखने की जानकारी दी थी, परंतु नाम नहीं बता पाए। लिहाजा हत्याकांड का खुलासा अब तक नहीं हो पाया। 10-11 जून 2016 की दरम्यानी रात राजधानी से लगे सेजबहार थाना क्षेत्र के छछानपैरी गांव में कांग्रेस सरकार के मंत्री शिव डहरिया की मां गोदावरी देवी की निर्मम हत्या हुई थी।
पुलिस ने जांच के आधार पर शिव के भाई नरेंद्र डहरिया पर शुरू से हत्या करने का शक जताते हुए उसका पालीग्राफी टेस्ट तक कराया, लेकिन आरोप साबित करने लायक सबूत नहीं मिल पाया। इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रह गया।
छछानपैरी गांव के लोगों के जेहन में अभी भी हत्याकांड का खौफनाक मंजर ताजा है। गांव वालों का कहना है कि मंत्री डॉ. शिव डहरिया चाहें तो अपनी मां की हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआइटी गठित करवाकर नए सिरे से जांच करवा सकते हैं, लेकिन अभी तक उनकी ओर से ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। जबकि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार से लगातार हत्याकांड की सीबीआइ जांच कराने की मांग वे कई बार करते रहे हैं।
हत्याकांड को दबाने पुलिस पर जांच की दिशा बदलने का आरोप
मंत्री डहरिया के छोटे भाई नरेंद्र ने पुलिस पर जांच की दिशा परिवार की तरफ मोड़कर केस को दबाने का आरोप लगाया था। नरेंद्र ने मां की हत्या की नए सिरे जांच कराने की आवाज कई अफसरों के सामने उठाई थी।
तत्कालीन आइजी दीपांशु काबरा से नरेंद्र ने भेंटकर जांच की मांग की थी, जिस पर आइजी तैयार हो गए थे और कवायद भी शुरू की थी। इसी बीच उनका तबादला हो गया। पिछले दिनों ही एसएसपी आरिफ शेख से नरेंद्र ने हत्याकांड में ससुराल पक्ष का हाथ होने का संदेह जताकर जांच की मांग की थी, परंतु केस की फाइल डंप पड़ी है।

रायपुर । जमीन फर्जीवाड़ा करने वालों पर राजधानी पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। ऐसे ही एक मामले में मंदिर हसौद थाना क्षेत्र में राम अवतार अग्रवाल नामक व्यक्ति की जमीन को अपना बताकर बेचने वाले पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम मास्टर माइंड योगेश्वर साहू जिला धमतरी, हल्लू राम सोनवानी मंदिर हसौद, चैनसिंग विश्वकर्मा दुर्ग, दाऊलाल विश्कर्मा और कृष्णा यादव टिकरापारा है।

 
 
रायपुर । मालवीय रोड स्थित जवाहर बाजार में निर्माणाधीन मल्टीलेवल पार्किंग विद कॉम्प्लेक्स को लेकर नगर निगम और यहां के दुकानदारों के विवाद गरमाया हुआ है। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड इस इमारत का निर्माण करवा रहा है। निर्माण के दौरान यहां 27 दुकानों का अड़ंगा था। इन्हें खाली करवाने के लिए जोन 4 आयुक्त ने 12 दुकानदारों को नोटिस थमा दिया। अब सभी दुकानदारों को नोटिस नहीं जारी होने को लेकर विवाद हुआ। निगम ने शेष 15 को भी नोटिस थमा दिया। जब शुक्रवार की सुबह निगम अमला दुकानों को तोडऩे पहुंचा तो हंमागा खड़ा हो गया। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें स्मार्ट सिटी लिमिटेड समय सीमा बताए कि निर्माण कितने दिनों में पूरा होगा। इसे लिखित में दें। विवाद बढ़ता चला गया। रायपुर पश्चिम विधायक विकास उपाध्याय भी दुकानदारों के समर्थन में आ गए। तय हुआ कि शाम को निगम आयुक्त के सामने चर्चा होगी। शाम को इस बात से सुलह हुई कि निगम 365 दिन यानी साल भर में दुकानें बनाकर देगा। व्यापारी इससे राजी हो गए। दूसरी तरफ निगम ने इनकी दुकान का सामान रखने के लिए सुभाष स्टेडियम की दुकानों के ताले खोल दिए हैं।

 
रायपुर । राजधानी के लोगों की सुविधा के लिए स्काईवॉक का निर्माण कराया गया है। सड़क की ट्रैफिक को कम करने के लिए प्लान बनाया गया था। ये जनता के पैसा से बना है, किसी व्यक्ति की हठधर्मिता का पैसा नहीं है। जरूरत पड़ी तो बीजेपी सड़क तक की लड़ाई लड़ेगी। राजधानी में बन रहे स्काईवॉक को तोडऩे की चर्चा के बीच पूर्वमंत्री राजेश मूणत ने कहा कि सरकार प्रदेश में कुछ भी विकास का काम नहीं कर रही है सिर्फ लोगों को भटकाने के लिए स्काईवॉक का मुद्दा उठा रही है। शहर में विकास पर राजनीति चालू हो गई है। राजेश मूणत ने कहा कि 2013 के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री बनने के बाद काम करने का मौके मिला। शहर को विकसित करना हमारी कार्ययोजना था। एनएच को विकसित करना, चौड़ीकरण करना, एक्सप्रेस वे बनाना, इन विषय पर कार्य करना शुरु किया था. पीएचक्यू से रेलवे तक फ्लाईओवर, आरकेसी तक फ्लाईओवर पर विचार किया गया था। इसके बाद शास्त्री चौक में लोगों के आवागमन के लिए सुविधाओं की कवायद महसूस हुई। उन्होंने कहा कि एक सर्वे के मुताबिक 27 हजार लोग पैदल चलते है। यातायात के दबाव को देखते हुए ये प्लान बनाया गया। निगम के साथ सर्वे के बाद महापौर कमिश्नर, कलेक्टर सभापति और एसपी के सामने प्रेजेंटेशन कर ये योजना बनाई थी। एस्किलेटर लगाकर लोगों के लिए सुविधाजनक आवागमन के व्यवस्था के लिए नीचे की ट्रैफिक को कम करने ये प्लान लाया गया था। उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक विषय नहीं है, इसमें सुविधाओं का कैसे विस्तार करे इस पर विचार की आवश्यकता है। सकारात्मक सोच के साथ कुछ करिए, अब विरोध करने वाले उस दिन प्रेजेंटेशन में मौजूद थे. अब इसे राजनीतिक मुद्दा बना कर ध्यान भटकाया जा रहा है. बिजली गुल हो रही, लेकिन स्काई वॉक का मुद्दा उठाया जा रहा है। जो विकास के कार्य बीजेपी ने किए वो धीरे-धीरे रुक गए है। फीचर डेवलोपमेन्ट के तहत इस कार्य को किया था। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब इस योजना को रखा गया तो कांग्रेस के किसी भी व्यक्ति ने इसका विरोध नहीं किया था। सिर्फ़ रेणु जोगी ही कुछ सवाल उठाई थी।
पेयजल समस्या पर नगर निगम में भाजपा का जंगी प्रदर्शन
शहर में लगातार बढ़ रहे पेय जल संकट पर रायपुर के महापौर एवं उनकी परिषद द्वारा कोई गंभीर व्यवस्था नही किये जाने के विरोध में भारतीय जनता पार्टी रायपुर आज नगर निगम रायपुर के मुख्यालय में जंगी प्रदर्शन करने जा रही है। प्रदर्शन को लेकर गुरुवार को भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार अग्रवाल ने जिला पदाधिकारीयों, भाजपा पार्षद दल, मंडल अध्यक्ष, मोर्चा प्रकोष्ठो के अध्यक्षों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

 
 
रायपुर । पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों से मारपीट के बाद जारी हड़ताल अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गया है. राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी जूनियर डॉक्टर्स, नर्स के साथ रेसिडेंस डॉक्टर भी विरोध कर हड़ताल कर रहे हैं. डॉक्टर्स की हड़ताल से मरीज परेशान हो रहे है. ओपीडी में कोई भी डॉक्टर इलाज करने नहीं जा रहा है. केवल एमरजेंसी सेवा में ही इलाज की बात कह रहे है. इलाज नहीं होने से मरीज भटक रहे है. यह हड़ताल सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा । 
डॉक्टरों का कहना है कि डॉक्टर कहीं भी महफूज नहीं है. पश्चिम बंगाल में जिस तरीके से डॉक्टर के साथ मारपीट हुई वह घटना काफी निंदनीय है. हमारे साथ भी आए दिन ऐसी घटना होती रहती है. सरकार हमारी सेफ्टी के लिए कदम उठाए, एक डॉक्टर मरीज को बचाने की भरपूर कोशिश करता है. पश्चिम बंगाल में भी उस डॉक्टर ने हरसंभव प्रयास मरीज को बचाने के लिए किया, लेकिन मरीज नहीं बच पाया इसके बाद उस डॉक्टर को बुरी तरीके से मारा गया । 
उन्होंने कहा कि उससे ज्यादा दुर्भाग्य यह है कि वहा की ममता बनर्जी की सरकार ही डॉक्टरों के खिलाफ में है. ममता बनर्जी का भी बयान जो सामने आया है वो काफी शर्मनाक है. इसलिए इसके विरोध में सभी डॉक्टरों ने यहां मेकाहारा में काम काज बंद किया है. इधर इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों की हड़ताल के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी. मरीज इलाज के लिए इधर उधर भटकते नजर आ रहे हैं । 
जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टरों के खिलाफ हिंसा को लेकर बंगाल में दो प्रोफेसरों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. प्रोफेसर सैबाल कुमार मुखर्जी ने एनआरएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल कोलकाता के प्रिंसिपल और मेडिकल सुपरिटेंडेंट और प्रोफेसर सौरभ चट्टोपाध्याय ने वाइस-प्रिंसिपल पद से इस्तीफा दे दिया है । 
इससे पहले पश्चिम बंगाल में हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने दोपहर दो बजे तक काम पर लौटने के ममता बनर्जी के निर्देश को नहीं माना और कहा कि सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा संबंधी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा ।